बडू साहिब के बच्चों ने खालसा स्कूल में बिखेरी गुरमत की दिव्य रौशनी
अकाल अकादमी बडू साहिब के बच्चों ने रायपुर में कीर्तन व गुरबाणी प्रचार से बिखेरी गुरमत की दिव्य रौशनी
रायपुर छत्तीसगढ़,
हिमाचल प्रदेश के पवित्र स्थल श्री बडू साहिब की अकाल अकादमी से आए नन्हे गुरमत प्रचारक बच्चों के जत्थे ने रायपुर में अपनी मधुर वाणी और पारंपरिक साजों के साथ गुरबाणी की अमृत धारा बहाकर श्रद्धालुओं के मन को भावविभोर कर दिया।
इन बाल प्रचारकों को संत महेंद्र सिंह सिब्बल फाउंडेशन के अध्यक्ष सरदार देवेंद्र सिंह सिब्बल द्वारा छतीसगढ़ सिक्ख समाज के सहयोग से विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में धर्म प्रचार हेतु आमंत्रित किया है।

बच्चों के इस जत्थे ने रायपुर के श्याम नगर गुरुद्वारा, बागबाहरा के नवनिर्मित गुरुद्वारे तथा बसना के गढ़ फुलझर गुरुद्वारे में शब्द कीर्तन कर संगत को निहाल किया
गुरु परंपरा के साजों से गुंजायमान हुआ छत्तीसगढ़*
इन बच्चों की विशेषता यह रही कि उन्होंने वही परंपरागत साज (तंत्र-वाद्य) बजाए जिनसे श्री गुरु नानक देव जी और श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी कीर्तन करते थे। इन पवित्र रागों और साजों की धुनों से पूरे वातावरण में आध्यात्मिक आनंद छा गया।
खालसा स्कूल में ‘अनहद बाणी जत्था’ का प्रेरणादायी कार्यक्रम
खालसा एजुकेशन सोसायटी, रायपुर के आग्रह पर, अकाल अकादमी बडू साहिब के ‘अनहद बाणी जत्था’ द्वारा खालसा स्कूल में शब्द कीर्तन, आनंद साहिब का पाठ और अरदास का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में छात्रों को गुरमत ज्ञान, अनुशासन, अध्ययन पद्धति और बडू साहिब के जीवन-मूल्यों से परिचित कराया गया।

धर्म के साथ अनुशासन की मिसाल – बडू साहिब की व्यवस्था
जत्थे के साथ आए सरदार विक्रमजीत सिंह और सरदार गुरप्रीत सिंह ने बताया कि श्री बडू साहिब 450 एकड़ में फैला एक आध्यात्मिक एवं शैक्षणिक परिसर है, जहाँ बच्चों को मोबाइल, टीवी जैसी चीजों से दूर रखकर पूर्णतः गुरमत-अनुशासित जीवनशैली सिखाई जाती है।
यहाँ शिक्षा का माध्यम अंग्रेज़ी है, परंतु मूल में सिक्खी, सेवा, सिमरन और संस्कार निहित हैं।
गौरवपूर्ण सम्मान समारोह
कार्यक्रम में उपस्थित खालसा एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष सरदार राजवंत सिंह ग्रेवाल, सचिव मनिंदर सिंह रखराज, रघुवीर सिंह पट्टी, जगपाल सिंह धालीवाल, जसबीर सिंह घुम्मन, प्रीतम सिंह खालसा, दीप सिंह जबल, नरेंद्र पाल धामी, अनूप सिंह ग्रेवाल, बलविंदर सिंह, कृपाल सिंह हैहर, सुरिंदर पाल आनंद, हरिंदर सिंह गरचा, स्कूल के प्रिंसीपल DK दत्ता, CM पटेल तथा संत महेंद्र सिंह सिब्बल फाउंडेशन के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह सिब्बल,
साथ ही छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह सिंघोत्रा का बडू साहिब के अनहद बाणी जत्थे ने सिरोपाव और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया। इस अवसर पर स्कूल के सभी शिक्षक शिक्षिकाएं भी उपस्थित रहीं |
बच्चों में उमड़ा नया उत्साह
खालसा स्कूल और माता सुंदरी पब्लिक स्कूल के बच्चों ने जब इन नन्हे गुरमत प्रचारकों के कीर्तन, वाद्य-साधना और अरदास देखी तो वे अत्यंत प्रभावित हुए। उनके चेहरों पर श्रद्धा और प्रेरणा झलक रही थी।
यह आयोजन बच्चों में धार्मिक संस्कारों, अनुशासन और सेवा भावना को प्रोत्साहित करने का अद्भुत माध्यम बना।
“जहां गुरबाणी की वाणी गूंजती है, वहां आत्मा को सच्ची शांति और समाज को सच्चा मार्ग मिलता है।”

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