भारी बारिश के बीच पूरे जोश और उत्साह के साथ भक्तों ने बप्पा को दी विदाई

भारी बारिश के बीच पूरे जोश और उत्साह के साथ भक्तों ने बप्पा को दी विदाई

आस्था के महाकुंभ में उमड़ा जन सैलाब

भारी बारिश के बीच पूरे जोश और उत्साह के साथ भक्तों ने बप्पा को दी विदाई

नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ होने की मनाई गई खुशियां


आस्था से जब सच्चे भाव प्रकट होते हैं, तो प्रकृति की कोई भी बाधा मार्ग नहीं रोक सकती। तूफान थम जाते हैं, बदरा रास्ता दे देते हैं, क्योंकि जहाँ अटूट विश्वास होता है, वहाँ स्वयं विधाता सारथी बन जाता है। भिलाई के इतिहास में कई स्वर्णिम अध्याय देखे हैं, लेकिन ‘आस्था-रथ सांस्कृतिक मंच’ द्वारा आयोजित ‘श्री गणेश विसर्जन महोत्सव’ के दौरान भिलाई की जागरूक जनता ने श्रद्धा का जो इतिहास रचा, उसकी गूंज युगों-युगों तक सुनाई देगी। यह गवाही है उस ऐतिहासिक दिन की, जब आसमान ने इम्तिहान लेने की ठानी और लगातार 36 घंटों तक मूसलाधार बारिश होती रही। सड़कें जलमग्न थीं, हवाओं में कड़क थी और मानसूनी बेरहमी अपने चरम पर थी। कोई भी साधारण आयोजन ऐसी स्थिति में घुटने टेक देता। लेकिन, बप्पा की अलौकिक माया से न तो विसर्जन झांकियों के कदम डगमगाए और न ही भिलाईवासियों का हौसला डिगा। मूसलाधार बारिश की एक-एक बूंद भक्तों की आस्था के सैलाब के आगे बौनी साबित हो गई। ढोल-ताशों की थाप और ‘गणपति बाप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के गगनभेदी जयकारों के बीच, हजारों-लाखों श्रद्धालु भीगते हुए, मुस्कुराते हुए अपनी अटूट श्रद्धा प्रकट करने सिविक सेंटर के आस्था-चौक पर डटे रहे। 36 घंटे की वो अनवरत बारिश भी भिलाई की इस साझी सांस्कृतिक विरासत के जोश को ठंडा नहीं कर सकी।

आस्था-रथ सांस्कृतिक मंच का 11वें वर्ष का आयोजन छत्तीसगढ़ पुलिस के शौर्य और साहस को समर्पित रहा जो कई मायनों में बेहद खास रहा। भारी बारिश के बीच इतिहास रचते हुए भक्तों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ बप्पा को विदाई दी। इस अवसर पर धर्म और संस्कृति की अदभुत झलक नजर आई। राउत नाचा, धुमाल, ढोल नंगाड़ा पारंपरिक नृत्य और देवी देवताओं की वेशभूषा धारण कर कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वही उपस्थित लोगो ने देशभक्ति के गीतों में झूमकर हमारे सेना और पुलिस के जवानों के शौर्य को नमन किया।

अनेकता में एकता की दिखी तस्वीर

आस्था रथ सांस्कृतिक मंच के 11 वें वर्ष के आयोजन में राजनीति से परे एकता का संदेश देते हुए विभिन्न दलों के जनप्रतिनिधि और समाजसेवी शामिल हुए । कार्यक्रम में दुर्ग सांसद विजय बघेल, खादी एवं ग्रामोदयोग बोर्ड के अध्यक्ष राकेष पाण्डेय, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, श्री रामजन्मोत्सव समिति युवा विंग के अध्यक्ष मनीष पाण्डेय, नगर निगम भिलाई की पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं पार्षद सुभद्रा सिंह, फिल्म अभिनेत्री श्वेता पडडा, डॉ.सुशोवन रॉय, डॉ मंजू रॉय सहित समाज के अन्य लोग शामिल हुए । यहां पहुंचे सभी अतिथीयों ने आस्था-रथ सांस्कृतिक मंच द्वारा गणेश पूजन समितियों को हर वर्ष सम्मानित कर उनका हौसला बढाने और सभी को एक जुट कर भिलाई की एकता और अखंडता को परिभाषित करते हुए धर्म और संस्कृति की रक्षा करने के लिए बधाई दी साथ ही भिलाईवासियों को उनकी अटूट श्रृद्धा के लिए नमन किया।

