पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि एनकाउंटर फर्जी हैं - प्रेस क्लब में विजय शर्मा का बयान

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि एनकाउंटर फर्जी हैं - प्रेस क्लब में विजय शर्मा का बयान

रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विजय मंत्री शर्मा ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद खत्म हुआ।

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मंगलवार को प्रेस क्लब रायपुर पहुंचे और आयोजित विशेष कार्यक्रम ‘नक्सलवाद पर विजय’ में भाग लिया। इससे पहले मंच पर प्रेस क्लब की ओर से उनका स्वागत किया गया। राजधानी रायपुर स्थित रायपुर प्रेस क्लब में “नक्सलवाद पर विजय” कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है। छत्तीसगढ़ से सशक्त नक्सल कैडर खत्म हुआ।

50 वर्षों का संघर्ष दो वर्ष में खत्म: गृहमंत्री विजय शर्मा
कार्यक्रम में गृहमंत्री विजय शर्मा ने आगे कहा कि 50 वर्षों का संघर्ष दो वर्ष में खत्म हुआ। बस्तर की जनता ने अब नक्सलवाद को नकार दिया है। सरकार ने नक्सल को लेकर चर्चा के सारे विकल्प खुले रखे थे। आर्म्स फोर्स की ऑपरेशन में बड़ी सफलता रही। उनके अदम्य साहस को सलाम है।

 लाल आतंक को खत्म करने का श्रेय बस्तर की जनता को जाता है, साथ ही आर्म्ड फोर्सेज के पराक्रम को भी। टेक्नोलॉजी बेस्ड इंटेलिजेंस पर विशेष काम हुआ, जिससे सफल और परफेक्ट ऑपरेशन हो सके। नक्सली मारे गए, जबकि जवानों को एक भी खरोंच नहीं आई।

उन्होंने बताया कि जब ऑपरेशंस चल रहे थे, तब विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा थी, लेकिन आरोप लगने शुरू हो गए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि एनकाउंटर फर्जी हैं, जबकि नक्सलियों ने पत्र जारी कर इसकी पुष्टि की। यह घटना डेढ़ साल पुरानी है। बिना पूरी जानकारी के आरोप लगाना सेना के जवानों के पराक्रम पर तोहमत लगाने जैसा था। बावजूद इसके, जवानों के साहस की वजह से आज यह स्थिति आई है। मंत्री शर्मा ने बताया कि उन्होंने विशेष रूप से नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर में समाज के प्रमुखों के साथ लगातार बैठकें कीं। बस्तर के विभिन्न जनजातीय समाजों ने इस प्रक्रिया में सहयोग दिया और कई नक्सलियों को पुनर्वास भी कराया गया। उन्होंने पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया, जिन्होंने अभियान चलाकर नक्सलियों को वापस लाने का काम किया। आज नक्सल संगठन का 99% समाप्त हो चुका है। कुछ छोटे समूह कांकेर के नॉर्थ एरिया और दक्षिण में बचे हैं, जिनकी स्थिति पूरी तरह ट्रैक की गई है। इनमें से कई लोगों ने हथियार छोड़कर गांवों में शांति से जीवन बिताना शुरू कर दिया है। सरकार पुनर्वास के लिए अभी भी तैयार है और जो भी नक्सली वापस आना चाहते हैं, उनका स्वागत करती है।