पीएससी भर्ती की आयु सीमा पर प्रकाशित खबर भ्रामक, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जारी की तथ्यात्मक जानकारी

पीएससी भर्ती की आयु सीमा पर प्रकाशित खबर भ्रामक, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जारी की तथ्यात्मक जानकारी


दैनिक समाचार पत्र ‘पत्रिका’ के पेज 7 पर 19 नवंबर 2025 को प्रकाशित समाचार “30 वर्ष की उम्र में नहीं बन सकते सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर, पर पीएससी ने यही उम्र सीमा तय की” के संदर्भ में विभाग द्वारा तथ्यात्मक खंडन जारी किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि समाचार अधूरी जानकारी पर आधारित है तथा वास्तविक स्थिति इससे भिन्न है।

बिंदुवार तथ्य इस प्रकार हैं

1. आयु सीमा संबंधी जानकारी अधूरी प्रस्तुत की गई
विभाग ने बताया कि पीएससी द्वारा 17 नवंबर 2025 को सहायक प्राध्यापक के 125 पदों हेतु भर्ती विज्ञापन जारी किया गया है। विज्ञापन की कंडिका-4 में आयु सीमा का विस्तृत विवरण दिया गया है।
समाचार पत्र में केवल यह उल्लेख किया गया कि सुपर स्पेशलिटी डॉक्टरों के लिए अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि यह आधी जानकारी है।
वास्तविक स्थिति यह है कि—

छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासियों को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट प्राप्त होगी।

इस प्रकार अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष रहेगी।

इसके अतिरिक्त, विभिन्न प्रवर्गों के लिए शासन के प्रावधानों के अनुरूप आयु सीमा में छूट से संबंधित 12 उपकंडिकाओं का भी उल्लेख विज्ञापन में किया गया है।


2. कॉन्टेम्प्ट ऑफ कोर्ट का कोई मामला नहीं
समाचार में यह दावा किया गया कि निर्धारित आयु सीमा पर कॉन्टेम्प्ट ऑफ कोर्ट का मामला चल रहा है, जिसे विभाग ने असत्य और भ्रामक बताया है।
विभाग ने स्पष्ट किया कि—

वर्ष 2021 में डॉ. जोगेश बिशनदासानी द्वारा दायर याचिका एक व्यक्तिगत सेवा संबंधी प्रकरण था।

न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 25 अगस्त 2022 को उनके अभ्यावेदन का परीक्षण करते हुए इसे अस्वीकार कर दिया था।

यह प्रकरण आयु सीमा या कॉन्टेम्प्ट ऑफ कोर्ट से संबद्ध नहीं था।


विभाग ने कहा कि समाचार में प्रस्तुत तथ्य न केवल अधूरे हैं, बल्कि वास्तविक स्थिति से भिन्न होने के कारण पाठकों में भ्रम उत्पन्न करते हैं। विभाग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी भर्ती प्रक्रिया से संबंधित विश्वसनीय जानकारी के लिए केवल आयोग द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञापन तथा विभागीय सूचनाओं पर भरोसा करें।