डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा और एआई जैसे क्षेत्रों में लाखों उच्च-भुगतान वाले रोजगार सृजित होंगे- शर्मा
डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा और एआई जैसे क्षेत्रों में लाखों उच्च-भुगतान वाले रोजगार सृजित होंगे- शर्मा
पर्यटन को केवल दर्शन तक सीमित न रखकर रोजगार का इंजन बनाया जा रहा है
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रमोद शर्मा ने कहा है कि केन्द्रीय बजट 2026 ‘विकसित भारत-2047‘ के लक्ष्य की दिशा में युवाओं को एक कुशल वर्कफोर्स और ग्लोबल लीडर के रूप में तैयार करने वाला रोडमैप पेश करता है। उन्होंने कहा कि बजट-2026 केवल सरकारी नौकरी देने के बजाय ‘एम्प्लॉयबिलिटी‘ (नियोजन क्षमता) बढ़ाने पर केंद्रित है। एवीजीसी और डेटा सेक्टर युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएंगे। स्कूल-कॉलेज स्तर पर लैब की स्थापना से छोटे शहरों के युवाओं को भी आधुनिक तकनीक तक पहुँच मिलेगी। 2047 (आजादी के अमृत काल) तक के लिए टैक्स रियायतें निवेश को स्थिरता प्रदान करेंगी, जिससे रोजगार के अवसर लंबे समय तक बने रहेंगे।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री शर्मा ने ‘ऑरेंज इकोनॉमी‘ और एवीजीसी (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक) सेक्टर में रचनात्मक क्रांति की चर्चा करते हुए कहा कि बजट 2026 ने रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मुख्यधारा में ला दिया है। 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की मांग को पूरा करने के लिए सरकार ‘क्रिएटर इकोनॉमी‘ पर काम कर रही है। 15 हजार माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में ‘एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब‘ स्थापित किए जाएंगे। यह तकनीकी कौशल को केवल शहरों तक सीमित न रखकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक पहुँचाने की पहल है। उन्होंने कहा कि डेटा और क्लाउड सेवाओं को लेकर की गई घोषणा युवाओं के लिए हाई-टेक जॉब्स का द्वार खोलती है। विदेशी क्लाउड कंपनियों को भारतीय डेटा सेंटरों का उपयोग करने पर 2047 तक टैक्स हॉलिडे दिया गया है। इससे भारत को ग्लोबल डेटा हब बनाने में मदद मिलेगी। इसी प्रकार यह बजट युवाओं को उपभोक्ता से सृजक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री शर्मा ने कहा कि डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा और एआई जैसे क्षेत्रों में लाखों उच्च-भुगतान वाले रोजगार सृजित होंगे। देश के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास 5 नई यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाई जाएंगी जिससे छात्र अपनी पढ़ाई के दौरान ही सीधे उद्योगों के साथ जुड़ सकेंगे, जिससे डिग्री के साथ-साथ प्रैक्टिकल स्किल भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने पर्यटन और सेवा क्षेत्र में युवाओं के लिए खुलतीं नई राहों का जिक्र कर कहा कि पर्यटन को केवल दर्शन तक सीमित न रखकर रोजगार का इंजन बनाया जा रहा है। 20 प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों पर 10 हजार युवाओं को गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण आईआईएम के सहयोग से दिया जाएगा, जिससे उनकी संचार क्षमता और व्यावसायिकता बढ़ेगी। यह कदम 2047 तक 10 करोड़ विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लक्ष्य का आधार बनेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अनगिनत अवसर पैदा होंगे।
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