डॉ. एच. पी. सिन्हा जी, एमडी, डीएम न्यूरोलॉजिस्ट, एनएचएमएमआई ने ब्रेन स्ट्रोक के कारण, निदान एवं उपचार हेतु  व्यापारियों को महत्वपूर्ण  जानकारी दी - कैट

डॉ. एच. पी. सिन्हा जी, एमडी, डीएम न्यूरोलॉजिस्ट, एनएचएमएमआई ने ब्रेन स्ट्रोक के कारण, निदान एवं उपचार हेतु  व्यापारियों को महत्वपूर्ण  जानकारी दी - कैट

डॉ. एच. पी. सिन्हा जी, एमडी, डीएम न्यूरोलॉजिस्ट, एनएचएमएमआई ने ब्रेन स्ट्रोक के कारण, निदान एवं उपचार हेतु  व्यापारियों को महत्वपूर्ण  जानकारी दी - कैट
लकवा होने पर जल्द से जल्द अस्पताल पंहुचना आवश्यक  - डॉ. एच. पी. सिन्हा
कैट के प्रदेश कार्यालय में ब्रेन स्ट्रोक जागरूकता पर कार्यशाला हुई

देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य श्री अमर पारवानी, प्रदेश चेयरमेन श्री मगेलाल मालू, प्रदेश चेयरमेन श्री विक्रम सिंहदेव, प्रदेश एक्जीक्यूटिव चेयरमेन श्री जितेन्द्र दोशी, प्रदेश अध्यक्ष श्री परमानंद जैन, प्रदेश महामंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री अजय अग्रवाल ने संयुक्त रूप से बताया कि आज कैट के प्रदेश कार्यालय में डॉ. एच. पी. सिन्हा जी, एमडी, डीएम न्यूरोलॉजिस्ट, एनएचएमएमआई ने ब्रेन स्ट्रोक के कारण, निदान एवं उपचार हेतु  व्यापारियों को महत्वपूर्ण  जानकारी दी
डॉ. एच. पी. सिन्हा जी, एमडी, डीएम न्यूरोलॉजिस्ट, एनएचएमएमआई ने बताया कि हम सभी एक स्वस्थ, पूर्ण और लंबा जीवन जीना चाहते हैं। हालांकि जीवन शैली में महत्वपूर्ण बदलावों के कारण बीमारियों ने हर किसी के स्वास्थ्य पर असर डाला है। तनाव के कारण काम और जीवन में संतुलन बनाना कठिन हो गया है। जैसा कि हम कई जानलेवा बीमारियों के बारे में बात करते हैं और उनमें से एक है ब्रेन स्ट्रोक, जो एक आपातकालीन स्थिति है जो जीवन भर के लिए विकलांगता/निर्बलता का कारण बन सकती है।

डॉ. सिन्हा ने आगे बताया कि मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त प्रवाह के बन्द होने के  कारण ब्रेन स्ट्रोक होने की संभावना होती है जो जीवन के लिए खतरा है। यह आपके मस्तिष्क में ब्लीडिंग या आर्टरी में रुकावट के कारण होता है। और रक्त की आपूर्ति में कमी का मतलब ऑक्सीजन की कमी है जिसके कारण मस्तिष्क के सेल्स की मृत्यु  होने लगती हैं और परिणामस्वरूप ब्रेन स्ट्रोक होता है। ब्रेन स्ट्रोक में समय का बहुत महत्व है। जितनी देरी अस्पताल पंहुचेगें समस्या उतनी ही बढ़ेगी। इसलिए मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल पंहुचना चाहिए। ब्रेन स्ट्रोक दुनिया भर में मौत का सबसे आम कारण है। मस्तिष्क से संबंधित किसी भी समस्या की जांच के लिए न्यूरोलॉजिकल परीक्षण किया जा सकता है। मस्तिष्क स्ट्रोक का निदान करने के लिए निम्नलिखित परीक्षण शामिल होते हैं :- ईसीजी, सीटी स्कैन, ईईजी, एमआरआई एवं रक्त परीक्षण आदि।


डॉ. सिन्हा ने  बताया कि ब्रेन स्ट्रोक के लिए निवारक उपाय स्वस्थ खायें और स्वस्थ पियेंः अच्छी मात्रा में फल, सब्ज़ियाँ खाने से मस्तिष्क का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। इसके अलावा नट्स और सीड्स के रूप में स्वस्थ फैट होने से मस्तिष्क के स्वास्थ्य को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है और यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल को भी कम करता है। व्यायाम करें शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने और मस्तिष्क, हृदय और अन्य अंगों को स्वस्थ और फिट रखने के लिए व्यायाम महत्वपूर्ण है, या मध्यम से तीव्र व्यायाम नियमित रूप से करना चाहिए। धूम्रपान एवं  मद्यपान हानिकारक है यह सभी जानते हैं और इससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि यह शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को कम कर देता है और जितनी जल्दी आप धूम्रपान छोड़ देंगे उतना ही स्वस्थ होंगे।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य श्री अमर पारवानी ने कहा कि ब्रेन स्ट्रोक एक जीवन-घातक स्थिति है जिसके बारे में लोगों में उचित जागरूकता की आवश्यकता है क्योंकि देरी से या विलंबित उपचार कोमा या मृत्यु या स्थायी विकलांगता का कारण बन सकता है। शरीर में हर छोटी बड़ी गतिविधि होने पर तुरंत अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श लें, और जोखिमों से बचें। कैट सभी व्यापारियों साथी से अपील करती है कि अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहे।

जागरूकता कार्यक्रम कैट, युवा कैट, महिला कैट, ट्रांसर्पोट कैट एवं उद्योग कैट के पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे :- अमर पारवानी, जितेन्द्र दोशी, जीवत बजाज परमानन्द जैन, सुरिन्दर सिंह, राकेश ओचवानी, शंकर बजाज, अवनीत सिंह, सतीश श्रीवास्तव, मोहन वर्ल्यानी,  कैलाश खेमानी, कान्ति पटेल, रतनदीप सिंह, भरत भूषण गुप्ता, श्रीमती मधु अरोरा, श्रीमती जयराम कुकरेजा सूरज उपाध्याय, विजय जैन, टी. श्रीनिवास रेडडी, नागेन्द्र तिवारी,  मनीष सोनी, गुरूमत सिंह, हिमांशु वर्मा,  दिनेश साहू, जुगनु नागवानी,  विक्रांत राठौर,  अमित गुप्ता, बी.एस. परिहार, प्रकाश माखीजा, यश पटेल, खोखन कुण्डु, अविनाश माखीजा, कमल लहेजा, विष्णु क्षत्री एवं अन्य व्यापारीगण।