स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का संदेश - आप सबको स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं!
स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का संदेश
प्रिय साथियों,
आज जब हम अपनी आजादी के पर्व को मना रहे है। जब हम अपने राष्ट्रध्वज को आसमान में लहराता देखते है तब हम सबके मन में एक असीम उत्साह का संचार होता है। देशभक्ति की हमारी भावना हमारे रग-रग में दौड़ रही है। आज जब हम इस तिरंगे को फहराते है तो हमें अपनी आजादी की लड़ाई के उन महान सपूतों की याद आती है जिन्होंने आजादी की लड़ाई में अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया, अपने प्राणों के बलिदान से लेकर वर्षों जेलों की सलाखों के पीछे अपनी निजी आजादी को दांव पर लगाकर हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने इस आजादी को प्राप्त किया। यह आजादी हमारे पूर्वजों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की धरोहर इसे सम्हाल कर रखना, अक्षुण बनाये रखना हर भारतीय का पहला कर्तव्य है।
आज का दिन याद दिलाता है, आजादी की लड़ाई के हमारे नायकों के त्याग, तपस्या, बलिदान और संघर्षों को। भारत की आजादी की लड़ाई का लक्ष्य भले ही सशस्त्र संग्राम से नहीं मिला लेकिन शहीद मंगल पांडे, रानी लक्ष्मीबाई से लेकर शहीद भगत सिंह, अशफाक उल्ला खां, रामप्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद, वीरनारायण सिंह जैसे महान नायकों के बलिदान ने आजादी की लड़ाई के लक्ष्य को पाने के जब्बे को मजबूत किया। बस्तर के भूकाल आंदोलन के नायक गुंडाधुर, ढेबरीधूर, झाड़ा सिरहा ने आजादी की नई राह दिखाई। महात्मा गांधी, पं. जवाहर लाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, लाला लाजपत राय, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, गोपाल कृष्ण गोखले, पं. मोतीलाल नेहरू, देशबंधु चितरंजन दास, बाबू राजेन्द्र प्रसाद, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ. भीमराव अंबेडकर, सरोजनी नायडू, आचार्य कृपलानी, लालबहादुर शास्त्री, मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसे अनगिनत महापुरूषों ने आजादी की प्राप्ति के लिए अनेक उपाय किया तथा वे हमारी आजादी की लड़ाई के ध्वज वाहक बने।
आजादी के बाद भारत के सामने बड़ी चुनौती थी, खुद को एक मजबूत स्वाबलंबी और प्रजातांत्रिक राज्य के रूप में स्थापित करने की। हमें फक्र है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार ने देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में इस काम को बखूबी किया। रियासतों में बिखरे देश को एक सूत्र में पिरोना हो या संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में भारत को स्थापित करना हो या फिर भाखड़ा नांगल बांध, हीराकुंड बांध से लेकर विशाल इस्पात संयंत्रों, भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान ( IIT), भारतीय प्रबंधन संस्थान ( IIM), अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), इसरो, सेल एवं अन्य नौरत्न कंपनियों जैसे संस्थानों की स्थापना किया, जिससे मजबूत भारत की नींव रखी गयी। पंडित नेहरू के बाद के कांग्रेस पार्टी के प्रधानमंत्रियों श्री लालबहादुर शास्त्री, श्रीमती इंदिरा गांधी, श्री राजीव गांधी, श्री नरसिम्हा राव, डॉ. मनमोहन सिंह ने स्वतंत्र भारत को विकसित भारत तक पहुंचाया। कांग्रेस के शासन काल में रखी गयी मजबूत नींव और बनाई गयी योजनाओं का परिणाम है कि आज दुनिया के सामने एक सशक्त राष्ट्र के रूप में खड़े है।
साथियों, आज देश की सत्ता पर ऐसी विचारधारा का कब्जा है जिनका योगदान आजादी की लड़ाई में शून्य था। वे आजादी की लड़ाई से लेकर भारत के नवनिर्माण तक कांग्रेस के अमूल्य योगदान पर सवाल खड़ा करने का दुस्साहस करते है। सत्ता के संरक्षण में इतिहास को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करने की साजिशें चल रही है। ऐसे में हमारा यह दायित्व बन जाता है कि हम आने वाली पीढ़ी को देश की आजादी की लड़ाई से लेकर भारत के नवनिर्माण तक कांग्रेस की भूमिका और योगदान को बताये।
साथियों, आज देश के लोकतंत्र और प्रजातांत्रिक संस्थाओं पर सत्ता के दम पर प्रहार करने की कोशिशें लगातार हो रही है। देश का युवा भ्रष्ट परीक्षा प्रणाली से लेकर भ्रष्ट चुनाव प्रणाली तक सभी से असंतुष्ट है। केंद्र सरकार युवाओं के लिए निष्पक्ष परीक्षा तक आयोजित नहीं कर पा रही है। देश का नौजवान, तरूणाई जिन्हें जेन-Z भी कहा जाता है। स्वच्छ परीक्षा प्रणाली को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर पूरे देश में आंदोलनरत रहा। इन युवाओं ने भारत के लोकतंत्र को एक नया राह दिखाने का प्रयास किया है। हमारे नेता मा. मल्लिकार्जुन खड़गे जी, मा. सोनिया गांधी जी की अगुवाई में कांग्रेस देश के लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रही है। हमारे नेता, नेता प्रतिपक्ष मा. राहुल गांधी जी ने युवाओं की आवाज को संसद से लेकर सड़क तक पुरजोर तरीके से उठाया है।
