शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई और कृषि जैसे कल्याणकारी योजनाओं में बजट की राशि खर्च ही नहीं कर पाना सरकार का जन विरोधी चरित्र

शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई और कृषि जैसे कल्याणकारी योजनाओं में बजट की राशि खर्च ही नहीं कर पाना सरकार का जन विरोधी चरित्र
शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई और कृषि जैसे कल्याणकारी योजनाओं में बजट की राशि खर्च ही नहीं कर पाना सरकार का जन विरोधी चरित्र

 महत्वपूर्ण मदों में बजट प्रावधान की राशि खर्च नहीं कर पाने पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने जनता को धोखा दिया है, केवल घोषणावीर इस सरकार ने बजट को मजाक बना दिया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, जल और कृषि से जुड़े आठ विभागों में लगभग 65 हजार करोड़ का बजट प्रावधान रखा गया था लेकिन सरकार की दुर्भावना के चलते केवल 55 हजार करोड़ भी खर्च नहीं हो सके, अर्थात बजट प्रावधान इस सरकार में केवल कागजी आंकड़ा बन कर रह गया है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा की सरकार में बजट की राशि खर्च नहीं करने के मामले में सबसे ज्यादा दयनीय स्थिति स्वास्थ्य विभाग की है। एक तरफ जहां प्रदेश की आम जनता जांच, इलाज और दवा के अभाव में बे-मौत मर रही है, वही विभाग की अकर्मण्यता के चलते प्रदेश सरकार के बजट प्रावधान का 25 सौ करोड़ खर्च ही नहीं किया गया। कृषि के बजट का 1084 करोड़ यह सरकार खर्च नहीं कर पाई। सड़क, पुल-पुलियों का नव निर्माण तो क्या रखरखाव भी नहीं हो पाया, न ही बजट की राशि का कोई उपयोग कर पाए।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि बजट प्रावधान के बावजूद इस सरकार में न जर्जर स्कूलों से मुक्ति मिली, ना शिक्षकों की कमी दूर हुई, छात्रवृत्ति तक रोक रखी है यह सरकार। स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा के बजट की आधी राशि भी खर्च नहीं की गई। शिक्षकों के 65 हजार से ज्यादा पद रिक्त पड़े हैं, लेकिन नई भर्तियां रोक दी गई है, उल्टा नए सेटअप के नाम पर सभी स्कूलों में शिक्षकों के न्यूनतम पदों की संख्या में कटौती कर दी गई, स्कूली बच्चें मध्यान भोजन के लिए भी तरस रहे हैं। भाजपा की सरकार में बजट प्रावधान भी केवल झूठे जुमले साबित हो रहे हैं।