शासकीय प्राथमिक शालाओं में एफएलएन मेला का आयोजन 14 नवम्बर को

शासकीय प्राथमिक शालाओं में एफएलएन मेला का आयोजन 14 नवम्बर को
 स्कूल शिक्षा के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) मेला का आयोजन 14 नवम्बर दिन शुक्रवार को जिले के समस्त प्राथमिक शालाओं में किया जाएगा। समग्र शिक्षा कार्यालय द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सभी शालाओं में स्टॉल का निर्माण, मेले में स्टॉल लगाने, निगरानी और देखरेख का कार्य शाला के शिक्षकों द्वारा किया जाएगा। एफएलएन मेला में गणित, भाषा, अंग्रेजी एवं बालवाड़ी से संबंधित सभी अवधारणाओं के लगाए गये स्टॉल का संचालन शाला के विद्यार्थियों के द्वारा किया जाएगा। स्टॉल में बच्चों द्वारा स्टॉल का संचालन, गतिविधि कर निर्देशों को पढ़कर दूसरे बच्चों को सुनायेंगे तथा पढ़ने में मदद करेंगे। इस पहल से प्राथमिक स्तर के बच्चों में भाषायी एवं संख्याज्ञान का विकास हो सकेगा। गौरतलब है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत प्रारंभिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता प्रदान किया जाना है।


मुख्यधारा में लौटे नक्सलियों और पीड़ित परिवारों को कृषि विभाग द्वारा दिया गया प्रशिक्षण
 हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटे नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास के लिए सरकार समुचित कदम उठा रही है। इसी कड़ी में भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के नक्सल पुनर्वास केंद्र चौगेल में कृषि विभाग द्वारा प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में शासन के विभिन्न विभागों के साथ-साथ कृषि विभाग में संचालित केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान समृद्धि योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना, शाकम्भरी योजना, कृषि यंत्र उपकरण, किसान क्रेडिट कार्ड योजना, कृषक उन्नति योजना, नगदी फसलां एवं मौसमी सब्जी खेती, किचन गार्ड में सब्जी की खेती, मुर्गीपालन, दुग्ध व्यवसाय, मछली पालन, सुकर पालन, बकरी पालन सहित कृषि एवं कृषि से सम्बंधित विभाग उद्यानिकी, मत्स्य, पशुधन विभागों की रोजगार मूलक योजनाओं का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि विभाग के उप संचालक जितेंद्र कोमरा ने कहा कि नक्सल पीड़ित परिवारों और हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटे नक्सली बेहतर जीवन के लिए कृषि एवं कृषि से सम्बंधित विभाग उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुपालन जैसे मुर्गी पालन, बकरी पालन, सुकर पालन की योजना का लाभ लेकर अपना स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकते हैं।
क्रमांक-1164/सुरेन्द्र

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भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों की शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत आवेदन आमंत्रित
जिले के भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों को शिक्षा में सहायता प्रदाय करने हेतु प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना तथा आरएमडीएफ छात्रवृत्ति योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने बताया कि केन्द्रीय सैनिक बोर्ड नई दिल्ली आरएमडीएफ (रक्षामंत्री विवेकाधीन निधि) एवं प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना का लाभ देने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आरएमडीएफ छात्रवृत्ति योजना के तहत भूतपूर्व सैनिकों/विधवाओं के बच्चे जिन्होंने वर्ष 2024-25 में परीक्षा पास की है, वे छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 है।
इसी तरह प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना हेतु सैनिकों/विधवाओं के बच्चे जो तकनीकी/व्यावसायिक पाठ्यक्रम के तहत प्रथम वर्ष में दाखिला लिए हैं तथा 12वीं कक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ परीक्षा उत्तीर्ण की है। वे प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने हेतु पात्र होंगे। इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 नवम्बर 2025 निर्धारित की गई है। यह भी बताया गया कि व्यावसायिक पाठ्यक्रम की सूची वेबसाइट ूूणेइण्हवअण्पद पर उपलब्ध है। ऑनलाइन आवेदन भरने के बाद मूल दस्तावेजों के साथ प्रमाणीकरण हेतु जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में उपस्थित होना होगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नंबर 07868-299299 पर सम्पर्क किया जा सकता है।


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अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन 08 से 16 दिसम्बर तक, आवेदन आमंत्रित
 जाट रेजिमेन्टल सेन्टर बरेली में अग्निवीर सैनिकों के विभिन्न पदों की पूर्ति हेतु भर्ती रैली का आयोजन 08 से 16 दिसम्बर के बीच बरेली में किया जाएगा। जिला सैनिक कल्याण बोर्ड कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार अग्निवीर सामान्य ड्यूटी, लिपिक एवं ट्रेड्समैन के विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। उक्त भर्ती रैली में केवल भूतपूर्व सैनिकों एवं सेवारत सैनिकों के पुत्र तथा सगे भाई ही पात्र होंगे।
इस संबंध में बताया गया कि यह भर्ती रैली युद्ध विधवाओं के पुत्रों, जाट रेजिमेंट के भूतपूर्व एवं सेवारत सैनिकों, युद्ध के दौरान शहीद एवं घायल सैनिकों के पुत्रों तथा सगे भाईयों के लिए आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त इसमें अन्य रेजिमेन्टों के भूतपूर्व एवं सेवारत सैनिकों, युद्ध के दौरान घायल सैनिकों के भाई, पुत्र तथा कानूनी रूप से गोद लिए बच्चों सहित सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भाग ले सकते हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए जिला सैनिक कल्याण बोर्ड कार्यालय, पुराना कचहरी परिसर कांकेर में सम्पर्क किया जा सकता है।