छत्तीसगढ़ पुलिस को समर्पित रहा मंच

आस्था-रथ सांसकृतिक मंच का ग्यारहवें वर्ष का आयोजन छत्तीसढ़ पुलिस के जवानों के लिए समर्पित रहा। छत्तीसगढ़ को नक्समुक्त करने में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ पुलिस के जाबाज इंस्पेक्टर शौर्य चक्र प्राप्त लक्ष्मण केवट और रामेश्वर प्रसाद देशमुख को उनकी अद्वितीय वीरता, रणभूमि में सूझबूझ और अदम्य साहस और वीरता को लिए नमन करते हुए उन्हें छत्तीसगढ गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ पुलिस के वे जांबाज इंस्पेक्टर हैं जिन्होने नक्सलियों के खिलाफ उनके असाधारण साहस और नेतृत्व के लिए देश के प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।

न्यू आजाद गणेशोत्सव समिति ने बनाया रिकॉर्ड -

आस्था रथ सांस्कृतिक मंच द्वारा वर्ष 2026 के आयोजन में भारी बारिश के बावजूद कुल 51 झांकियां शामिल हुई जिन्हें कार्यक्रम में शामिल हुए अतिथीयों के द्वारा सम्मानित किया गया । कार्यक्रम में वरिष्ठ और कनिष्ठ दो वर्गाे में पुरस्कारों का वितरण किया गया जिसके तहत सर्वश्रेश्ठ आयोजन के लिए 11वें वर्ष का खिताब न्यू आजाद गणेशोत्सव समिति को दिया गया और सर्वश्रेष्ठ थीम के लिए शिव मानस गणेशोत्सव समिति सेक्टर 10, को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी तरह से सीनियर और जूनियर के 7 अन्य केटेगिरी में भी समितियों को सम्मानित किया गया। वही अन्य मंच से होकर गुजरने वाली समस्त सभी को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया गया।

भिलाई रत्न सम्मान से सम्मानित हुई विभूतियां

आस्था-रथ सांस्कृतिक मंच द्वारा प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी ‘भिलाई रत्न’ सम्मान से शहर की विभूतियों का सम्मान किया गया । इसके तहत चिकित्सा के क्षेत्र में डॉ उदय धाबर्डे, तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए सुमीत घोष, शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में राजेंद्र अग्रवाल, शोध कार्य में उल्लखनीय कार्य के लिए डॉ. मंजू रॉय, को सम्मानित किया गयां ।

सेवा योजना के तहत दी गई राशि

आस्था रथ सांस्कृतिक मंच द्वारा इस वर्ष भी सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इसके तहत स्व.बीरा सिंग सेवा योजना के तहत सरस्वती देवी को 11000 और स्व प्रकाश भाकरे सेवा योजना के तहत पशुओं और जानवरों की निःस्वार्थ सेवा के लिए आदर्श राय को 11 हजार की राशि का चेक प्रदान किया गया।

आस्था-रथ की स्मारिका का हुआ विमोचन

आस्था रथ सांस्कृतिक मंच के द्वारा धर्म और संस्कृति से संबंधित वार्शिक स्मारिका का विमोचन भी अतिथीयों के द्वारा किया गया । स्मारिका के माध्यम से शहर और प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों की विशेषताएं और धर्म संस्कृति और परम्परा से संबंधी सामग्री का समावेश किया गया है। समारोह में गीत संगीत का भी भव्य आयोजन किया गया जिसमें डॉल्फिन के कलाकारों ने एक से बढकर एक प्रस्तुति देकर देर रात तक समा बांधा।


समितियों का उत्साह बढ़ाना आयोजन का उददेश्य

आस्था रथ सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष मिथलेश ठाकुर ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य  धर्म और संस्कृति की रक्षा करने के साथ साथ गणेश पूजन समितियों को पुरस्कृत कर उनका हौसला बढ़ाने का है ताकि वे भविष्य और भी बेहतर कार्य कर सकें । उन्होने कहा कि कार्यक्रम में शामिल  हुई प्रत्येक समितियों को सम्मानित किया गया है ताकि उनका उत्साहवर्धन हो सके। आभार प्रदर्शन कार्यक्रम की संयोजक अनूभूति भाकरे ठाकुर ने किया ।

इनका रहा विशेष योगदान


आस्था रथ सांस्कृतिक मंच के आयोजन को सफल बनाने में बनाने में राजेश नथवाणी, दादाराव बोरोड़े, राजेश सांवले, सुरेंद्र ठाकुर, सन्नी पशीने, प्रीतम हरपाल, नितिन श्रीवास्तव, प्रज्जवला सहित समिति के सदस्यों का विशेष योगदान रहा ।