छत्तीसगढ़ राज्य के बस संचालक समस्याओं से परेशान
छत्तीसगढ़ राज्य के बस संचालकों की मुख्य समस्याओं का निराकरण किये जाने बाबत्।
दो यात्री बसों के मध्य अंतराल निर्धारित किया जाये
परिवहन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर दो यात्री बसों के माय अंतराल का निर्धारण राजपत्र में अधिसूचना के माध्यम से मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 72 की उपधारा 02 के खंड 05 के तहत् आज दिनांक तक नहीं किया गया है, परमिट स्वीकृत करने वाले क्षेत्रीय/राज्य परिवहन प्राधिकार द्वारा 2-5 मिनट एवं ओवरटेकिंग समयचक के साथ वर्तमान में भी लगातार परमिट स्वीकृत किया जा रहा है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में भी वृद्धि हो चुकी है, पर्याप्त अंतराल न होने से दो बसों के संचालकों के मध्य आये दिन विवाद की स्थिति भी निर्मित होते रहती है। इस कारण निवेदन है कि राष्ट्रीय राजमार्ग में दो यात्री बसों के मध्य 10-10 मिनट, ग्रामीण क्षेत्रों में 30-30 मिनट एवं अत्यंत ग्रामीण व पहाड़ी क्षेत्रों में 40-40 मिनट का अंतराल निर्धारित किया जाये, राज्य के प्रत्येक मार्ग में दो यात्री बसों के मध्य अंतराल निर्धारित करने बाबत् अधिसूचना व राजपत्र जारी करने के लिये परिवहन विभाग को निर्देशित करने की कृपा करें।
ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट को नियंत्रित किया जाये
छत्तीसगढ़ राज्य में ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की बसें अपनी परिभाषा के विपरीत जाकर स्टेज केरिज के रूप में संचालित हो रही है जिससे छत्तीसगढ़ राज्य में पूर्व से संचालित लगभग 12000 बसें व इससे जुडा परिवार पूर्ण रूप से प्रभावित हो गया है। इसलिये यह सुझाव है कि क्षेत्रीय/राज्य परिवहन प्राधिकार से जारी परमिटों एवं पारस्परिक करार से नियत परमिटों की संख्या से जारी परमिट के मार्ग में ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट को प्रतिबंधित किया जाये। इन्हें केवल परिभाषा के अनुरूप दूर के प्रयोजन के लिये ही संचालन की अनुमति दी जाये।
सिटी बसों के संचालन को शहरी सीमा में नियंत्रित किया जाये
3. छत्तीसगढ़ राज्य में सिटी बसों का संचालन प्रस्तावित है जिससे स्टेज केरिज परमिट प्रभावित होने की संभावना है। इसलिये यह सुझाव है कि मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 71 की उपधारा 03 के तहत् उल्लेखित प्रावधान को दृष्टिगत रखते हुए केवल शहर सीमा के भीतर ही सिटी बस का संचालन सुनिश्चित कराया जाना चाहिए।
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