*डिजिटल ठगी पर बड़ा सवाल: ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर बुजुर्ग दंपत्ति से ₹14.85 करोड़ की ठगी, संसद में उठा ‘Money Lock’ लागू करने का मुद्दा*

*डिजिटल ठगी पर बड़ा सवाल: ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर बुजुर्ग दंपत्ति से ₹14.85 करोड़ की ठगी, संसद में उठा ‘Money Lock’ लागू करने का मुद्दा*

*डिजिटल ठगी पर बड़ा सवाल: ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर बुजुर्ग दंपत्ति से ₹14.85 करोड़ की ठगी, संसद में उठा ‘Money Lock’ लागू करने का मुद्दा*

नई दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में बुजुर्ग दंपत्ति से ₹14.85 करोड़ की ‘डिजिटल अरेस्ट’ ठगी का मामला सामने आने के बाद देशभर में साइबर अपराध को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है। इस सनसनीखेज ठगी ने यह साफ कर दिया है कि साइबर अपराधी अब तकनीक का इस्तेमाल कर आम नागरिकों, खासकर बुजुर्गों को निशाना बना रहे हैं और कानून का डर दिखाकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे हैं।

इस घटना को अत्यंत विचलित करने वाला बताते हुए रायपुर लोकसभा के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में सिंगापुर के ‘Money Lock’ (टाइम लॉक) जैसे प्रभावी सुरक्षा फीचर को भारत में अनिवार्य रूप से लागू करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की ठगी पर लगाम लगाने के लिए अब केवल जागरूकता ही नहीं, बल्कि मजबूत तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था की भी जरूरत है।cg24news.in

उन्होंने जानकारी दी कि इस विषय पर वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बहुत ही कुशलता और गंभीरता से काम कर रहे हैं। प्रस्तावित ‘TIMELOCK’ या ‘Money Lock’ सुरक्षा प्रणाली के तहत बैंक खातों से बड़ी रकम के तत्काल ट्रांसफर पर समय-सीमा (टाइम लॉक) लागू की जा सकती है, जिससे किसी भी संदिग्ध लेनदेन को रोका जा सके और खाताधारक को सतर्क होने का समय मिल सके।

इस दिशा में आगे की पहल करते हुए उन्होंने कहा कि वह जल्द ही माननीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और RBI गवर्नर से मुलाकात कर इस सुरक्षा कवच को जल्द से जल्द लागू कराने पर विस्तृत चर्चा करेंगे। उनका मानना है कि यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, साइबर ठगी और बैंक फ्रॉड जैसे अपराधों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। cg24news.in

उन्होंने देशवासियों से भी अपील की कि अब समय आ गया है जब हम सब मिलकर एक-दूसरे की मदद करते हुए इन संगठित साइबर अपराधियों से मुकाबला करें। संदिग्ध कॉल, ईमेल या मैसेज की तुरंत जानकारी साझा करना और बुजुर्गों को विशेष रूप से जागरूक करना बेहद जरूरी है।

डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां ऑनलाइन लेनदेन जीवन का हिस्सा बन चुका है, वहीं इस तरह की घटनाएं यह भी याद दिलाती हैं कि सुरक्षा के बिना तकनीक खतरा बन सकती है। ऐसे में केंद्र सरकार, RBI और समाज—तीनों की संयुक्त जिम्मेदारी है कि नागरिकों की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखा जाए। cg24news.in 

Sukhbir Singhotra