भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने को लगातार दो पेराई सत्रों के लिए राष्ट्रीय सम्मान, सहकारिता मंत्री ने दी बधाई

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने को लगातार दो पेराई सत्रों के लिए राष्ट्रीय सम्मान, सहकारिता मंत्री ने दी बधाई

सहकारिता की ताकत से राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ रच रहा कीर्तिमान : केदार कश्यप

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने को लगातार दो पेराई सत्रों के लिए राष्ट्रीय सम्मान, सहकारिता मंत्री ने दी बधाई

केदार कश्यप बोले—किसानों की मेहनत, आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन से मजबूत हो रहा प्रदेश का सहकारिता मॉडल

कारखाने के प्रबंध संचालक गौरी शंकर शर्मा ने की सहकारिता मंत्री से भेंट

रायपुर। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सहकारिता किसानों की समृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की बड़ी ताकत बन रही है। प्रदेश की सहकारी संस्थाएं बेहतर प्रबंधन, पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक के माध्यम से अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित कर रही हैं। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, कवर्धा की उपलब्धि इसी बदलते और मजबूत होते सहकारिता क्षेत्र का उदाहरण है।

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, कवर्धा का पेराई सत्र 2024-25 एवं 2025-26 में सर्वोच्च शुगर रिकवरी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नेशनल को-ऑपरेटिव शुगर फेडरेशन के प्रतिष्ठित “हाइएस्ट शुगर रिकवरी एफिशिएंसी अवार्ड” के लिए चयन किया गया है। लगातार दो पेराई सत्रों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के सहकारिता क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है।

इस उपलब्धि के संदर्भ में भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने के प्रबंध संचालक गौरी शंकर शर्मा ने सहकारिता मंत्री केदार कश्यप से भेंट की। मंत्री कश्यप ने उन्हें, कारखाना प्रबंधन, कर्मचारियों और इससे जुड़े गन्ना उत्पादक किसानों को इस उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह सम्मान हमारे किसानों की मेहनत और सहकारी व्यवस्था की सामूहिक शक्ति का सम्मान है। किसानों द्वारा गुणवत्तापूर्ण गन्ने का उत्पादन, कारखाने की तकनीकी दक्षता और बेहतर प्रबंधन ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश की सहकारी संस्थाएं आधुनिक, पारदर्शी, जवाबदेह और किसान हितैषी बनें तथा उनका सीधा लाभ किसानों तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सहकारी संस्थाओं को केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रखकर उन्हें ग्रामीण विकास और किसान सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनाने की दिशा में काम कर रही है। सहकारिता विभाग में डिजिटलाइजेशन, पैक्स के कम्प्यूटरीकरण, आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

कश्यप ने कहा कि “सहकार से समृद्धि” के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए प्रदेश में सहकारी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारा लक्ष्य सहकारिता को गांव और किसान की आर्थिक प्रगति का आधार बनाना है। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने की यह राष्ट्रीय उपलब्धि प्रदेश की अन्य सहकारी संस्थाओं को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।

22 सितंबर को नई दिल्ली में मिलेगा सम्मान

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने को दोनों पेराई सत्रों के लिए चयनित पुरस्कार 22 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में प्रदान किए जाएंगे। समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल सहित विभिन्न राज्यों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और देशभर की सहकारी चीनी मिलों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।

नेशनल को-ऑपरेटिव शुगर फेडरेशन देश की लगभग 260 सहकारी चीनी मिलों और नौ राज्यस्तरीय चीनी महासंघों का प्रतिनिधित्व करता है। फेडरेशन द्वारा गन्ना विकास, तकनीकी दक्षता, वित्तीय प्रबंधन, शुगर रिकवरी, डिस्टिलरी संचालन और समग्र प्रदर्शन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली सहकारी चीनी मिलों को सम्मानित किया जाता है।

सहकारिता मंत्री कश्यप ने कहा कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने की सफलता यह संदेश देती है कि किसान, सहकारी संस्था और सरकार मिलकर काम करें तो सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।