छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के निर्देश पर एक गंभीर प्रकरण में कार्रवाई करते हुए आवेदिका को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
दिनांक 28/10/2026 को जिला रायपुर के 50 प्रकरण में अभी तक 28 प्रकरण मे जन-सुनवाई की गई जिसमें 07 प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ० ममता साहू जी की अध्यक्षता में, संभाग प्रभारी सदस्य मान श्रीमती सरला कोशरिया एवं मान. सदस्य ओजस्वी मंडावी के द्वारा आज राज्य की महिलाओं को त्वरित राहत पहुँचाने के उद्देश्य से एक वृहद और संवेदनशील निर्णय लिया गया है।
प्रकरणः - 01. उभयपक्ष उपस्थित। दोनो पक्षो को सुना गया। सखी वन स्टाप सेंटर की पीओ. व काउंसलर द्वारा दोनो पक्षो की कांउसलिंग कराई गई। आवेदिका, अनावेदक क्र. 01 के साथ रहने को तैयार नहीं है व स्त्रीधन वापस चाहती है। आवेदिका. अनावेदक के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करने हेतु स्वतंत्र है। अनावेदक, आवेदिका को 5 लाख रूपये 01 मुश्त 04 नवंबर को देना स्वीकार किया व 31 अक्टूबर को आवेदिका के साथ 01 महिला पुलिस व सखी वन स्टॉप सेंटर से ससुराल में रखे सामान को वापस लेने जायेगी। प्रकरण आगामी सुनवाई हेतु नियत किया गया।
प्रकरणः- 02. प्रकरण में आवेदिका ने अनावेदक से सम्पत्ति में हिस्सा चाहती है। पूर्व निर्णय अनुसार 2 एकड़ खेत ग्राम बिरकोनी व 1 मकान छेरीखेडी में है, दोनों को आवेदिका के नाम पर 01 माह के भीतर रजिस्ट्री कराने के निर्देश दिये गये। प्रकरण आगामी सुनवाई हेतु नियत किया गया।
प्रकरणः 03. आवेदिका की ओर से अधिवक्ता ने बताया कि समाज के अध्यक्ष द्वारा आवेदिका को परेशान किया जा रहा है तथा विभिन्न प्रकार के चारित्ररिक लांछन के आरोप लगाया जा रहा है। सुनवाई पश्चात जानकारी हुई कि आवेदिका ने भरण पोषण व धरेलू हिंसा का केस न्यायालय में दर्ज किया है। आवेदिका के बच्चे पहले जिस विद्यालय में पढ़ रहे थे वहां से टीसी. निकालवाने में अनावेदक मदद नहीं कर रहा है। बच्चो से पूछा गया उन्होने मां के साथ रहना स्वीकार किया। अनावेदक को निर्देश दिया गया कि बच्चो का टि.सी. निकाल कर आवेदिका को देवे। प्रकरण आगामी सुनवाई हेतु नियत किया गया।
प्रकरणः- 04. आवेदिका ने बताया कि अनावेदक के साथ रहना संभव नही है। बहुत मारपीट करता है, शराब की लत है। वर्तमान में आवेदिका अपने मायके रायपुर में निवासरत है और अनावेदक से भरण पोषण व तलाक लेना चाहती है। आवेदिका को विविक सहायता से वकील उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये। इस निर्देश के साथ प्रकरण नस्तीबद्व किया गया।
आवेदिका उपस्थित। अनावेदक ने वीडियो काल में अपना पक्ष रखा। आवेदिका ने अनावेदन से लिफ्ट की खरीदी की थी जो कि समय पर सर्विसिंग नही किया गया और लिफ्ट मेंकई समस्याये आई। आवेदिका दिव्यांग है उन्हे बहुत समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अनावेदक ने लिफ्ट में लापरवाही की बात स्वीकार की है। अनावेदक ने लिफ्ट ठीक करने हेतु नवंबर माह तक की मांग की गई है लिफ्ट को ठिक करने लिए। प्रकरण आगामी सुनवाई हेतु नियत किया गया।
प्रकरणः 05. दोनो पक्ष उपस्थित। दोनो को सुना गया। चूंकी अनावेदक क्रमांक 01 विवाहित है, उसे निर्देशित किया गया व आवेदिका से कोई संबंध न रखे और न ही कॉल करे। यदि अनावेदक आवेदिका को परेशान करता है तो आवेदिका अनावेदक के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करा सकती है और अनावेदिका भी अनावेदक से कोई संबंध न रखे। आवेदिका अनावेदक से कोई आर्थिक सहायता नही चाहती है। प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।
प्रकरणः- 06. उभयपक्ष उपस्थित। दोनो पक्षो को सुना गया। अनावेदन को रजिस्ट्री दिनांक तथा विवादित मकान की टैक्स की समस्त रसीद प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये। प्रकरण आगामी सुनवाई हेतु नियत किया गया।
प्रकरणः- 07. उभयपक्ष उपस्थित। दोनो पक्षो को सुना गया। आवेदिका व अनावेदक साथ में रहने को तैयार है। अनावेदक मारपीट, गाली-गलौच नही करेगा तथा आवेदिका को प्रतिमाह खर्च हेतु 5000/- रूपये देगा। प्रकरण निगरानी हेतु रखा गया।
प्रकरणः- 08. छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के निर्देश पर एक गंभीर प्रकरण में कार्रवाई करते हुए आवेदिका को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। आयोग को प्राप्त शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अनावेदक द्वारा आवेदिका को 12 वर्ष से शादी का झांसा देकर उसका दैहिक शोषण किया गया, चरित्र हनन किया गया तथा शादी से मुकरने की शिकायत की गई थी।
न्यायपीठ द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी, टिकरापारा, रायपुर को जांच कर की गई कार्रवाई से आयोग को अवगत कराने के निर्देश दिए गए थे।
आयोग के निर्देशों के पालन में थाना प्रभारी द्वारा अनावेदक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BN), 2023 की धारा 64 (2) (m) एवं पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर आगे की कार्रवाई की गई है।
03 प्रकरण में आवेदिका उपस्थित। अनावेदकगण अनुपस्थित। आगामी सुनवाई में अनावेदकगण की उपस्थिति टी.आई. के माध्यम से कराने का निर्देशित किया गया।सुनवाई में रायपुर संभाग प्रभारी श्रीमती मंजू थदानी, महिला थाना प्रभारी मौर्य, DSP स्नेहा आकाश राव, OSC कांउसलर नीति सिंह, प्रोटेक्शन ऑफिसर प्रीति पाण्डेय सहित आयोग कार्यालय के कर्मचारी/अधिकारी उपस्थित रहे है।