छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने वाराणसी के जगतगंज गुरुद्वारा व मंदिर विवाद सुलझने पर जताया हर्ष, मुख्यमंत्री योगी और प्रशासन के प्रति जताया आभार
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने वाराणसी के जगतगंज गुरुद्वारा व मंदिर विवाद सुलझने पर जताया हर्ष, मुख्यमंत्री योगी और प्रशासन के प्रति जताया आभार
गुरुद्वारा और मंदिर दोनों एक ही परिसर में एक-दूसरे के सम्मान के साथ रहेंगे विद्यमान
रायपुर, 24 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने वाराणसी के जगतगंज स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब से जुड़े 42 साल पुराने धार्मिक विवाद के शांतिपूर्ण समाधान पर गहरा हर्ष और संतोष व्यक्त किया है। समाज ने उत्तर प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वाराणसी जिला प्रशासन के न्यायपूर्ण और समन्वयात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया है।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने इस अवसर पर कहा कि धर्मनगरी वाराणसी में 42 वर्षों से लंबित इस विवाद का समाधान शांतिपूर्वक और आपसी सहमति से होना पूरे देश के लिए सांप्रदायिक सौहार्द और सहिष्णुता का प्रेरणादायक उदाहरण है। अब मंदिर और गुरुद्वारा दोनों एक ही परिसर में एक-दूसरे के सम्मान के साथ विद्यमान रहेंगे – यह भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब की असली पहचान है।"
उन्होंने कहा कि यह निर्णय केवल एक कानूनी या प्रशासनिक समाधान नहीं, बल्कि देश की एकता और धार्मिक समरसता को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक क्षण है।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने वाराणसी प्रशासन के साथ-साथ दोनों पक्षों के धार्मिक प्रतिनिधियों की परिपक्वता और संयम की भी सराहना की है, जिन्होंने मामले को भड़काने के बजाय संवाद के माध्यम से सुलझाया।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह सिंघोत्रा , मनमोहन सिंह सैलानी, सुरजीत सिंह छाबड़ा, बलविंदर सिंह सैनी, मानवेंद्र सिंह डडियाला, स्वर्णपाल सिंह चावला, परमजीत सिंह सलूजा, मनजीत सिंह भाटिया, मनदीप सिंह सलूजा, हरविंदर सिंह खालसा, गुरदीप सिंह टुटेजा, हरदीप सिंह छाबड़ा, जिला अध्यक्ष बेमेतरा, गुरमीत सिंह अरोरा जिला अध्यक्ष बिलासपुर ने आशा जताई कि भविष्य में भी इस प्रकार के विवादों को आपसी सहमति और सम्मान के साथ सुलझाने की परंपरा से देश में एकता, शांति और भाईचारे की भावना प्रबल हुई है।
cg24