‘‘छात्रों की गूंज तथा युवा संवाद’’ के माध्यम से राहुल गांधी देश भर में युवाओं की बात सामने रख रहे है रोजगार, शिक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर लगातार सवाल खड़ा होते रहा, मतदाता सूची में हेर-फेर (SIR)से लेकर वोट चोरी, आयोग की कार्यप्रणाली से देश में असंतोष है। मा. राहुल गांधी जी देश के प्रजातंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रहे है। लोकसभा चुनाव के दौरान भी संविधान को बदलने की बातें सामने आई, लेकिन देश की जागरूक जनता ने संविधान विरोधी तत्वों की मंशा पर पानी फेर दिया। राहुल गांधी के लगातार प्रयासों का परिणाम है कि युवा स्वफूर्त आंदोलन को बाध्य हुए है।
ढाई साल के कार्यकाल में ही कोई सरकार इतनी अलोकप्रिय हो सकती है, इसका सबसे बड़ा उदाहरण छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार है, राज्य की कानून व्यवस्था बदहाल हो गयी। महिलाओं के साथ अपराधों में बढ़ोतरी हो गयी है। चाकूबाजी, हत्या, लूट, डकैती, गोलीबारी की घटनाओं से राज्य का आम आदमी अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहा है। भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो गयी है। सरकार, किसानों को खाद, बीज नहीं दे पाई, परीक्षाओं में नकल और धांधली से युवा वर्ग खुद को ठगा महसूस कर रहा है, अनियमित कर्मचारी, आंगनबाड़ी, मितानिनें, कर्मचारी वर्ग, शिक्षक सभी सरकार से नाराज है। 10,463 स्कूल बंद कर दिये गये। बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, बिजली बिल हॉफ योजना बंद कर आम आदमी को महंगी बिजली दे रही सरकार, गोठान बंद होने से मवेशी सड़कों पर मर रहे है। अपराध और नशे का गढ़ बना दिया गया है। जीएसटी की जबरिया वसूली, छोटे प्लाटो की रिजस्ट्री बंद करने से आम आदमी परेशान है। सड़कें, गड्डों का जाल बन गयी है। जल, जंगल, जमीन, खनिज संपदा पर निजी उद्योगपतियों को लुटाया जा रहा है व आदिवासियों को बेदखल किया जा रहा है। किसान खाद के लिए तरस रहे है।
साथियों कांग्रेस पार्टी इस भ्रष्ट, निकम्मी सरकार के खिलाफ लगातार संघर्ष कर रही है। कांग्रेस ने एक दर्जन से अधिक न्याय यात्राएं निकाल कर जनता के जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया है। गिरौदपुरी से राजधानी रायपुर, बस्तर में नगरनार के विनिवेशीकरण के विरोध में पदयात्रा, मुंगेली में बेटी बचाओ न्याय यात्रा, चित्रकोट से जगदलपुर इंद्रावती बचाओ न्याय यात्रा, बिलासपुर में स्वास्थ्य न्याय यात्रा, बस्तर के खनिज संसाधन बचाने किरंदुल से दंतेवाड़ा तक न्याय यात्रा के साथ विधानसभा घेराव, मुख्यमंत्री निवास घेराव, नकटी के पीड़ितों के लिए पदयात्रा, जिलों एवं प्रदेश में धरना प्रदर्शन जैसे आंदोलनों से कांग्रेस ने आम आदमी में उम्मीद की किरण जगाई है।
छत्तीसगढ़ का आम आदमी बेतहाशा बिजली के बिलों से परेशान है। भाजपा सरकार ने पांच बार बिजली के दाम बढ़ा दिया। कांग्रेस सरकार के द्वारा चलाई जा रही 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना को बंद कर दिया। स्मार्ट मीटर लगाकर उपभोक्ताओं की खपत से ज्यादा बिजली की खपत बताई जा रही। सरकार के इस लूट के खिलाफ हम जन सत्याग्रह कर रहे, प्रदेश के सभी मुहल्लों, गांवों, शहरों, कस्बों में हम लोगों के घरों में जाकर फार्म भरवा रहे जिसे लेकर हम ब्लॉक, जिलों में बिजली दफ्तरों का घेराव करेंगे। आने वाले समय में हम मुख्यमंत्री निवास का भी घेराव करेंगे।
साथियों, हमारा संगठन पूरी तरह से तैयार हो गया है। हमारा कनेक्ट सेंटर बेहतर काम कर रहा। जिलों की, ब्लॉकों की, मंडलों की कार्यकारणी से लेकर हम पंचायत, वार्ड कमेटी, बूथ कमेटियों का भी पुर्नगठन कर चुके है। हमारे जिलाध्यक्षों का प्रशिक्षण हो चुका है। हम ब्लॉकों के प्रशिक्षण की शुरूआत करने जा रहे। हम अपनी बूथ कमेटियों का भी प्रशिक्षण करेंगे। आप सबके सहयोग से हम प्रदेश में कुशासन वाली सरकार को हटाने में सफल होंगे। कांग्रेस का एक-एक सिपाही प्रदेश से भ्रष्ट और जनविरोधी सरकार को उखाड़ फेंकने को तैयार है। प्रदेश की जनता की खुशहाली और राज्य का सर्वांगीण विकास ही कांग्रेस का एक मात्र लक्ष्य है।
धन्यवाद, जय हिन्द, जय छत्तीसगढ़, जय कांग्रेस...


