लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का मामला -सार्वजनिक उपयोग के उद्यान को बेचने या    किराए पर दिए जाने पर तुरंत रोक लगे - जलविहार कॉलोनी रेसीडेंस एसोसियेषन

जल विहार कॉलोनी के राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त उद्यान को अवैध रूप से तेलीबांधा     प्रोजेक्ट में जोड़कर किया जा रहा अवैध कमर्शियल उपयोग। 

लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का मामला -सार्वजनिक उपयोग के उद्यान को बेचने या    किराए पर दिए जाने पर तुरंत रोक लगे - जलविहार कॉलोनी रेसीडेंस एसोसियेषन

1. जल विहार कॉलोनी के राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त उद्यान को अवैध रूप से तेलीबांधा 
   प्रोजेक्ट में जोड़कर किया जा रहा अवैध कमर्शियल उपयोग। 

2.  जलविहार  कॉलोनी के निजी मकानों के कमर्शियल उपयोग को लेकर 
    जलविहार कॉलोनी रेसीडेंस एसोसियेषन नाराज 

3 . लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का मामला -सार्वजनिक उपयोग के उद्यान को बेचने या
   किराए पर दिए जाने पर तुरंत रोक लगे - जलविहार कॉलोनी रेसीडेंस एसोसियेषन
 

        जलविहार कॉलोनी रेसीडेंस एसोसियेषन . जल विहार कॉलोनी के राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त उद्यान को अवैध रूप से तेलीबांधा प्रोजेक्ट में जोड़कर किये जा रहे अवैध कमर्शियल उपयोग को लेकर मोर्चा खोला है, जलविहार कॉलोनी रेसीडेंस एसोसियेषन का मानना है कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए उद्यान अति आवश्यक हैं क्योंकि सार्वजनिक उद्यानों में लगे पेड़ - पौधों की वजह से ऑक्सीजन मिलता है, स्वच्छ वातावरण मिलता है, मन को शांति मिलती है, मॉर्निंग वॉक के साथ-साथ उद्यानों में लगे कसरत करने के उपकरणों के कारण महिला हों या पुरुष, बच्चे हों या बुजुर्ग सभी को स्वास्थ्य लाभ मिलता है, ऐसी जगह में योगा करने से शारीरिक बीमारियां नजदीक नहीं आतीं और डाक्टरों के भारी भरकम खर्चों से भी राहत मिलती है।
        पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए जलविहार कॉलोनी रेसीडेंस एसोसियेषन अध्यक्ष          ने कहा कि इसकी लिखित शिकायत उनके द्वारा आयुक्त नगर निगम रायपुर एवं कलेक्टर रायपुर से भी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त उद्यान के कमर्शियल उपयोग के विरोध में धरना प्रदर्शन भी किया था, श्री गहोई वैश्य समाज रायपुर ने इसकी लिखित शिकायत भी निगम आयुक्त एवं महापौर से की थी इसके बाद नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा कंपनी को काम बंद करने का नोटिस भी दिया गया था, परंतु कंपनी पर कोई असर नहीं पड़ा और नोटिस को दरकिनार कर निर्माण पूरा कर लिया गया और टिकट लगाकर कमाई भी चालू कर दी गई है जो कि संविधान एवं सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन है।
     जलविहार कॉलोनी रेसीडेंस एसोसियेषन के अध्यक्ष               ने पत्रकार वार्ता में बताया की राजधानी रायपुर का तेलीबांधा तालाब जो ऐतिहासिक तालाब है, जिसमें समय-समय पर राज्य शासन, नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी के माध्यम से करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं, तालाब के चारों तरफ पाथवे बनाया गया है ताकि लोग वहां स्वास्थ्य लाभ ले सकें आसपास के निवासियों सहित पूरे शहर के लोग यहां प्रतिदिन सुबह-शाम स्वास्थ्य लाभ के लिए वॉक करने आते हैं।

