गुरुओं की विरासत का दुर्लभ दर्शन – सिख इतिहास की धरोहर रायपुर में पहली बार प्रदर्शित

गुरुओं की विरासत का दुर्लभ दर्शन – सिख इतिहास की धरोहर रायपुर में पहली बार प्रदर्शित

प्रेस विज्ञप्ति 

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छत्तीसगढ़ सिख समाज

दिनांक: 30 जुलाई 2025

गुरुओं की विरासत का दुर्लभ दर्शन – सिख इतिहास की धरोहर रायपुर में पहली बार हो रही प्रदर्शित

रायपुर।

सिख इतिहास की 450 वर्षों पुरानी दुर्लभ और पवित्र सामग्रियों का दर्शन अब छत्तीसगढ़वासियों के लिए संभव हो रहा है। प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. भगवान सिंह खोजी द्वारा पंजाब से लाई गई ये ऐतिहासिक, धार्मिक, अमूल्य वस्तुएं गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा जी साहब, तेलीबांधा रायपुर में 31 जुलाई शाम को प्रदर्शित की जा रही हैं।

*क्या क्या हैं अद्वितीय वस्तुएं ?*

श्री गुरु हरगोबिंद सिंह जी की कृपाण, ढाल व कमंडल

नानकशाही सिक्के (महाराजा रणजीत सिंह कालीन)

श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी की दुर्लभ तस्वीर

श्री गुरु गोविंद सिंह जी द्वारा पांच प्यारों को दिया गया हुक्मनामा साहिब

स्वर्ण स्याही में लिखी गई ग्रंथ पुस्तक (गुरु गोविंद सिंह जी द्वारा लिखित)

श्री गुरु अंगद देव जी के 35 अक्षर – गुरुमुखी लिपि के मूल स्वरूप

माता दामोदर जी का पीढ़ा, रथ का युद्ध घंटा

जैसी वस्तुएं शामिल हैं, जो सिख धर्म की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का जीता-जागता प्रमाण हैं।

छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज समस्त सिख संगत एवं सभी श्रद्धालुजनों से सादर अपील करता है कि वे इस ऐतिहासिक और पवित्र आयोजन में उपस्थित होकर सिक्ख गुरुओं की इस अमूल्य विरासत के दर्शन करें और अपने जीवन को सफल बनाएं।

छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, मनमोहन सिंह सैलानी, गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा जी साहब के प्रधान हरकिशन सिंह राजपूत परविंदर सिंह भाटिया, सुरजीत सिंह छाबड़ा, स्वर्ण पाल सिंह चावला, परमजीत सिंह सलूजा, मनजीत सिंह भाटिया, हरविंदर सिंह खालसा, मनदीप सिंह सलूजा, गुरदीप सिंह टुटेजा, मानवेंद्र सिंह डडियाला, हरदीप सिंह छाबड़ा जिला अध्यक्ष बेमेतरा, गुरमीत सिंह अरोड़ा जिला अध्यक्ष बिलासपुर ने अपील की है कि यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत होगा और हमें अपने इतिहास, धर्म और परंपरा से जुड़ने का अमूल्य अवसर प्रदान करेगा।

धार्मिक आस्था, इतिहास और आत्मिक ऊर्जा से भरपूर यह प्रदर्शनी हर श्रद्धालु के लिए दर्शनीय है।

Mail chhattisgarhsikkhsamaj@gmail.com