पत्रकारिता की आड़ में भय और उगाही का खेल! ‘न्यू इंडिया टाइम्स’ पोर्टल का दिलेश्वर गोस्वामी जांच के घेरे में
कलम के पीछे अपराध? दिलेश्वर गोस्वामी पर लूट-उगाही और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप
मन्नू मानिकपुरी संवाददाता बिलासपुर
बिलासपुर | मस्तूरी–जयरामनगर
खुद को न्यूज पोर्टल “न्यू इंडिया टाइम्स” का पत्रकार बताने वाले दिलेश्वर पूरी गोस्वामी, निवासी जयरामनगर, मस्तूरी (जिला बिलासपुर) द्वारा प्रकाशित खबरों में भ्रामक तथ्यों की भरमार सामने आने के बाद अब उसकी भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला सिर्फ गलत खबरों तक सीमित नहीं, बल्कि लूट, उगाही और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोपों तक पहुंच चुका है।
लूट कांड में संदिग्ध भूमिका जांच अभी भी शून्य
माह जून 2025 में जयरामनगर निवासी विकास तिवारी के साथ थाना तोरवा क्षेत्र में नकाबपोश बदमाशों द्वारा मारपीट कर लूट की घटना हुई थी। इस मामले में थाना तोरवा में अपराध क्रमांक 266/2025, धारा 309(6) BNS के तहत अपराध दर्ज किया गया।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि दिलेश्वर गोस्वामी की भूमिका भी इस वारदात से जुड़ी हो सकती है बताया जा रहा है कि इसी अपराध से खुद को बचाने के उद्देश्य से दिलेश्वर गोस्वामी ने विकास तिवारी एवं अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी मस्तूरी एवं थाना मस्तूरी में लगातार शिकायतें कर दबाव की रणनीति अपनाई
तीन FIR, लेकिन कार्यवाही शून्य
दिलेश्वर गोस्वामी द्वारा अब तक विकास तिवारी पक्ष के विरुद्ध 03 FIR दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन विवेचना में अब तक कोई ठोस या स्पष्ट प्रमाण सामने नहीं आया है। इसके बावजूद उसकी रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए पुलिस विवेचना जारी रखे हुए है।
2 लाख रुपये की मांग का ऑडियो बना बड़ा सबूत
मामले ने उस वक्त तूल पकड़ लिया जब अनावेदक विकास तिवारी द्वारा एक ऑडियो क्लिप पुलिस को सौंपी गई जिसमें कथित तौर पर दिलेश्वर गोस्वामी 02 लाख रुपये की मांग करता हुआ सुना जा रहा है। पुलिस द्वारा ऑडियो क्लिप की तकनीकी जांच कराई जा रही है, जो इस पूरे प्रकरण में निर्णायक साबित हो सकती है।
डर दिखाओ, खबर छापो, पैसा वसूलो — यही तरीका?
प्रथम दृष्टया जांच में यह भी सामने आया है कि दिलेश्वर गोस्वामी मस्तूरी और पचपेड़ी क्षेत्र में व्यवसायियों व प्रतिष्ठानों को भय दिखाकर उगाही करता है। आरोप है कि पैसे नहीं मिलने पर वह अपने तथाकथित न्यूज पोर्टल में खबर प्रकाशित कर संबंधित लोगों के खिलाफ पुलिस कार्यवाही का दबाव बनाता है। इन तथ्यों के उजागर होने के बाद मामलों की गहराई से जांच की जा रही है।
पुराने आपराधिक मामलों की लंबी सूची
खुद को पत्रकार बताने वाले दिलेश्वर गोस्वामी का अपराधिक इतिहास भी चौंकाने वाला है—
थाना तारबहार – अपराध क्रमांक 77/2016 धारा 186 IPC
थाना पचपेड़ी– अपराध क्रमांक 195/2017, धारा 384, 34 IPC
थाना मस्तूरी – अपराध क्रमांक 429/2020, धारा 384, 34 IPC
थाना तोरवा – अपराध क्रमांक 266/2025, धारा 309(6) BNS
जिला संबलपुर (ओडिशा) – अपराध क्रमांक 174/2003 धारा 364, 365, 342, 379, 34 IPC
पुलिस की सख्त नजर, बड़े खुलासों की संभावना
फिलहाल आवेदक एवं अनावेदक दोनों पक्षों द्वारा दिए गए आवेदनों, साक्ष्यों और रिकॉर्ड के आधार पर हर एंगल से बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों की मानें तो आने वाले समय में कड़े कदम और बड़े खुलासे संभव हैं।
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