OTS के माध्यम से बकाया संपत्तिकर का समाधान, ब्याज-अधिभार में नियमानुसार मिलेगी छूट: महापौर

OTS के माध्यम से बकाया संपत्तिकर का समाधान, ब्याज-अधिभार में नियमानुसार मिलेगी छूट: महापौर

OTS के माध्यम से बकाया संपत्तिकर का समाधान, ब्याज-अधिभार में नियमानुसार मिलेगी छूट: महापौर


भाटागांव में सब्जी व्यापारियों के साथ हुए कृत्य पर महापौर ने अधिकारियों के प्रति जताई नाराजगी

शासन की छवि धूमिल करने का कार्य न करें अधिकारीगण : महापौर

24 घंटे में संपत्ति पुनर्मूल्यांकन के नोटिस पर महापौर नाराज अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण

यूजर चार्ज पर ब्याज वसूली को लेकर भी महापौर ने अधिकारियों से मांगा जवाब

एम्स में आए हुए मरीजों के परिजनों के लिए बनेगा पेइंग गेस्ट हाउस:महापौर


रायपुर नगर निगम मुख्यालय में महापौर श्रीमती मीनल चौबे की अध्यक्षता में मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में शहर के सुनियोजित विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार, पेयजल एवं प्रकाश व्यवस्था, राजस्व सुदृढ़ीकरण, रोजगार, महिला एवं दिव्यांगजन सुविधाओं, सामाजिक सुरक्षा तथा शहर के सौंदर्यीकरण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए गए।

बैठक में बकाया संपत्तिकर के निपटारे के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना लागू करने का निर्णय लिया गया। नगर निगम क्षेत्र में लगभग 3.50 लाख पंजीकृत संपत्तियों में से लगभग 2.50 लाख संपत्तियों द्वारा नियमित रूप से संपत्तिकर का भुगतान किया जा रहा है। शेष बकाया संपत्तिकर के मामलों के निपटारे के लिए निर्धारित अवधि में भुगतान करने वाले करदाताओं को नियमानुसार ब्याज एवं अधिभार में छूट का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।

महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि राजस्व व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है, लेकिन इसके साथ करदाताओं को नियमानुसार राहत और सुविधाएं देना भी नगर निगम की जिम्मेदारी है। OTS योजना के माध्यम से बकाया संपत्तिकर के मामलों का समाधान करने का अवसर मिलेगा और निगम के राजस्व तंत्र को भी मजबूती मिलेगी।

बैठक में शहर में संचालित अवैध एवं मिसिंग नल कनेक्शनों के नियमितीकरण की योजना को भी आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। निर्धारित शुल्क जमा करने पर पात्र आवासीय एवं व्यावसायिक नल कनेक्शनों को नियमानुसार वैध किया जाएगा तथा संबंधित संपत्ति को Property Tax ID से लिंक किया जाएगा।

भाटागांव के सब्जी व्यापारियों के मामले में अधिकारियों पर नाराज हुईं महापौर
बैठक के दौरान भाटागांव में सब्जी व्यापारियों के साथ हुए कृत्य के विषय को लेकर महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि व्यापारियों एवं आम नागरिकों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए तथा किसी भी कार्रवाई से पहले नियमानुसार प्रक्रिया और जनहित का ध्यान रखा जाए।

महापौर ने कहा कि नगर निगम का दायित्व केवल व्यवस्थाओं का संचालन करना नहीं, बल्कि शहर के नागरिकों और व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करना भी है। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित हितधारकों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।

शहर के विकास और सौंदर्यीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय
बैठक में सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा की स्थापना एवं सौंदर्यीकरण, रिंग रोड क्रमांक-02 से रॉयल ज्वेल्स चौक तक मार्ग का नामकरण स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. बूजलाल शर्मा के नाम पर करने तथा खो-खो पारा स्थित पंकज उद्यान का नाम स्व.  पंकज शर्मा के नाम पर किए जाने का निर्णय लिया गया।
इसी क्रम में कलेक्टोरेट चौक का नाम भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक किए जाने का निर्णय लिया गया। शहर के विभिन्न चौक, रोड मीडियन एवं उद्यानों के विकास एवं सौंदर्यीकरण से संबंधित प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
अमृत मिशन 2.0 के अंतर्गत अमृत विहार शीतला तालाब के जीर्णोद्धार के लिए ₹4.50 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके तहत परिधि दीवार, पाथवे, विद्युत व्यवस्था एवं सौंदर्यीकरण सहित विभिन्न कार्य किए जाएंगे। कार्य के संचालन एवं संधारण के लिए पांच वर्ष की अवधि निर्धारित की गई है।

