नैवेद्य स्वीट्स पर प्रिंट रेट से ज्यादा वसूली का आरोप : ठगी का मामला, जुर्म दर्ज कर कार्यवाही की मांग

नैवेद्य स्वीट्स पर प्रिंट रेट से ज्यादा वसूली का आरोप : ठगी का मामला, जुर्म दर्ज कर कार्यवाही की मांग

राजधानी में प्रिंट रेट से ज्यादा वसूली का आरोप: शंकर नगर स्थित नैवेद्य मिष्ठान भंडार पर कार्रवाई की मांग, ग्राहकों को सतर्क रहने की अपील

रायपुर। राजधानी के शंकर नगर स्थित नैवेद्य मिष्ठान भंडार में उपभोक्ताओं से प्रिंट रेट से अधिक राशि वसूलने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि दुकान संचालक पिछले कई महीनों से मिठाई, नमकीन एवं अन्य खाद्य पदार्थों पर छपे अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से ज्यादा कीमत लेकर ग्राहकों से अवैध वसूली कर रहा है।

स्थानीय लोगों से लगातार मिल रही शिकायतों की सत्यता जानने CG 24 News द्वारा स्वयं जाकर खरीददारी की गई, जहां 70-70 रुपये प्रिंट रेट वाले नमकीन के दो पैकेट लिए गए। कुल बिल 140 रुपये होना चाहिए था, लेकिन कैश काउंटर से 145 रुपये का बिल दिया गया। भुगतान के बाद अधिक राशि लेने पर सवाल करने पर संचालक ने “सिस्टम अपडेट नहीं होने” की बात कहकर 5 रुपये वापस करने का प्रयास किया। जबकि शिकायत के अनुसार नैवेद्य स्वीट्स द्वारा पिछले कई महीनो से ग्राहकों को यही कहकर ठगी की जा रही है|

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह समस्या नई नहीं बल्कि कई महीनों से जारी है। आरोप है कि यदि कोई ग्राहक अतिरिक्त वसूली पकड़ लेता है तो पैसे लौटा दिए जाते हैं, अन्यथा अधिकांश ग्राहकों से अतिरिक्त राशि वसूली जाती रहती है। एक महिला ग्राहक की शिकायत पर यह मामला मीडिया में भी रिकॉर्ड हो चुका है।

किन कानूनों का उल्लंघन?

यह मामला केवल अनियमित बिलिंग नहीं बल्कि कई कानूनों के उल्लंघन की श्रेणी में आता है —

1. उपभोक्ता संरक्षण कानून

Consumer Protection Act, 2019

MRP से अधिक वसूली “अनुचित व्यापार व्यवहार” (Unfair Trade Practice) माना जाता है

उपभोक्ता फोरम में शिकायत करने पर मुआवजा, दंड व लाइसेंस कार्रवाई संभव

2. खाद्य सुरक्षा कानून

Food Safety and Standards Act, 2006

पैकेज्ड खाद्य पदार्थ निर्धारित मूल्य से अधिक बेचने पर फूड सेफ्टी अधिकारी चालान और लाइसेंस निलंबन कर सकते हैं

3. जीएसटी नियम

Central Goods and Services Tax Act, 2017

गलत बिलिंग, गलत टैक्स गणना या अलग-अलग दर से वसूली टैक्स उल्लंघन की श्रेणी में आ सकती है

4. दंडनीय अपराध

अतिरिक्त पैसे लेकर धोखे से लाभ कमाना भारतीय दंड संहिता के तहत ठगी का अपराध बन सकता है, जिस पर पुलिस एफआईआर दर्ज कर सकती है

प्रशासन से उठ रहे सवाल

अब सवाल यह उठता है कि —

उपभोक्ता विभाग

खाद्य विभाग

जीएसटी विभाग

पुलिस विभाग

अब तक कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे?

मांग की गई है कि संबंधित विभाग तत्काल शंकर नगर सहित अन्य शाखाओं में छापामार जांच करें, कंप्यूटर बिलिंग रेट और पैकेज प्रिंट रेट का मिलान करें तथा दोषी पाए जाने पर संचालकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करें।

ग्राहकों के लिए जरूरी चेतावनी

उपभोक्ता जागरूक रहें —

हमेशा बिल लें

पैकेट पर छपा MRP देखें

ज्यादा पैसे लेने पर तुरंत विरोध करें

वीडियो/फोटो सबूत रखें

उपभोक्ता फोरम या खाद्य विभाग में शिकायत दर्ज करें

याद रखें: MRP से एक रुपया भी ज्यादा लेना गैरकानूनी है — और चुप रहना ठगी को बढ़ावा देना है।