सोनपाल के पास पुल से हो रहा आवागमन, सुदूर क्षेत्रों में 183 पुल-पुलियों के निर्माण को मिली स्वीकृति*

सोनपाल के पास पुल से हो रहा आवागमन, सुदूर क्षेत्रों में 183 पुल-पुलियों के निर्माण को मिली स्वीकृति*
सोनपाल के पास पुल से हो रहा आवागमन, सुदूर क्षेत्रों में 183 पुल-पुलियों के निर्माण को मिली स्वीकृति*
उत्तर बस्तर कांकेर, 04 सितम्बर 2026/ जिले के दुर्गूकोंदल विकासखंड के ग्राम सोनपाल के पास से बहने वाले नाले में पुल नहीं होने के कारण बरसात के मौसम में ग्रामीणों को होने वाली परेशानी संबंधी समाचार प्रकाशित होने के बाद लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग कांकेर ने इस संबंध में तथ्यात्मक जानकारी दी है।
लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग कांकेर के अनुसार, एस.एच.-26 पखांजूर-भानुप्रतापपुर मार्ग में ग्राम सोनपाल के पास बहने वाले नाले के डाउन-स्ट्रीम में पुल का निर्माण किया जा चुका है। उक्त पुल की ग्राम सोनपाल से दूरी लगभग ढाई किलोमीटर है और वर्तमान में इस पुल के माध्यम से आवागमन भी हो रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों से अपील की गई है कि बरसात के दौरान नाले में पानी का स्तर बढ़ने अथवा नाला उफान पर होने की स्थिति में जोखिमपूर्ण तरीके से नाला पार करने के बजाय निर्मित पुल का उपयोग करते हुए सुरक्षित आवागमन करें। जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में ग्रामीणों को बेहतर एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन कांकेर द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित सड़कों के ऐसे क्षेत्रों, जहां विभिन्न कारणों से पुल-पुलियों का निर्माण नहीं हो पाया है, वहां आवश्यकतानुसार खनिज न्यास निधि के माध्यम से पुल-पुलियों के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की जा रही है। वर्ष 2024-25 से लेकर वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 तक जिले में कुल 78 करोड़ 15 लाख रुपये की लागत से 183 पुल-पुलियों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इनमें वित्तीय वर्ष 2024-25 में 10 करोड़ 78 लाख रुपये की लागत से 25 पुल-पुलियों, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 53 करोड़ 52 लाख रुपये की लागत से 115 पुल-पुलियों तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में 13 करोड़ 85 लाख रुपये की लागत से 43 पुल-पुलियों के निर्माण की स्वीकृति शामिल है। जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों एवं स्थानीय ग्रामीणों की आवश्यकताओं और मांग के आधार पर सुदूरवर्ती क्षेत्रों में आवागमन सुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं।