ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर, IMD ने और अधिक बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया
बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में बने अवदाब के कारण पिछले 24 घंटे में हुई भारी बारिश से मंगलवार को ओडिशा के उत्तरी जिलों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई। भारी बारिश से कई नदिया उफना गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जाजपुर और भद्रक जिलों के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करने के बाद मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की और तत्काल उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की। बाढ़ से करीब 9.40 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अब तक 3.30 लाख प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में बना अवदाब अब झारखंड और उससे सटे पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों की ओर बढ़ गया है। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है।
आईएमडी ने सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा और बरगढ़ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। वहीं, संबलपुर, देवगढ़, क्योंझर, सोनपुर और बलांगीर जिलों के लिए भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, देवगढ़, क्योंझर, सोनपुर और बलांगीर जिलों में बिजली कड़कने तथा 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान जताया है।
ओडिशा तट के पास समुद्र की स्थिति खराब रहने की संभावना को देखते हुए आईएमडी ने मछुआरों को 18 अगस्त को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।
विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) कार्यालय के अनुसार, पिछले 24 घंटे में मयूरभंज जिले के बहलदा में 273 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि रायरंगपुर में 207 मिलीमीटर और बालासोर में 93.1 मिलीमीटर बारिश हुई।
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने कहा कि जाजपुर, भद्रक और केंद्रापड़ा जिलों में बाढ़ का कारण बनी बैतरणी और ब्राह्मणी नदियों का जलस्तर फिलहाल स्थिर है, लेकिन सुंदरगढ़ और झारसुगुड़ा में भारी बारिश के कारण इनके जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना है।
राउत ने बताया कि झारखंड के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर भी बढ़ सकता है। इससे बालासोर जिले के बस्ता, बालीपाल और जलेश्वर समेत कई प्रखंडों में बाढ़ का पानी घुस सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘झारखंड से छोड़ा गया अतिरिक्त बाढ़ का पानी बुधवार को बालासोर पहुंचने की आशंका है।’’
राउत ने महानदी नदी तंत्र में बाढ़ की संभावना से इनकार करते हुए कहा कि विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक हीराकुंड बांध के 10 गेटों से पानी छोड़े जाने के बाद कटक के पास मुंडली में करीब चार लाख क्यूसेक पानी बहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि हीराकुंड जलाशय में वर्तमान जलस्तर 619.97 फुट है, जबकि इसका पूर्ण जलाशय स्तर 630 फुट है।
इस बीच, राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित इलाकों में ओडिशा त्वरित कार्य बल (ओडीआरएएफ) की 45 टीमें, एनडीआरएफ की आठ टीमें और अग्निशमन सेवा की 53 इकाइयां तैनात की गई हैं।


