बसना विधानसभा : संपत के संकल्प पत्र पर कितना हुआ अमल? : विधानसभा समीक्षा
बसना विधानसभा : संपत के संकल्प पत्र पर कितना हुआ अमल? : विधानसभा समीक्षा
*बसना विधायक संपत अग्रवाल के संकल्प पत्र पर कितना हुआ अमल?*
छत्तीसगढ़ के बसना विधानसभा क्षेत्र से विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने चुनाव के समय भाजपा प्रत्याशी रहते हुए पार्टी के घोषणा पत्र के अलावा अपना अलग संकल्प पत्र जारी किया था। इस संकल्प पत्र में उन्होंने जनता को कई बड़े वादे किए थे—स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, खेल, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े।

संपत अग्रवाल के विधायक बनने के बाद उन वादों पर कितना अमल हुआ? आइए देखते हैं संकल्प पत्र की प्रमुख घोषणाएं और उनकी स्थिति—
*स्वास्थ्य क्षेत्र*
जरूरतमंद मरीजों को निशुल्क इलाज उपलब्ध कराने का वादा।
बसना में सर्वसुविधायुक्त अस्पताल और 24×7 फ्री एंबुलेंस सेवा की घोषणा।
*हकीकत*
एंबुलेंस सेवा आंशिक रूप से उपलब्ध है, लेकिन पूर्णत: मुफ्त इलाज और सर्वसुविधायुक्त अस्पताल का वादा अधूरा है।
*कृषि और सिंचाई*
किसानों के लिए 95% सब्सिडी पर ट्यूबवेल व पंप सेट योजना।
किसानों का ट्यूबवेल कनेक्शन बकाया माफ।
जोंक परियोजना को शुरू कराने और तालाबों का सौंदर्यकरण का वादा।
*हकीकत* –
जोंक परियोजना और तालाब सौंदर्यकरण अधर में। किसानों का बकाया बिल माफी पर कोई ठोस कदम नहीं।
*शिक्षा और युवाओं के लिए वादे*
सांकरा में कॉलेज, आदिवासी छात्रों के लिए एकलव्य विद्यालय।
कॉलेजों में फ्री वाई-फाई और रोजगार आधारित कोर्स।
शिक्षकों की कमी दूर करने की बात।
*हकीकत* – कॉलेज की स्थापना का कार्य अब तक लंबित, फ्री वाई-फाई सुविधा भी लागू नहीं। शिक्षकों की कमी कुछ हद तक दूर हुई, लेकिन पूरी तरह नहीं।
महिला सशक्तिकरण
ब्लॉक स्तर पर कौशल विकास केंद्र (सिलाई, कंप्यूटर, ब्यूटी पार्लर कोर्स)।
मितानिन बहनों के लिए भवन निर्माण।
*हकीकत* – कौशल विकास प्रशिक्षण का काम छोटे पैमाने पर हुआ, लेकिन भवन निर्माण और बड़े स्तर पर ट्रेनिंग सेंटर नहीं बने हैं
*खेल और संस्कृति*
बसना-पिथौरा में स्टेडियम व स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण।
सभी गांवों में खेल मैदान और रंगमंच।
कलाकारों को ₹2000 मानदेय और वाद्ययंत्र देने का वादा।
*हकीकत*
खेल मैदान कुछ गांवों में बने, लेकिन स्टेडियम और कॉम्प्लेक्स का काम ठंडे बस्ते में। कलाकारों को मानदेय भी नहीं मिल पाया।
बुनियादी ढांचा
सड़क, नाली, पानी, बिजली की समस्या 6 माह में दुरुस्त करने का दावा।
*बसना-पिथौरा का सौंदर्यकरण और आधुनिक बस स्टैंड
*हकीकत*
कुछ सड़कों की मरम्मत हुई है, लेकिन नाली-पानी जैसी समस्याएं जस की तस। बस स्टैंड का निर्माण अब तक शुरू नहीं हुआ।
*धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार, सभी गांवों में मुक्तिधाम, 24 घंटे विधायक हेल्पलाइन।
*हकीकत*
मुक्तिधाम का काम आंशिक रूप से हुआ, पर हेल्पलाइन शुरू नहीं हुई।

डॉ. संपत अग्रवाल ने चुनाव के समय अपने संकल्प पत्र में कई लुभावने वादे किए थे। लेकिन विधानसभा का आधा कार्यकाल बीतने के बाद भी इनमें से अधिकांश वादे कागजों से आगे नहीं बढ़ पाए हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि में आंशिक काम हुआ है, जबकि खेल, रोजगार और बुनियादी ढांचे के बड़े वादे अधूरे हैं।
जनता अब अगले चुनाव में यह समीक्षा जरूर करेगी कि “संकल्प पत्र पर कितना अमल हुआ और कितना सिर्फ वादा ही रह गया।”
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