न्याय योजना का नाम बदलकर किसान उन्नति योजना किया गया

न्याय योजना का नाम बदलकर किसान उन्नति योजना किया गया
न्याय योजना का नाम बदलकर किसान उन्नति योजना किया गया
  • न्याय योजना में धान के अलावा दलहन-तिलहन, कोदो, कुटकी सहित अन्य फसलों के लिये प्रोत्साहन राशि मिलता था जिसे भाजपा ने बंद किया

रायपुर/30 जून 2025। साय सरकार कैबिनेट के द्वारा दलहन, तिलहन, मक्का फसलों पर सहायता राशि प्रदान करने के निर्णय को न्याय योजना की कॉपी-पेस्ट बताते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने किसानों का कर्ज माफ किया, धान की खरीदी 2800 रू. प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान, जिससे कृषि लाभकारी हुआ। प्रदेश के लाखों किसान कर्ज मुक्त हुए, आर्थिक रूप से सक्षम हुए, भाजपा की सरकार बनते ही उन सारी योजनाओं को बंद कर दिया गया। किसानों को खाद, बीज के लिये तरसाया जा रहा है। पर्याप्त मात्रा में बिजली नहीं दिया जा रहा है, किसानों को रबी फसल लगाने से रोका गया, इससे किसानों की माली हालत खराब हुई। धान के अलावा अन्य फसलों पर मिलने वाले प्रोत्साहन राशि को बंद किया गया जिससे उन फसलों की पैदावार खत्म हो गयी। आज सरकार को अपनी गलती का अहसास हुआ तब राजीव गांधी किसान न्याय योजना का नाम बदलकर किसान उन्नति योजना के माध्यम से अन्य फसल लगाने वाले को प्रोत्साहित करने तैयार हुई है। इसी को कहते है लौट के बुद्धु घर का आये।


प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की सरकार राजीव गांधी किसान न्याय योजना के कार्यों का कापी-पेस्ट कर नाम बदलकर किसान उन्नति योजना किया है। कांग्रेस की सरकार राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से धान के अलावा गन्ना, मक्का, दलहन-तिलहन, कोदो, कुटकी, रागी, फलदार वृक्ष लगाने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति एकड़ 10 हजार रू. प्रोत्साहन राशि देने की शुरूआत किया था, जिसके चलते धान के फसल के अलावा अन्य फसलों की ओर किसानों की रूचि बढ़ी थी, भाजपा की सरकार ने न्याय योजना को बंद करके धान के अलावा अन्य फसल लगाने वालों को प्रोत्साहन राशि दी जाती थी उसे बंद कर दिया था। अब न्याय योजना का नाम बदलकर कृषि उन्नत योजना चलायी जा रही है कांग्रेस सरकार की कॉपी-पेस्ट है। इससे स्पष्ट है कि भाजपा सरकार के पास किसानों को लेकर कोई योजना नहीं है।