हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना के आरोप में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया को अवमानना नोटिस

हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना के आरोप में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया को अवमानना नोटिस

हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना के आरोप में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया को अवमानना नोटिस

रायपुर/बिलासपुर। गरियाबंद निवासी दायसिंह ध्रुव, जो कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), गरियाबंद में ड्राइवर के पद पर पदस्थ थे, का गरियाबंद कलेक्टर द्वारा मैनपुर स्थानांतरण किया गया था। उक्त स्थानांतरण आदेश के विरुद्ध दायसिंह ध्रुव ने उच्च न्यायालय, बिलासपुर के समक्ष रिट याचिका प्रस्तुत की थी।

रिट याचिका W.P. (S) No. 12214/2025 में उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा दिनांक 16 अक्टूबर 2025 को आदेश पारित करते हुए स्वास्थ्य विभाग के सचिव को निर्देशित किया गया था कि माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा एस.के. नौशाद रहमान विरुद्ध यूनियन ऑफ इंडिया मामले में प्रतिपादित न्यायिक दृष्टांत के आधार पर याचिकाकर्ता के मामले का निर्धारित अवधि के भीतर निराकरण किया जाए।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि निर्धारित छह माह की अवधि में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया द्वारा उनके अभ्यावेदन का निराकरण तो किया गया, लेकिन स्थानांतरण आदेश को निरस्त नहीं किया गया। इससे क्षुब्ध होकर दायसिंह ध्रुव ने हाईकोर्ट के अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं ऋषभदेव साहू के माध्यम से उच्च न्यायालय, बिलासपुर में न्यायालय अवमानना याचिका Cont. No. 950/2026 प्रस्तुत की।

अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं ऋषभदेव साहू ने उच्च न्यायालय के समक्ष तर्क प्रस्तुत किया कि न्यायालय द्वारा सुप्रीम कोर्ट के एस.के. नौशाद रहमान प्रकरण में प्रतिपादित न्यायिक दृष्टांत के आधार पर याचिकाकर्ता के मामले का निर्धारित छह माह की अवधि में निराकरण करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन उक्त आदेश का अपेक्षित रूप से पालन नहीं किया गया।

अधिवक्ताओं ने न्यायालय अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 12(1) के प्रावधानों का भी उल्लेख करते हुए न्यायालय के आदेशों की अवहेलना के संबंध में कार्रवाई का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेशों के पालन में लापरवाही अथवा अवहेलना से अवमानना संबंधी मामलों में वृद्धि होती है, जिससे न्यायालय का महत्वपूर्ण समय प्रभावित होता है और अन्य मामलों की सुनवाई भी प्रभावित हो सकती है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया को अवमानना नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना के आरोप में उनके विरुद्ध न्यायालय अवमानना की कार्यवाही क्यों प्रारंभ न की जाए।

यह मामला अब उच्च न्यायालय के समक्ष आगे की सुनवाई के लिए विचाराधीन है।

संदर्भित न्यायालयीन आदेश:

उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा W.P. (S) No. 12214/2025 में दिनांक 16.10.2025 को पारित आदेश।

उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा Cont. No. 950/2026 में दिनांक 23.07.2026 को पारित आदेश।