भालू से घर को सुरक्षित रखने नागरिकों को दी गई सलाह
उत्तर बस्तर कांकेर 22 अगस्त 2026/ कांकेर शहर एवं ग्रामीण अंचलों में वन्य प्राणी भालू, तेंदुआ की आमद को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर श्री कुंदन कुमार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा हेल्पलाईन नम्बर-90988-39898 तथा 74890-10658 जारी किया गया है,। नागरिकगण उक्त हेल्पलाईन नंबर पर फोन कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
जिला प्रशासन द्वारा भालुओं से सुरक्षा एवं बचाव के लिए नागरिकों से अपील की गई है कि अपने घर, मंदिर, सार्वजनिक पूजा स्थलों के आसपास कचरे के साथ खाद्य सामग्री न फेंके तथा कचरें को फेंकने के लिए कुडे़दान का उपयोग करें। घरेलू भोजन वन्य प्राणियों के आहर का हिस्सा नहीं है। आपके द्वारा फेकी या छोड़ी गई खाद्य पदार्थ के कारण वन्य प्राणी भालू शहर व गांव में आ जाते हैं। फेंकी गई भोज्य पदार्थ जंगली जानवर के रहवासी क्षेत्र में पहुंचने का कारण बनता है तथा धीरे-धीरे वह क्षेत्र में आने और रहने का आदि हो जाते हैं। खाद्य पदार्थ पन्नी, कागज अथवा प्लास्टिक में लपेटे होते हैं जिसे खाने से जंगली जानवर बीमार भी पड़ सकते हैं। जंगली जानवरों को जानबूझकर या गलती से खाना खिलाना उनके स्वास्थ्य के लिए और लोगों के जीवन के लिए भी हानिकारक हो सकती है। शांत वन्य प्राणी भी आक्रमक हो सकते हैं, जो लोगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
वन विभाग द्वारा नागरिकों से अपील करते हुए कहा गया है कि वन्य प्राणियों को निकलने के लिए पर्याप्त रास्ता छोड़े और उसके नजदीक न जाएं। वन्य प्राणियों को खाना खिलाना, खिलाने का प्रयास करना, उसे भगाना, पीछा करना, वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 का उल्लंघन है। अगर रहवासी क्षेत्र में कोई जंगली जानवर दिखाई देता है तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें। इसके लिए मोबाईल नम्बर 90988-39898 तथा 74890-10658 से सम्पर्क किया जा सकता है।
भालुओं से घर को सुरक्षित रखने के आसान उपाय
वन्य प्राणी (भालू) से घर को सुरक्षित रखने के लिए सबसे पहले घर के मुख्य दरवाजा को मजबूत करें। भालू घर के आसपास भोजन की गंध महसूस करेगा तो कमजोर दरवाजा एवं किवाड़ को धक्का देकर खोल सकता है। अपने घरों के बाउंड्री वाल, दीवार की ऊंचाई 7 से 8 फीट रखंे, जो भालू को घरों में प्रवेश करने से रोक सकते हैं। भोजन को घर के अंदर सुरक्षित रखें। महुआ, गुड़, फल, मिठाई, पका हुआ भोजन, मांस, मछली, अनाज के खुले बोरे इत्यादि को सुरक्षित रूप से भंडारित करें। घर के आंगन में स्थित मंदिरों के सामने तेल लगे दीये व प्रसाद खुले में न छोड़ें, दीया बुझने के बाद इसे सुरक्षित अंदर रख लें और मंदिर का दरवाजा, खिड़की मजबूती से बंद करें। कचरे की व्यवस्था बदलें, घर के बाहर खुली बाल्टी में बचे हुए खाद्य सामग्री रखना भालू को घर तक बुलाने जैसा है। भोजन के बचे हुए हिस्से को भी रात में बाहर न छोड़ें। खुले में कूड़ा न फेंकें, फल तथा सब्जी के सड़े हुए अवशेष घर के बाहर न रखें, मजबूत ढक्कन वाले डस्टबीन का उपयोग करें, कचरे को नियमित रूप से घर से बाहर निर्धारित कचरा शेड तक पहुंचाएं। यदि घर में पालतू पशु- गाय, बकरी, सूअर, मुर्गियां इत्यादि हों तो उन्हें घर के खुले बरामदे में न रखें। बकरी एवं मुर्गियों के लिए लोहे की मजबूत जाली वाला घर बनाना बेहतर होगा। घर के चारों तरफ साफ-सुथरा रखें तथा घर से लगे हिस्से में घनी झाड़ियों कांटा, पेड़ों के नीचे गिरे फल को पड़े न रहने दें। रात में प्रकाश की व्यवस्था घर के सामने और पीछे लगाना उपयोगी हो सकता है।


