नागरिकों की शिकायतों का निराकरण अब ‘सीएम हेल्पलाइन‘ से

नागरिकों की शिकायतों का निराकरण अब ‘सीएम हेल्पलाइन‘ से
नागरिकों की शिकायतों का निराकरण अब ‘सीएम हेल्पलाइन‘ से
जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न
कलेक्टर-एसपी की उपस्थिति में पोर्टल के तकनीकी पहलुओं से अवगत हुए अधिकारी

उत्तर बस्तर कांकेर, 01 जून 2026/ शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं से संबंधित आमजन से प्राप्त शिकायतों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘‘सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली‘‘ व्यवस्था विकसित की गई है, जिसमें आमजनता की शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में पूर्ण पारदर्शिता के साथ होगा। इसके प्रभावी क्रियान्वयन, शिकायतों के समयबद्ध निराकरण तथा मैदानी स्तर पर सुचारू संचालन सुनिश्चित किये जाने के उद्देश्य से आज सुबह 10.30 बजे से जिला पंचायत के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर तथा एसपी श्री निखिल राखेचा की उपस्थिति में जिला स्तरीय प्रशिक्षण दिया गया। इसमें ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े।
कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से जनसामान्य की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। सुशासन सरकार (गुड गवर्नेंस) में इसके लिए प्रतिक्रिया आधारित एक मजबूत और जवाबदेह फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है, ताकि हर शिकायत का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। आम जनता को समर्पित इस अभिनव पहल से लोगों को सीधी पहंुच की सुविधा मिलेगी, पारदर्शिता बढे़गी और शासन-प्रशासन की सेवाओं की पहुंच हर स्तर पर अधिक सशक्त होगी। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण बिंदुओं और पोर्टल के तकनीकी पहलुओं को गंभीरता से समझने कहा।
राज्य स्तर से गठित अधिकारियों के प्रशिक्षण दल के प्रमुख एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अधिकारी श्री आर.के. शर्मा तथा सूचना प्रौद्योगिकी प्रबंधक श्री सौरभ श्रीकांत द्वारा सीएम हेल्पलाइन के प्रावधान, संचालन एवं समस्याओं के निराकरण किये जाने हेतु प्रेजंेटेशन के माध्यम से जिला स्तरीय अधिकारियों को विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया गया। इसके लिए टोल फ्री नंबर- 1076 या 18002333300 अथवा वेबसाइट के लिंक https://cmhelpline.cg.gov.in पर आम नागरिक द्वारा शिकायत दर्ज की जा सकती है। इस दौरान बताया गया कि सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली के तहत प्रदेश का कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 सहित वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप जैसे आधुनिक किसी भी मल्टी चैनल माध्यम से कॉल करके 24×7 अपनी शिकायत आसानी से दर्ज करा सकता है। शिकायत दर्ज होते ही उन्हें एक विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी, जिसके माध्यम से शिकायतकर्ता को अपनी शिकायत की पूरी स्थिति किस विभाग में, किस अधिकारी के पास लंबित है, और कार्यवाही हुई या नहीं, इसके साथ ही समाधान में कितना समय लगेगा इसके बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी। कार्यशाला में यह भी बताया गया कि शिकायत दर्ज होने के बाद उसे संबंधित विभाग और अधिकारी तक तुरंत पहंुचाया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से जुडी होगी, जिसमें हर स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और शिकायतों के अनावश्यक लंबित रहने की संभावना नहीं होगी। इसके लिए ब्लॉक, जिला, संभाग तथा राज्य स्तरीय निराकरण और निगरानी के लिए एल-1 से एल-4 तक चैनल तैयार किया गया है, जिससे शिकायतों के निराकरण की गुणवत्ता की रियल टाइम मॉनिटरिंग शासन स्तर पर की जा सकेगी।
आवेदक की संतुष्टि पर आधारित होगा समाधान
कार्यशाला में यह भी जानकारी दी गई कि नागरिकों का फीडबैक इस पूरी प्रणाली की सबसे बड़ी ताकत है। समाधान होने के बाद संबंधित नागरिक से सीधे संपर्क कर उसकी प्रतिक्रिया ली जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि समस्या का वास्तव में समाधान हुआ है या नहीं। व्यक्ति अगर समाधान से संतुष्ट होता है, तभी शिकायत का पूर्ण निराकरण माना जाएगा। लेकिन यदि काई असंतुष्ट है तो शिकायत स्वतः सक्रिय हो जाएगी। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। रियल टाइम मॉनिटरिंग की इस व्यवस्था से प्रशासन अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और सक्रिय बनेगा, जिससे आम नागरिकों की समस्याओं का तेजी से निराकरण सुनिश्चित होगा। कार्यशाला में जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर  जितेन्द्र कुर्रे, एसडीएम कांकेर  अरूण वर्मा सहित जिला स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।