*CGPSC, MPPSC से लेकर NTA तक घोटालों और पेपर लीक से जुड़े प्रदीप जोशी के खिलाफ कार्रवाई करे सरकार: कन्हैया*
*CGPSC, MPPSC से लेकर NTA तक घोटालों और पेपर लीक से जुड़े प्रदीप जोशी के खिलाफ कार्रवाई करे सरकार: कन्हैया*
देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले प्रदीप जोशी को किसका संरक्षण प्राप्त है?
* *छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और अब देश की सबसे बड़ी परीक्षा एजेंसी NTA को भ्रष्टाचार का केंद्र बनाने वाले अधिकारी को क्यों दिया जा रहा संदेह का लाभ ?
रायपुर ।राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अध्यक्ष प्रोफेसर प्रदीप कुमार जोशी के विवादित कार्यकालों और देश भर में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मांग की है कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के मामले में NTA अध्यक्ष प्रदीप जोशी को जांच के दायरे में शामिल कर उनके खिलाफ उच्च स्तरीय कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET-UG 2026 और पूर्व में UGC-NET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं के पेपर लीक होने से प्रतिष्ठित परीक्षा प्रणाली की साख मिट्टी में मिल गई है । उन्होंने सवाल उठाया कि जब हर बड़े घोटाले और पेपर लीक की कड़ियाँ सीधे तौर पर प्रदीप जोशी के कार्यकाल से जुड़ रही हैं, तो आख़िर केंद्र सरकार उन्हें बचाने में क्यों जुटी है?
भ्रष्टाचार और विवादों का पुराना इतिहास*
कन्हैया अग्रवाल ने प्रदीप जोशी के पिछले कार्यकालों का हवाला देते हुए कहा कि विवाद और गड़बड़ियां उनके लिए नई नहीं हैं। उनका पूरा प्रशासनिक इतिहास युवाओं के भविष्य के साथ समझौते करने की गवाही देता है:*छत्तीसगढ़ PSC (2006-2011):* छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष रहते हुए उनके कार्यकाल में वर्ष 2003 और 2005 की परीक्षाओं में भारी अनियमितताएं हुईं। मूल्यांकन में मनमानी, इंटरव्यू में रसूखदारों को उपकृत करने और भाई-भतीजावाद के गंभीर आरोप लगे, जिसके खिलाफ पीड़ित छात्र आज भी अदालतों में न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। मध्य प्रदेश PSC (2011-2015):* मध्य प्रदेश में उनके कार्यकाल के दौरान परीक्षाओं में अत्यधिक देरी और अपारदर्शिता का माहौल रहा। यही नहीं, आरटीआई (RTI) के माध्यम से यह भी खुलासा हुआ कि उनकी नियुक्ति के पीछे एक खास वैचारिक संगठन की लिखित पैरवी और सिफारिश काम कर रही थी । राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी - NTA (2023 से वर्तमान):* छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश को प्रयोगशाल बनाने के बाद उन्हें देश की सबसे बड़ी परीक्षा एजेंसी सौंप दी गई। परिणाम स्वरूप, उनके कार्यकाल में NEET-UG 2024, UGC-NET और अब हाल ही में मई 2026 में हुए NEET-UG के महा-पेपर लीक ने देश के लाखों ईमानदार और मेहनती छात्रों को सड़क पर ला खड़ा किया है । NTA के डायरेक्टर जनरल के खिलाफ कार्रवाई की गई लेकिन अध्यक्ष को सीधे जिम्मेदार नहीं है कहकर बचाया गया है ।
"संरक्षण की राजनीति बंद करे भाजपा"*
कन्हैया अग्रवाल ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति के नेतृत्व में राज्य से लेकर केंद्र तक की स्वायत्त संस्थाओं की विश्वसनीयता खत्म हो गई, उसे भाजपा सरकार लगातार बड़े पदों से नवाजती रही। योग्यता को दरकिनार कर केवल वैचारिक प्रतिबद्धता के आधार पर ऐसे विवादित चेहरों को संरक्षण देना युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है।"
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार ने प्रदीप जोशी को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई नहीं की और देश की परीक्षा प्रणालियों में पारदर्शिता लाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो युवाओं और आम जनता को साथ लेकर एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। शिक्षा व्यवस्था को रसूखदारों और माफियाओं के हाथों की कठपुतली नहीं बनने दिया जाएगा ।
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