मंत्री रामविचार नेताम ने ठाकुर जोहारनी मिलन समारोह में प्रदान की अनुदान सहायता, पशुपालन से बढ़ेंगे स्वरोजगार के अवसर

मंत्री रामविचार नेताम ने ठाकुर जोहारनी मिलन समारोह में प्रदान की अनुदान सहायता, पशुपालन से बढ़ेंगे स्वरोजगार के अवसर
सूकर पालन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेंगे नरहरपुर के 13 हितग्राही

मंत्री रामविचार नेताम ने ठाकुर जोहारनी मिलन समारोह में प्रदान की अनुदान सहायता, पशुपालन से बढ़ेंगे स्वरोजगार के अवसर
 ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा उनकी आजीविका के साधनों को मजबूत करने के उद्देश्य से शासन द्वारा पशुपालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित सूकरत्रयी योजना के अंतर्गत केवल अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को सूकर प्रजाति के नस्ल सुधार के लिए उच्च नस्ल के 02 मादा व 01 नर सूकर प्रदाय किया जाता है। योजना की कुल लागत 25 हजार रूपए होती है, जिसमें से 22 हजार 500 रूपए शासन द्वारा अनुदान दिया जाता है, शेष राशि हितग्राही का अंशदान होता है। इस योजना के तहत आज प्रदेश के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम ने कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम छापरपारा में आयोजित ब्लॉक स्तरीय ठाकुर जोहारनी मिलन समारोह में 13 हितग्राहियों को अनुदान सहायता राशि प्रदान की। प्रत्येक हितग्राही को सूकर पालन के लिए 22 हजार 500 रुपये की अनुदान राशि दी गई। इस सहायता से हितग्राही सूकर पालन व्यवसाय शुरू कर अपनी आय बढ़ाने तथा परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

शासन की अनुदान सहायता से पशुपालन व्यवसाय को मिलेगा बढ़ावा
सूकर पालन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आय अर्जित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए शुरुआती पूंजी की आवश्यकता होती है। ऐसे में शासन की अनुदान सहायता हितग्राहियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। योजना के तहत एक नर और दो मादा सूकर के लिए परिवहन सहित 25 हजार रुपये की लागत आती है। इसमें शासन द्वारा 22 हजार 500 रुपये अर्थात 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है, जबकि शेष 2 हजार 500 रुपये हितग्राही को अपने अंशदान के रूप में जमा करने होते हैं। इस प्रकार कम अंशदान के माध्यम से हितग्राही सूकर पालन व्यवसाय प्रारंभ करने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

नरहरपुर विकासखंड के इन 13 हितग्राहियों को मिला लाभ
योजना के अंतर्गत ग्राम देवीनवागांव के श्री रूपेन्द्र कुमार मण्डावी, कोचवाही की श्रीमती राजकुमारी जुर्री, बत्तबनी की श्रीमती महासिर नेताम, मारवाही की श्रीमती सबिता नेताम, चनार की श्रीमती वीणा कावड़े, रावस की श्रीमती मानोबाई,  रामदयाल शोरी,  सूरजा राम मरकाम, सुकचंद मरकाम, शामतरा के  भवन मरकाम,  देवराम नेताम, सारवण्डी के  सुखदेव शोरी तथा चनार की श्रीमती कमलबत्ती सलाम को अनुदान सहायता से लाभान्वित किया गया।
क्रमांक/1187/सुरेन्द्र


सफलता की कहानी
कृषि ड्रोन से खेती हुई आसान, अब 10-15 मिनट में एक एकड़ खेत में होगा कीटनाशक का छिड़काव
फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत किसान शिव कुमार कडियाम को कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने प्रदान किया 4 लाख रुपये के अनुदान से खरीदा गया कृषि ड्रोन

उत्तर बस्तर कांकेर, 17 अक्टूबर 2026/ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को आसान और समय की बचत करने की दिशा में ग्राम चंवाड़ निवासी किसान  शिव कुमार कडियाम ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। कृषि यंत्रीकरण सबमिशन अंतर्गत फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत उन्होंने कृषि ड्रोन खरीदा है, जिसके लिए उन्हें 04 लाख रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई है। नरहरपुर ब्लॉक के बासनवाही ग्राम पंचायत अंतर्गत गोंडवाना भवन, छापरपारा में आयोजित ब्लॉक स्तरीय ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने हितग्राही शिव कुमार कडियाम को कृषि ड्रोन प्रदान किया।
कृषि ड्रोन मिलने से शिव कुमार कडियाम के लिए खेतों में कीटनाशक का छिड़काव करना पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगा। पहले उन्हें अपने खेत में कीटनाशक का छिड़काव करने में लगभग 2 से 3 घंटे का समय लगता था, जबकि अब कृषि ड्रोन की मदद से मात्र 10 से 15 मिनट में एक एकड़ खेत में छिड़काव किया जा सकेगा। इससे समय और श्रम की बचत होगी तथा कृषि कार्यों को अधिक सुविधाजनक तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी। शासन की कृषि यंत्रीकरण संबंधी योजनाओं का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराकर खेती-किसानी के कार्यों को सरल बनाना और कृषि कार्यों में लगने वाले समय एवं श्रम को कम करना है। किसान  शिव कुमार कडियाम के लिए कृषि ड्रोन की उपलब्धता आधुनिक तकनीक के माध्यम से खेती को सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।