आदिवासियों का पुनर्वास क्यों नहीं करना चाहती है सरकार  -डॉ. संदीप पाठक, प्रदेश प्रभारी, AAP, छग

आदिवासियों का पुनर्वास क्यों नहीं करना चाहती है सरकार  -डॉ. संदीप पाठक, प्रदेश प्रभारी, AAP, छग

आदिवासियों का पुनर्वास क्यों नहीं करना चाहती है सरकार  -डॉ. संदीप पाठक, प्रदेश प्रभारी, AAP, छग

छत्तीसगढ़ के जल जंगल जमीन को अडानी को देने आमादा साय सरकार-मुकेश अहलावत, प्रदेश सह प्रभारी,AAP, छग

रायपुर, 15 जुलाई 2025। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री, राज्यसभा सांसद और छत्तीसगढ़ प्रभारी डॉ. संदीप पाठक ने कांकेर के भानुप्रतापपुर  में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता सम्मलेन में राज्य की साय सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आदिवासियों के हितों की रक्षा करने में सरकार विफल साबित हुई है। और जैसा सरकार बोल रही है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त कर देंगें पर सरकार जवाब दे की जो लोग सलवा जुडूम विस्थापित हुए थे वे लोग आज कहां हैं? पुनर्वास के तहत जो कैंप में गए थे उनकी वस्तु स्थिति क्या है? सरकार स्पष्ट करें! जो गांव वीरान पड़े हैं वो लोग कहां गए और अगर उनका पुनर्वास नहीं हो पाया है तो सरकार ने क्या कदम उठाए? निश्चित ही सरकार की मंशा जंगल को किसी और के हाथ में देने की है,क्योंकि अगर पुनर्वास नहीं होते हैं तो इसका सीधा मतलब है कि किसी भी प्रकार के ग्राम सभा का आयोजन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सलवा जुडूम आंदोलन के दौरान विस्थापित आदिवासियों के पुनर्वास मामले में स्थिति चिंताजनक है और सरकार छत्तीसगढ़ की जनता को इसका जवाब दे।भाजपा अपने डेढ़ साल के कार्यकाल में ही नाकाम दिख रही है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश सह प्रभारी, उप नेता विपक्ष,दिल्ली,मुकेश अहलावत ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जल जंगल ज़मीन को साय सरकार उद्योगपतियों के हवाले करना चाहती है। राज्य में अडानी के लिए लाखों पेड़ काटे जा रहें हैं और मुख्यमंत्री "एक पेड़ मां के नाम" का दिखावा कर रही है। सरकार आदिवासियों के रोजगार की व्यवस्था आज तक नहीं कर पायी है. पुनर्वास की व्यवस्था करने में सरकार फेल रही है। आदिवासियों के लिए अच्छे स्कूलों की व्यवस्था नहीं कर पा रही है। राज्य सरकार आदिवासी अंचल में स्वास्थ्य सुविधाएँ मुहैया क्यों नहीं कर पा रही है,आज भी अगर कोई बड़ी घटना घटती है तो उनका इलाज दंतेवाड़ा बीजापुर में कराना पड़ता है। पाँचवी अनुसूची होने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लगता है उद्योगपतियों से विष्णुदेव साय जी ने पूरे छत्तीसगढ़ को उजाड़ने का ठेका ले लिया है

प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने कहा कि सरकार पन विद्युत परियोजना के प्रभावित 53 गांव में ग्राम सभा क्यों नहीं करवा रही है। विस्थापित आदिवासी परिवारों को आज भी बुनियादी पहचान, भूमि, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर तत्काल अमल हो, हथियार की रिकवरी और पुनर्वास योजनाओं का क्रियान्वयन होना चाहिए। विस्थापित आदिवासियों को जल जंगल जमीन पर अधिकार मिलना चाहिए।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू, प्रदेश महासचिव वदूद आलम, प्रदेश संगठन महामंत्री जसबीर सिंग चावला, प्रदेश महासचिव (सोशल मीडिया, मीडिया प्रभारी, मुख्य प्रवक्ता) सूरज उपाध्याय, प्रदेश उपाध्यक्ष उत्तम जायसवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष भानु चंद्रा,प्रदेश संगठन मंत्री तेजेंद्र तोड़ेकर , प्रदेश सह सचिव के. ज्योति,रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अज़ीम खान, रायपुर लोकसभा महासचिव प्रदुमन शर्मा,रायपुर लोकसभा उपाध्यक्ष इमरान खान,प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य कांकेर देवलाल नरेटी,प्रदेश अध्यक्ष (आदिवासी विंग) मेहर सिंह वट्टी,प्रदेश उपाध्यक्ष घनश्याम चंद्राकर,प्रदेश संगठन प्रभारी संतराम सलाम, कांकेर लोकसभा अध्यक्ष हरेश चक्रधारी,महिला प्रदेश अध्यक्ष मिथलेश बघेल, प्रदेश संगठन मंत्री संजीत विश्वकर्मा, नारायणपुर जिलाध्यक्ष नरेंद्र नाग,बालोद जिलाध्यक्ष बालक साहू, कांकेर जिला मीडिया प्रभारी रविंद्र शोरी, शिव शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे।