भरोसे की खेती : डिजिटल धान खरीदी से किसान तीरथ राज सिंह बना आत्मनिर्भर

भरोसे की खेती : डिजिटल धान खरीदी से किसान तीरथ राज सिंह बना आत्मनिर्भर

 भरोसे की खेती : डिजिटल धान खरीदी से किसान तीरथ राज सिंह बना आत्मनिर्भर

भरोसे की खेती : डिजिटल धान खरीदी से किसान तीरथ राज सिंह बना आत्मनिर्भर

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों के हित में लागू की गई पारदर्शी एवं पूर्णतः डिजिटल धान खरीदी व्यवस्था आज छत्तीसगढ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में यह व्यवस्था केवल धान विक्रय की प्रक्रिया तक सीमित न रहकर किसानों के जीवन में भरोसे, सम्मान और आर्थिक सुरक्षा का आधार बनकर उभरी है।
              
      मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम मेंड्रा निवासी प्रगतिशील कृषक तीरथ राज सिंह इसकी एक प्रेरक और जीवंत मिसाल हैं, जिनकी मेहनत को इस आधुनिक व्यवस्था ने पूरा सम्मान दिलाया। कृषक तीरथ राज सिंह ने कोड़ा उपार्जन केंद्र में तकनीक आधारित, पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से 94 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। डिजिटल तौल कांटे से सटीक वजन, ऑनलाइन प्रविष्टि, वास्तविक समय में जानकारी और पारदर्शी भुगतान प्रणाली ने पूरी प्रक्रिया को सहज, विश्वसनीय और तनावमुक्त बना दिया। 

      उपार्जन केंद्र पर किसानों की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई, जहां बैठने की समुचित व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, छायादार स्थान और सुव्यवस्थित कतार प्रणाली ने किसानों को सम्मानजनक अनुभव प्रदान किया। तीरथ राज सिंह बताते हैं कि पूर्व वर्षों में धान विक्रय के दौरान अनिश्चितता, लंबा इंतजार और अव्यवस्थाएं किसानों के लिए बड़ी चुनौती हुआ करती थीं। भुगतान में देरी और जानकारी के अभाव से किसान मानसिक दबाव में रहते थे, किंतु इस वर्ष शासन द्वारा लागू की गई अनुशासित, जवाबदेह और डिजिटल व्यवस्था ने इन सभी समस्याओं को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। 

        किसानों को समयबद्ध भुगतान की सुनिश्चित प्रणाली से अब उन्हें अपनी मेहनत की उपज का मूल्य बिना किसी चिंता के समय पर प्राप्त हो रहा है।
समय पर प्राप्त भुगतान से तीरथ राज सिंह न केवल आगामी फसल की तैयारी बेहतर ढंग से कर पा रहे हैं, बल्कि बच्चों की शिक्षा, कृषि निवेश और पारिवारिक आवश्यकताओं की योजनाएं भी आत्मविश्वास के साथ बना रहे हैं। उनके अनुसार यह व्यवस्था किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है, जिसने खेती को फिर से सम्मान और स्थायित्व प्रदान किया है। कृषक तीरथ राज सिंह की सफलता की यह कहानी जिले में लागू किसान-हितैषी नीतियों की जमीनी सफलता का सशक्त प्रमाण है। यह उपलब्धि अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है और उन्हें पारदर्शी व्यवस्था का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। 

      कृषक तीरथ राज सिंह ने किसानों के कल्याण और सशक्तिकरण हेतु किए जा रहे इन प्रयासों के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।