पूरे प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता परेशान - कांग्रेस
रायपुर/21 मई 2026। गर्मी के मौसम में अघोषित बिजली की कटौती आम आदमी के लिये सरदर्द बन गयी है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बिजली के साथ भाजपा सरकार आने के बाद जनता को पूरे 24 घंटे बिजली नहीं मिल रही है। पूरे प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती हो रही है। ढाई साल में विद्युत सरप्लस वाला छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कटौती का केंद्र बन गया है। कोई ऐसा दिन नहीं होता जब बिजली दो-चार घंटे के लिये बंद न हो, रात में तो बिजली की स्थिति तो और भयावह हो जाती है, घंटो बिजली गोल हो जाती है। भाजपा से न सरकार संभल पा रहा और न ही व्यवस्थायें। सरकार एक तो पूरे समय बिजली नहीं दे पा रही, ऊपर से उपभोक्ताओं पर महंगी बिजली का बोझ डाल रही है। प्रदेश के अनेक जिलों में तो पूरी रात बिजली कटौती हो रही है। भाजपा सरकार में आम जनता को मांग के अनुसार बिजली नहीं मिल रहा है। बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से शहर और गांव की जनता जूझ रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि एक तरफ बिजली कटौती हो रही, दूसरी ओर मई माह में लोगों का बिजली बिल दुगुना आया है, बढ़े बिजली बिल से जनता परेशान है। सरकार प्रायोजित लूट है बढ़े हुए बिजली बिल भाजपा सरकार की मुनाफाखोरी वाली नीति के कारण छत्तीसगढ़ की जनता का महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है। अप्रैल महीने की बिजली खपत का जो बिल लोगों के घरों में पहुंचा है उससे जनता परेशान हो गयी है। गर्मी के कारण 20 से 25 प्रतिशत तक बिजली खपत अधिक हुई होगी माना जा सकता है लेकिन जो बिल आम आदमी के घरों में पहुंचा है वह पिछले माह की अपेक्षा दुगुना है। सरकार बिजली के नाम पर जनता को लूट रही है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस की सरकार के दौरान 24 घंटा बिजली की आपूर्ति होती थी। गर्मी के दिनों में मांग बढ़ने पर दूसरे राज्यों से भी बिजली की खरीदी किया जाता था और आम जनता को 24 घंटा बिजली की आपूर्ति की जाती थी। रवि फसल लगाने वाले किसानों को भी बोरवेल चलाने के लिए बिजली निःशुल्क मिलता था। कांग्रेस की सरकार ने 5 वर्षों तक विपरीत परिस्थितियों में भी बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बिजली बिल हाफ योजना शुरू किया था जिसका लाभ प्रदेश के 44 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को मिलता था जिसे 5 साल में प्रत्येक उपभोक्ता का 40 से 50 हजार रु. तक की बचत हुई थी। भाजपा सरकार ने वह भी बंद कर दिया।
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