राज्यसभा में प्रदेश के ही व्यक्ति को भेजा जाय : छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज

राज्यसभा में प्रदेश के ही व्यक्ति को भेजा जाय  :  छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज

राज्य सभा चुनाव पर छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज की अपील

छत्तीसगढ़ के सम्मान और प्रतिनिधित्व का सवाल : राज्यसभा में प्रदेश के ही व्यक्ति को भेजा जाय |


रायपुर। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने प्रदेश के हित और सम्मान से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी स्पष्ट राय व्यक्त की है। समाज का कहना है कि जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा दिल्ली के वरिष्ठ अधिवक्ता के.टी.एस. तुलसी को राज्यसभा सदस्य बनाया गया था, तब से लेकर आज तक छत्तीसगढ़ वासियों को उनसे अपेक्षित संपर्क और सहभागिता देखने को नहीं मिली।
समाज का आरोप है कि राज्यसभा सदस्य बनने के पश्चात श्री तुलसी का छत्तीसगढ़ से जुड़ाव नगण्य रहा। प्रदेश हित में उन्होंने कोई कार्य नहीं किया, वह तो छत्तीसगढ़ को ठीक से जानते भी नहीं |
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने कहा कि केटीएस तुलसी ने प्रदेश के विकास के लिए कोई कार्य नहीं किया तथा सिक्ख समाज से संबंध रखने के बावजूद वे कभी रायपुर आकर स्थानीय सिक्ख संगत से नहीं मिले, न ही किसी गुरुद्वारा में मत्था टेकने या समाज के कार्यक्रमों में सहभागिता करने पहुंचे।  राज्यसभा में उनका प्रतिनिधित्व प्रभावी रूप से नहीं हो पाया।
छत्तीसगढ़ सिख समाज का मानना है कि राज्यसभा का सदस्य केवल राजनीतिक नियुक्ति नहीं, बल्कि प्रदेश की आवाज़, भावनाओं और विकास से जुड़े मुद्दों का प्रतिनिधि होता है। ऐसे में प्रदेश के बाहर के व्यक्तियों को राज्यसभा भेजना छत्तीसगढ़ की जनता के साथ न्याय नहीं है।

समाज के अनुसार इससे स्थानीय नेतृत्व की अनदेखी होती है और प्रदेश के प्रतिभाशाली व्यक्तियों के अवसरों के साथ अन्याय होता है |
समाज ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मांग किसी एक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि सिद्धांत के पक्ष में है। चाहे भारतीय जनता पार्टी हो या कांग्रेस—दोनों ही राष्ट्रीय दलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि राज्यसभा के लिए चयनित व्यक्ति छत्तीसगढ़ का मूल निवासी हो, प्रदेश की जमीनी हकीकत से परिचित हो और यहां की जनता के प्रति जवाबदेह हो।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने कहा कि राज्यसभा में प्रदेश के स्थानीय, सक्रिय और समाज से जुड़े व्यक्ति को भेजा जाना चाहिए, ताकि छत्तीसगढ़ की समस्याएं, विकास योजनाएं और सामाजिक मुद्दे मजबूती से संसद में उठाए जा सकें। उन्होंने इसे प्रदेश के स्वाभिमान और लोकतांत्रिक अधिकार से जुड़ा विषय बताया।
इस संबंध में नरेंद्र सिंह हरगोत्रा, स्वर्ण सिंह चावला, देवेंद्र सिंह चावला, मनजीत सिंह भाटिया, कुलवंत सिंह, जसप्रीत सिंह चावला, जागीर सिंह बावा, इंद्रपाल सिंह गांधी, जसबीर सिंह, अतर सिंह, पुष्पेंद्र सिंह चड्ढा  एवं अमृत सिंह सहित समाज के सभी सदस्यों ने संयुक्त रूप से अपील की है कि भविष्य में राज्यसभा के लिए छत्तीसगढ़ के ही योग्य, सक्रिय और जनसेवा से जुड़े व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाए।
समाज ने कहा कि राज्यसभा में प्रदेश की मजबूत और सक्रिय भागीदारी से ही छत्तीसगढ़ का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सकता है। यह केवल राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि प्रदेश की अस्मिता, सम्मान और अधिकारों से जुड़ा प्रश्न है|