"पुष्प की अभिलाषा" कविता का बंदियो ने किया पाठ, केंद्रीय जेल मे प्रेणनादायक कार्यक्रम मे उपमुख्यमंत्री अरुण साव शामिल.

"पुष्प की अभिलाषा" कविता का बंदियो ने किया पाठ, केंद्रीय जेल मे प्रेणनादायक कार्यक्रम मे उपमुख्यमंत्री अरुण साव शामिल.

बिलासपुर से मन्नू मानिकपुरी की रिपोर्ट :-

देशभक्ति की भावना से सराबोर पुष्प की अभिलाषा वही प्रसिद्ध कविता है जिसे सुप्रसिद्ध साहित्यकार माखनलाल चतुर्वेदी ने बिलासपुर की  जेल में रहते हुए लिखा था। उसी जेल में बंदीयों ने सामूहिक रूप से इस कविता का पाठ किया… इस मौके पर  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह रचना समाज और देश के लिए काम करने की प्रेरणा देती है।बिलासपुर केंद्रीय जेल में बुधवार को एक प्रेरणादायक आयोजन हुआ। सुप्रसिद्ध साहित्यकार और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय माखनलाल चतुर्वेदी की कालजयी रचना पुष्प की अभिलाषा का बँदीयों ने सामूहिक पाठ किया।

बताया जाता है कि कवि चतुर्वेदी ने इसी जेल में निरुद्ध रहते हुए 18 फरवरी 1922 को इस कविता की रचना की थी। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि इस कविता से हमें बलिदान और त्याग की प्रेरणा मिलती है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा यह कविता हमें सिखाती है कि देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान करना कितना महान कार्य है। माखनलाल की यह रचना सिर्फ कविता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। 
समारोह का आयोजन जेल प्रशासन ने किया गया। इस मौके पर विधायक सुशांत शुक्ला, वरिष्ठ साहित्यकार सतीश जायसवाल, कवि देवेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में कैदी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने किया. इस अवसर पर उप अधीक्षक कोकिला वर्मा, एम जी गोस्वामी,कल्याण अधिकारी रामपाल सिंह चिकित्सा अधिकारी डॉ चिरंजीवी चंद्राकर किया। कार्यक्रम को सफल बनाने मुख्य प्रहरी आनंद राम ध्रुव लव कुमार सक्रिय रहे.