पेयजल और प्रकाश व्यवस्था को मिलेगा विस्तार
शहर की बढ़ती आबादी एवं भविष्य की पेयजल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में नवीन जलागार निर्माण एवं पाइपलाइन विस्तार के लिए डीपीआर तैयार कर शासन को भेजने तथा आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त करने का निर्णय लिया गया।
80 एवं 150 एमएलडी जल संयंत्रों के वार्षिक संचालन एवं संधारण के लिए प्राप्त न्यूनतम दर को भी स्वीकृति दी गई।
शहर की प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय गोगां

एवं स्वामी विवेकानंद वार्ड क्रमांक-44 के गोल बाजार क्षेत्र में विद्युत पोल एवं एलईडी लाइट लगाने के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए निविदा आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया।

रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर
भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की स्ट्रीट फूड हब संबंधी मार्गदर्शिका के तहत महादेवघाट स्थित विसर्जन कुंड में लगभग ₹198.80 लाख की लागत से स्ट्रीट फूड हब विकसित करने का निर्णय लिया गया। इससे स्ट्रीट वेंडर्स को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के साथ उनकी आजीविका एवं बेहतर वेंडिंग व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

वहीं मोवा स्थित गारमेंट फैक्ट्री के पुनर्जीवन एवं आधुनिकीकरण का भी निर्णय लिया गया। लगभग ₹1.90 करोड़ के निवेश से PPP मॉडल पर मशीनरी स्थापना, संचालन एवं प्रबंधन का कार्य कराया जाएगा। इससे लगभग 500 नए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

महिला, दिव्यांगजन और मरीजों के परिजनों के लिए सुविधाएं
संत रविदास वार्ड स्थित महतारी सदन एवं महिला योग भवन के संचालन एवं संधारण का कार्य CSR मद से कराने का निर्णय लिया गया। इसके लिए EOI आमंत्रित करने की स्वीकृति दी गई।

दिव्यांगजनों के लिए लगभग ₹9.99 करोड़ की लागत से दिव्यांग समावेशी पार्क के निर्माण को मंजूरी दी गई। पार्क में दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं, उपचारात्मक एवं प्रशिक्षण कक्ष, मनोरंजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

इसके साथ ही एम्स रायपुर के समीप मरीजों के परिजनों के लिए पेइंग गेस्ट हाउस के निर्माण, संचालन एवं संधारण की योजना को भी स्वीकृति दी गई। इसका उद्देश्य उपचार के लिए रायपुर आने वाले गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों के परिजनों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं किफायती आवास उपलब्ध कराना है। परियोजना को गैर-लाभकारी मॉडल पर संचालित करने के लिए EOI के माध्यम से साझेदार संस्था के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

सामाजिक सुरक्षा के 268 पात्र प्रकरणों को मंजूरी
सामाजिक कल्याण एवं परिवार सहायता योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त कुल 268 पात्र प्रकरणों को एमआईसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इनमें सामाजिक सुरक्षा/पेंशन के 183 तथा राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के 85 प्रकरण शामिल हैं। पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार योजनाओं का लाभ प्रदान करने के लिए सभी प्रकरणों की स्वीकृति का निर्णय लिया गया।
महापौर ने कहा—जनहित और जनसुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि रायपुर के समग्र और संतुलित विकास के साथ प्रत्येक वर्ग तक बेहतर नागरिक सुविधाएं पहुंचाना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विकास कार्यों के साथ राजस्व व्यवस्था को मजबूत करना, पेयजल एवं प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाना, रोजगार के अवसर बढ़ाना तथा जरूरतमंद वर्गों के लिए सुविधाएं विकसित करना निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि जनहित और जनसुविधा को केंद्र में रखकर सभी कार्य गुणवत्ता के साथ और निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएंगे। नगर निगम की योजनाओं और विकास कार्यों का उद्देश्य रायपुर को अधिक सुव्यवस्थित, सुविधायुक्त, सुरक्षित और सुंदर शहर बनाना है।