कांग्रेस बौखलाहट में, हार से निर्वाचन आयोग पर निराधार आरोप लगा रहे हैं सचिन पायलट :महेश कश्यप
कांग्रेस बौखलाहट में, हार से निर्वाचन आयोग पर निराधार आरोप लगा रहे हैं सचिन पायलट :महेश कश्यप
कांग्रेस अपनी संगठनात्मक कमजोरी को छुपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना बंद करे:महेश कश्यप
देश के किसी भी कोने में अवैध घुसपैठिए को वोट डालने का अधिकार नहीं ; महेश कश्यप
जगदलपुर : छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट द्वारा आज जगदलपुर में निर्वाचन आयोग पर लगाए गए गंभीर आरोपों को बस्तर लोकसभा सांसद महेश कश्यप ने हार की बौखलाहट और लोकतंत्र को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश बताया है।
महेश कश्यप ने कांग्रेस नेता सचिन पायलट के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी को अपनी निश्चित हार स्पष्ट दिख रही है, इसलिए वह संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करके अपनी विफलता का ठीकरा फोड़ने का प्रयास कर रही है। सांसद महेश कश्यप ने पायलट के आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा, कांग्रेस पार्टी का यह रवैया नया नहीं है। जब भी कांग्रेस चुनाव हारती है, वह ईवीएम पर, चुनाव आयोग पर दोष मढ़ना शुरू कर देती है। निर्वाचन आयोग एक निष्पक्ष और संवैधानिक संस्था है। उस पर 'वोटर लिस्ट से आदिवासियों दलितों के नाम काटने की साजिश' जैसे आधारहीन आरोप लगाना देश के लोकतंत्र और बस्तर के ईमानदार मतदाताओं का घोर अपमान है। कांग्रेस अपनी संगठनात्मक कमजोरी को छुपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना बंद करे।
घुसपैठिए वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद कश्यप ने कहा भारतीय जनता पार्टी स्पष्ट रूप से मानती है कि देश के किसी भी कोने में अवैध घुसपैठिए को वोट डालने का अधिकार नहीं होना चाहिए। यदि सचिन पायलट के पास ‘वोट चोरी के ठोस आंकड़े और सबूत हैं, जैसा कि वह दावा कर रहे हैं, तो उन्हें हवा में बात करने के बजाय वे सबूत सार्वजनिक करने चाहिए और न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए। देश को गुमराह करना बंद करें।कांग्रेस पार्टी हमेशा घुसपैठियों के प्रति नरम रुख अपनाती रही है। भाजपा ने हमेशा राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकता की शुचिता को सर्वोच्च प्राथमिकता है l
महेश कश्यप ने कांग्रेस के लोकतंत्र बचाने के दावे को पाखंड बताते हुए कहा कांग्रेस पार्टी अपने शासनकाल में आपातकाल लगा संवैधानिक अधिकारों का हनन किया l जनजाति समाज के विकास के लिए कांग्रेस सरकार का कोई योगदान नहीं, जबकि भाजपा सरकार ने जनजाति समाज की सुरक्षा और विकास हेतु मंत्रालय बनाया l अब जब जनता ने उन्हें नकार दिया है, तो वे लोकतंत्र बचाने का ढोंग कर रहे हैं। बस्तर के मतदाता समझदार हैं और वे जानते हैं कि कौन उन्हें बरगला रहा है।
हम निर्वाचन आयोग से आग्रह करते हैं कि वह कांग्रेस के इन गैर जिम्मेदाराना बयानों का संज्ञान ले। भाजपा बस्तर की जनता को आश्वस्त करती है कि हम पूरी निगरानी रख रहे हैं, और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर हमें पूरा विश्वास है।
सांसद महेश कश्यप ने अंत में कहा कि कांग्रेस को चुनावी प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए और अपनी हार को स्वीकार करना चाहिए, न कि निराधार आरोपों से देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करना चाहिए।
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