ट्रेजर आइलैंड मॉल में जागरूकता अभियान: साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति और यातायात नियमों की दी गई जानकारी
दुर्ग/भिलाई। साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक करने और सुरक्षित यातायात एवं नशा मुक्ति का संदेश देने के उद्देश्य से दुर्ग पुलिस ने सोमवार को ट्रेजर आइलैंड मॉल, भिलाई में विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकa दुर्ग विजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में 1500 से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का आयोजन एवं समन्वय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) कौशलेन्द्र देव पटेल के नेतृत्व में किया गया। साइबर क्राइम प्रभारी डॉ. संकल्प राय ने नागरिकों को साइबर अपराध के बदलते तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। कार्यक्रम का आयोजन ग्रेसी म्यूजिक अकादमी के सहयोग से किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात कौशलेन्द्र देव पटेल ने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और वाहन चलाते समय जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार अपनाने की अपील की। उन्होंने नाबालिगों को वाहन नहीं देने, नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा नहीं करने तथा सड़क पर यातायात व्यवस्था बाधित न करने की समझाइश दी। डॉ. संकल्प राय ने डिजिटल लेन-देन के दौरान सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि नागरिक किसी भी व्यक्ति के साथ ह्रञ्जक्क, बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी या पासवर्ड साझा न करें।
उन्होंने संदिग्ध लिंक, अनजान कॉल और ऑनलाइन गतिविधियों से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता ही सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा है। कल्याणी नशा मुक्ति केंद्र के अजय कल्याणी ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने नशे से दूर रहकर अपने भविष्य और परिवार को सुरक्षित रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम में क्चस्क्क की इंद्रधनुष टीम और ग्रेसी म्यूजिक अकादमी के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से साइबर ठगी, नशे के दुष्प्रभाव और नशे की हालत में वाहन चलाने से होने वाले हादसों का प्रभावी संदेश दिया।
प्रस्तुति को उपस्थित नागरिकों ने उत्साहपूर्वक देखा। कार्यक्रम में यातायात जोन प्रभारी निरीक्षक जीआर ओगरे, स्मृतिनगर चौकी प्रभारी अमित अंदानी सहित पुलिस अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। एक्स-आर्मी एसोसिएशन के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए। दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 पर सूचना दें तथा नशे से संबंधित सहायता के लिए 1933 हेल्पलाइन का उपयोग करें। कार्यक्रम के माध्यम से साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति और सुरक्षित यातायात को लेकर नागरिकों को सजग एवं जिम्मेदार बनने का संदेश दिया गया।