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  जलविहार कॉलोनी रेसीडेंस एसोसियेषन ने जल विहार कॉलोनी के दो बगीचों को अवैध रूप से तेलीबांधा प्रोजेक्ट में जोड़कर उनके व्यावसायिकरण पर आपत्ति करते हुए जलविहार कॉलोनी के राष्ट्रकवि  मैथिली शरण गुप्त नामक सार्वजनिक उद्यान पर एम.एस. ईसीएचटी इंटीग्रेटेड फैसिलिटी प्राइवेट लिमिटेड अहमदाबाद की कंपनी द्वारा अनेक प्रकार के झूले रोपवे लगाकर उद्यान पर अवैध कब्जा कर लिया है और उक्त अनेक प्रकार के झूले जिनमें रोप कोर्स, जिप लाइन टू वे, जिप लाइन वन वे, जिप रोलर, जिप सायकल, ड्रॉप टावर, ड्रायगान कोस्टर, जोकर राइड, जंगल राइड, मिक्सर, पेंडूलम, ह्यूमन गायरो, 360 साइकल, टैंपो लाइन, फ्लाइंग कार, बाउंसी, फ्लाइंग कॉप्टर, मैरी गो राउंड, जिराफ, सन एण्ड मून जैसी खेल सामग्रियों को मदर टेरेसा वार्ड के जल विहार कॉलोनी के सार्वजनिक मैथिलीशरण गुप्त उद्यान में अवैध रुप से नियम विरुद्व लगाकर महंगी टिकिट के माध्यम से अवैध कमाई की जा रही है जो कि संविधान एवं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का खुला उल्लंघन है। इसके लिए आयुक्त नगर निगम रायपुर, जिला कलेक्टर, रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सी.ई.ओ. तथा एम.एस. ईसीएचटी इंटीग्रेटेड फैसिलिटी प्राइवेट लिमिटेड अमदाबाद नामक कंपनी  के प्रबंध संचालक पर सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। 
  जलविहार कॉलोनी रेसीडेंस एसोसियेषन ने आरोप लगाया है कि उद्यानों के व्यावसायिक उपयोग होने पर नगर निगम जिला प्रशासन रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड सहित प्रदेश शासन की चुप्पी मिली भगत के षड्यंत्र की तरफ इशारा करती है।  
   छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने उच्च न्यायालय से अपील की है कि वह मामले को संज्ञान में लेकर जनहित के लिए सार्वजनिक उद्यानों के कमर्शियल उपयोग को तुरंत बंद करवाकर उद्यानों को जनता के स्वास्थ्य हित को ध्यान में रखते हुए नागरिकों को समर्पित करवाने की महती कृपा करे।

छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंघोत्रा ने पत्रकारों को बताया कि वे इस मामले को लेकर न्यायालय की शरण में भी जाएंगे क्योंकि यह लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का मामला है। 
    सर्वोच्च न्यायालय सहित प्रदेशों के उच्च न्यायालय ने भी समय-समय पर सार्वजनिक उद्यानों के अन्य उपयोग पर टिप्पणी करते हुए कमर्शियल उपयोग पर कार्यवाही करवाई है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने अपने एक फैसले में सार्वजनिक पार्क से सामुदायिक भवन को गिराने का निर्देश भी जारी किया है। जिसका शीर्षक है प्रीति सिंह बना मध्य प्रदेश
    मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की खंड पीठ ने कहा कि एक बार जब कोई सार्वजनिक पार्क नागरिकों को समर्पित हो जाता है तो उसके उपयोग में परिवर्तन न्यास भंग करने के समान होगा।    
    पत्रकार वार्ता में जलविहार कॉलोनी निवासी संगठन के अध्यक्ष विवेक अग्रवाल, सचिव सुदीप नियोगी, कोषाध्यक्ष नवीन शर्मा, योगेष अग्रवाल, आषीष जैन, राकेष पवार, आषीष पिजानी, रजनीष वालिया, छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंघोत्रा, सुरजीत सिंह छाबड़ा, परमजीत सिंह सलूजा विषेष रुप से उपस्थित रहे।