सरकार बिजली के दाम घटाए, बिजली बिल हाफ योजना शुरू करें नहीं तो दिसंबर में सीएम हाउस का घेराव

सरकार बिजली के दाम घटाए, बिजली बिल हाफ योजना शुरू करें नहीं तो दिसंबर में सीएम हाउस का घेराव
सरकार बिजली के दाम घटाए, बिजली बिल हाफ योजना शुरू करें नहीं तो दिसंबर में सीएम हाउस का घेराव


रायपुर/17 नवंबर 2025। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारो से चर्चा करते हुये कहा कि लगातार बढ़ कर आ रहे बिजली बिलों से जनता परेशान है। देश के सबसे बड़े विद्युत उत्पादक राज्यों में से एक छत्तीसगढ़ के नागरिकों को सरकार की मुनाफाखोर वाली नीति के कारण मंहगी बिजली खरीदनी पड़ रही। सरकार ने 400 यूनिट तक बिजली के दाम आधा योजना को बंद कर दिया। बिजली के दाम बेतहाशा बढ़ा दिया, दो साल में चार बार बिजली के दाम बढ़ाए गए। कोयला पर सेस हट गया, कोयला सस्ता मिल रहा लेकिन सरकार ने बिजली के दाम नहीं घटाए। स्मार्ट मीटर के कारण भी रीडिंग ज्यादा आ रही। कांग्रेस पार्टी सरकार से मांग करती है, 30 नवंबर तक बिजली के दाम घटाए, 400 यूनिट तक बिजली के दाम आधा किया जाए, स्मार्ट मीटर लगाना बंद करे, जहां लग चुका है वहां पुराना चेक मीटर लगा के उसकी चेकिंग की जाए की उसमें रीडिंग खपत से अधिक तो नहीं आ रही। सरकार ने इन मांगों को नहीं माना तो एसआईआर के बाद दिसंबर के दूसरे सप्ताह में कांग्रेस पार्टी मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी।  

             
अधिकांश जगह धान खरीदी शुरू नहीं हो पाई


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 15 नवंबर से प्रदेश में धान खरीदी की शुरुआत हुई, लेकिन प्रदेश के 2739 केंद्रों में से 2560 केंद्रों में पहले दिन धान की खरीदी नहीं हुई। दूसरा दिन है लेकिन आज भी सरकार की तरफ से कोई तैयारी नहीं की गई है। सोसायटी कर्मचारी हड़ताल पर है। कम्प्यूटर ऑपरेटर हड़ताल पर है। किसानों का टोकन नही कट रहा। प्रदेश के 15000 सोसायटी कर्मचारी हड़ताल पर है, सरकार हड़ताल खत्म करवाने पर ध्यान नहीं दे रही, उल्टे एस्मा लगाकर कर्मचारियों को धमकाया जा रहा। एक तो धान खरीदी की तिथि 15 दिन बाद से शुरू हुई ऊपर से घोषित तिथि से भी सभी केंद्रों में खरीदी नहीं होना सरकार का षड्यंत्र है। सरकार के पास 3100 में धान खरीदने का पैसा नहीं है, इसलिए तमाम हथकंडे अपनाए जा रहे की कम से कम धान खरीदना पड़े।

सोसायटी कर्मचारियों की हड़ताल सरकार की दुर्भावना


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार धान खरीदी पूरा न हो इसलिए जानबूझकर सोसायटी कर्मचारियों से टकराहट का रास्ता अपना रही। कही एस्मा लगाकर गिरफ्तार किया जा रहा तो, कही कंप्यूटर ऑपरेटर को पुलिस भेज के धमकाया जा रहा। रायपुर कलेक्टर ने तो हद ही कर दिया 250 राशन दुकानों को सोसायटी से छीन कर पंचायतों को दे दिया। धान खरीदी की व्यवस्था तो बना नहीं पा रहे, अब राशन वितरण प्रणाली भी बर्बाद कर रहे। सरकार सोसायटी कर्मचारियों की मांग को तुरंत मांगे, उनसे बातचीत करें गतिरोध खत्म करे, ताकि प्रदेश के किसानों का धान खरीदा जा सके।

एसआईआर को लेकर आयोग के दावे संदेहास्पद


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आयोग की तरफ से ऐसा दावा किया जा रहा की उनकी तरफ से बीएलओ ने 80 प्रतिशत मतदाताओं तक प्रपत्र पहुंचा दिया गया है, जबकि हकीकत है कि अभी 25 प्रतिशत भी मतदाताओं तक फार्म नहीं पहुंचा है। आयोग इस प्रकार के आंकड़े अखबारों में क्यों छपवा रहा। अभी बीएलओ सभी मतदाताओं तक नहीं पहुंचे है। हमारी मांग है कि बीएलओ जब मतदाता के घर जाए तो उनसे वहां पहुंचने का पुष्टि प्रमाणपत्र हासिल करे। इस बात को कांग्रेस बार-बार उठा रही, लेकिन आयोग कुछ जवाब नहीं दे रहा। आयोग के 80 प्रतिशत फार्म पहुंचने के दावे के बाद तो यह और भी जरूरी हो गया कि बीएलओ मतदाता के घर पहुंचा है यह आयोग प्रमाणित करे।

पूरे प्रदेश में भाजपा नेता बीएलओ को धमका रहे


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कल राजधानी में भाजपा के एक पार्षद ने बीएलओ को धमकाया, वह व्यथित हो कर रो रही थी। कमोबेश पूरे प्रदेश में सत्ता रूढ़ दल के लोग एसआईआर काम को प्रभावित कर रहे है। बीएलओ पर दबाव डाल कर कांग्रेस समर्थित कांग्रेस के बढ़त वाले बूथों पर नाम कटवाने दबाव डाला जा रहा। आयोग इसको संज्ञान में ले और ऐसे तत्वों पर कड़ी कार्यवाही करे।