स्मार्ट मीटर पर उठे बड़े सवाल, मीटर रीडरों के रोजगार की सुरक्षा की मांग

स्मार्ट मीटर पर उठे बड़े सवाल, मीटर रीडरों के रोजगार की सुरक्षा की मांग

स्मार्ट मीटर पर उठे बड़े सवाल, मीटर रीडरों के रोजगार की सुरक्षा की मांग

आज डंगनिया, रायपुर में विद्युत मीटर रीडिंग श्रमिक संघ द्वारा आयोजित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन में शामिल होकर प्रदेश के हजारों मीटर रीडरों की जायज़ मांगों का समर्थन किया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं AICC के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। साथ में मीटर रीडर संघ के संरक्षक  सुशील सन्नी अग्रवाल जी भी उपस्थित रहे।

स्मार्ट मीटर के नाम पर आम जनता और श्रमिकों के सामने गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले जहाँ ₹300–₹400 तक बिजली बिल आता था, वहीं अब कई उपभोक्ताओं के ₹5,000–₹10,000 तक के बिल आ रहे हैं। पूरे छत्तीसगढ़ में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों पर सरकार को स्पष्ट, पारदर्शी और तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए। यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या इस योजना से बड़े कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुँचाया जा रहा है।

मीटर रीडरों की प्रमुख मांगें:

1️⃣ (स्मार्ट मीटर को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए )स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड प्रणाली में बदलने से पहले सभी मीटर रीडरों के लिए वैकल्पिक रोजगार और समायोजन की नीति बनाई जाए।
2️⃣ रोजगार संरक्षण और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था होने तक प्रीपेड प्रणाली लागू न की जाए।
3️⃣ लगभग 5,000 मीटर रीडरों के प्रतिनिधिमंडल से शीघ्र बैठक कर समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए।

सरकार को श्रमिकों की आवाज़ सुननी होगी और जनता के सवालों का जवाब देना होगा। रोजगार सुरक्षा और जनहित की कीमत पर कोई भी व्यवस्था स्वीकार्य नहीं है।

इस अवसर पर रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक श्री विकास उपाध्याय जी, अध्यक्ष श्री संतोष यादव जी, उपाध्यक्ष श्री अशोक कुमार साहू जी, पूर्व महापौर श्री प्रमोद दुबे जी सहित अनेक वरिष्ठ नेता एवं बड़ी संख्या में श्रमिक साथी उपस्थित रहे।

*श्रमिकों के अधिकार, रोजगार की सुरक्षा और जनता के हितों की लड़ाई हम मजबूती से लड़ेंगे *