कलेक्टर ने किया पॉलिटेक्निक के छात्रों को संबोधित, विश्व पटल पर नाम रोशन करने का किया आह्वान
कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने अपने उद्बोधन में कहा कि शासकीय क्षेत्र में रोजगार के अवसर सीमित है। साथ ही इंजीनियरिंग छात्रों को निजी क्षेत्रों में मिल रहे रोजगार के सुनहरे अवसर को आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने अपने छात्र जीवन के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि महाराष्ट्र के शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय से बी.ए.एम.एस. की उपाधि ली, लेकिन कालान्तर में समाजसेवा में रूचि होने के कारण उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा सन् 2011 में उत्तीर्ण कर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बने। छात्रों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि इंजीयनिरिंग के क्षेत्र में नवाचार को अपनाते हुए एक अच्छे इंजीनियर बनें, साथ ही अपने लिए वृह्द स्तर पर उपलब्ध रोजगार की सम्भावनाओं और अवसरों को स्वीकार करें। कलेक्टर ने छात्रों की उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अवसरों का लाभ उठाने और एक उत्कृष्ट इंजीनियर बनने के लिए अपनी शुभकामनाएं भी दी।
प्रबोधन कार्यक्रम में शासकीय मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर श्री धीरज कुमार ने भी छात्रों को संबोधित किया और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने के टिप्स दिए। उन्होंने एक अच्छे इंजीनियर के लिए भाषा के प्रस्तुतिकरण विषय पर प्रकाश डाला एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्रों में हो रहे नवाचारों से भलीभांति परिचित होने का आह्वान किया ताकि वे एक सफल इंजीनियर बन सकें। कार्यक्रम के अंत में संस्था के प्राचार्य डॉ. शैलेन्द्र सिंह ने संस्था में बाउण्ड्रीवाल एवं नलकूप खनन के लिए सी.एस.आर. मद से त्वरित स्वीकित के लिए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
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