भाजपा सरकार में प्रशासनिक आतंकवाद चरम पर, तस्कर को बचाने किसान की पीट-पीटकर हत्या कर दी

भाजपा सरकार में प्रशासनिक आतंकवाद चरम पर, तस्कर को बचाने किसान की पीट-पीटकर हत्या कर दी
भाजपा सरकार में प्रशासनिक आतंकवाद चरम पर, तस्कर को बचाने किसान की पीट-पीटकर हत्या कर दी
 
  • किसान के हत्या के आरोपी एसडीएम सहित सभी पर हो हत्या का मुकदमा दर्ज मृतक के परिवार को दे एक करोड़ रु. मुआवजा, घायलों का बेहतर इलाज


रायपुर/16 फरवरी 2026। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज 
ने बलरामपुर जिला के कुसमी के मृतक किसान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि एसडीएम सहित सभी दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने एवं मृतक किसान के परिवार को एक करोड़ रुपया मुआवजा देने एवं घायलों का उचित ईलाज कराने व घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा भाजपा सरकार में प्रशासनिक आतंकवाद चरम पर है। खनिज तस्करों को भाजपा सरकार का खुला संरक्षण है। प्रशासनिक अधिकारी तस्करों को रोकने के बजाय खनिज तस्करी का विरोध कर रहे लोगों के साथ मारपीट कर रहे है, उन्हें जख्मी कर रहे है, उनकी हत्या कर दी जा रही है। ये घटना सरकार और तस्करों की सांठगांठ का परिणाम है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद प्रदेश खनिज तस्करों का गढ़ बन गया है। सरकार के संरक्षण में खुलेआम बॉक्ससाईड, आयरन ओर, कोयला, रेत की तस्करी हो रही है। प्रदेश की खनिज संपदा को लूटा जा रहा है जिसका विरोध जनता लगातर कर रही है। दुर्भाग्य की बात है सरकार तस्करों पर कार्यवाही करने के बजाय तस्करी रोकने वाली जनता पर लाठियां भांज रही है, फर्जी मुकदमे दर्ज कर रही है। एक ओर तस्करों के गुर्गे जनता को अवैध हथियार से गोली चलाकर डरा रही है, दूसरी ओर प्रशासनिक अधिकारी जिन पर तस्करी रोकने की जवाबदेही है वो भी तस्करों के समर्थन में विरोध करने वालों पर सरकारी तंत्रों का दुरुपयोग कर दमन कर रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार का पूरा फोकस छत्तीसगढ़ की संसाधनों के लूट में है। जंगलों की अवैध कटाई और संसाधनों की असंतुलित लूट का विरोध करने वाले ग्रामीणों को बलपूर्वक डराया जा रहा है। प्रशासन की मौजूदगी में तमनार में प्रदर्शनकारी के ऊपर हाईवे उतार दिया गया, कई लोग कुचले गए, छुई खदान में जबरिया लगाये जा रहे लाइम स्टोन खदान और सीमेंट प्लांट का विरोध करने वाले ग्रामीणों पर बर्बरता पूर्वक लाठियां बरसाई गई, हसदेव, रायगढ़ और धरमजयगढ़ में जन विरोधी की दरकिनार कर खदाने खोली गई, मैनपाट में बिना ग्राम सभा के अनापत्ति के बॉक्साइट खदान निजी क्षेत्र को दिया गया, बैलाडीला और बीजापुर में जंगलों की कटाई करने वाले ग्रामीणों को बलपूर्वक हटाया गया, कोण्डागांव मक्का प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट के खिलाफ प्रदर्शन करने वालें ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने का डर दिखाया जा रहा है। अब बलरामपुर के कुसमी की घटना इस सरकार के प्रशासनिक आतंकवाद की पराकाष्ठा है।