दक्षिण क्षेत्रीय अंतर महाविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता का हुआ विधिवत समापन विजेताओं को किया गया पुरस्कृत

दक्षिण क्षेत्रीय अंतर महाविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता का हुआ विधिवत समापन विजेताओं को किया गया पुरस्कृत
दक्षिण क्षेत्रीय अंतर महाविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता का हुआ विधिवत समापन
विजेताओं को किया गया पुरस्कृत
 
रामप्रसाद पोटाई कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र सिंगारभाट कांकेर में आयोजित दक्षिण क्षेत्रीय अंतर महाविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता का समापन कृषि महाविद्यालय परिसर में किया गया। इस प्रतियोगिता में 6 महाविद्यालय के 240 प्रतिभागियों ने भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर खेल भावना, अनुशासन और टीम स्पिरिट का परिचय दिया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि विधानसभा क्षेत्र कांकेर के विधायक  आशाराम नेताम ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने खेल भावना का परिचय देते हुए अपने हुनर का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ते हुए अपने माता-पिता के साथ जिले व प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी ने उत्कृष्ट खेल भावना और प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। यह प्रतियोगिता न केवल शारीरिक कौशल को दर्शाती है, बल्कि टीम वर्क और दृढ़ संकल्प को भी बढ़ावा देती है। श्री नेताम ने खेल प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं और प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों की सराहना की।
विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा ने महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं को कर्तव्य और अनुशासन का पालन करते हुए खेल के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रतिभागी खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती है। छात्र कल्याण इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. संजय शर्मा ने कहा कि हार जीत खेल का हिस्सा है, इससे आगे बढ़कर उŸाम गुण का संवर्धन प्रतियोगिता के दौरान हुआ, जो महत्वपूर्ण है। एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबॉल, बैडमिंटन सहित कई खेलों में रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। समापन समारोह में अतिथियों द्वारा विजेता, उपविजेता टीमों तथा विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार और ट्राफियां प्रदान की गई। समापन समारोह कार्यक्रम की अध्यक्षता रामप्रसाद पोटाई कृषि महाविद्यालय कांकेर डॉ. नीतिन कुमार रस्तोगी ने की।
प्रतियोगिता में शहीद गुण्डाधूर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र जगदलपुर ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए समग्र चैम्पियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। वहीं रामप्रसाद पोटाई कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, सिंगारभाट, कांकेर को उपविजेता घोषित किया गया। तृतीय स्थान पर लिंगो मृदियाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र नारायणपुर रहा। इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक, वैज्ञानिक, अधिकारी-कर्मचारी तथा सभी टीम मैनेजर, रैफरी, स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को ऋण प्रदाय करने 15 दिसम्बर तक मंगाए गए आवेदन
जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति कांकेर द्वारा जिले में निवासरत अनुसूचित जाति वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियों को स्वरोजगार स्थापना के लिए ऋण सहायता प्रदाय करने के लिए 15 दिसम्बर तक आवेदन आमंत्रित किया गया है। अंत्योदय स्वरोजगार योजनांतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के 48 युवक-युवतियों को ऋण सहायता उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। आवेदक को संबंधित जाति वर्ग का होना चाहिए और जिले का मूल निवासी होना चाहिए। उसकी पारिवारिक वार्षिक आय शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 01 लाख 50 हजार रुपए से अधिक नहीं होना चाहिए। राजस्व अधिकारी द्वारा प्रमाण-पत्र जारी नहीं होने पर सरपंच एवं पटवारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र मान्य होगा। आवेदक की उम्र 18 से 50 वर्ष होनी चाहिए तथा आवेदन के साथ जन्म तिथि अंकित 5वीं, 8वीं, 10वीं के अंकसूची, आधार, पेनकार्ड, राशन कार्ड एवं मतदाता परिचय पत्र इत्यादि की छायाप्रति के साथ पासपोर्ट साइज की दो फोटो एवं बैंक पासबुक की छायाप्रति प्रस्तुत करना होगा। साथ ही 10 रूपए के स्टाम्प पर किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था से ऋण अनुदान का लाभ नहीं लेने का शपथ पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। उपरोक्त पात्रता रखने वाले आवेदक अपना आवेदन जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति, कलेक्ट्रेट कम्पोजिट भवन के प्रथम तल, कक्ष क्रमांक 06 में 15 दिसम्बर तक कार्यालयीन समय में प्रस्तुत कर सकते हैं।


 छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश के बच्चों को किसा घटना विशेष में उनके द्वारा प्रदर्शित अदम्य साहस एवं बुद्धिमता के लिए राज्य वीरता पुरस्कार प्रदान किया जाना है। योजनांतर्गत 05 बालक-बालिकाओं को 25 हजार रूपए की राशि तथा प्रशस्ति पत्र पुरस्कार के रूप में प्रदान किए जाने का प्रावधान है। राज्य वीरता पुरस्कार हेतु निर्धारित प्रारूप एवं आवश्यक अभिलेखों सहित प्रस्ताव 20 दिसम्बर तक कार्यालय कलेक्टर, महिला एवं बाल विकास विभाग में जमा किया जा सकता है। उक्त अवधि के पश्चात प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।