यौमे आज़ादी (स्वतंत्रता दिवस) के अवसर पर सभी मस्जिद, दरगाह, मदरसा में तिरंगा फहराया जाये - डाॅ.सलीम राज

यौमे आज़ादी (स्वतंत्रता दिवस) के अवसर पर सभी मस्जिद, दरगाह, मदरसा में तिरंगा फहराया जाये - डाॅ.सलीम राज

यौमे आज़ादी (स्वतंत्रता दिवस) के अवसर पर सभी मस्जिद, दरगाह, मदरसा में तिरंगा फहराया जाये - डाॅ.सलीम राज

छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा यौमे आजादी (स्वतंत्रता दिवस) के अवसर पर 15 अगस्त 2026 को राज्यभर की सभी मस्जिद, मदरसा और दरगाह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील की गई है एवं कहा गया है कि, इस सम्बंध में कार्यालय छ.ग.राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा पूर्व में जो दिषा-निर्देष जारी किये गये हैं वह यथावत् रहेंगे, जिसका पालन सभी वक्फ संस्थाओं के पदाधिकारीयों को किया जाना है। यौमे आज़ादी (स्वतंत्रता दिवस) के महत्व को समझते हुए इस पर्व को देशभक्ति, आपसी एकता और भाईचारे के साथ मनाएं। 

हमारा देश सूफ़ी-संतों का देश है यहां हर जाति, धर्म, पंथ, समाज के लोग गंगा-जमुना तहज़ीब के साथ मिल-जुल कर रहते हैं। इस्लाम धर्म, मुल्क से मोहब्बत का पैगाम देता है इसलिए मुल्क की आज़ादी के इस पर्व पर देश के प्रति अपना प्रेम और संविधान के प्रति अपना कर्तव्य निभाते हुए ध्वजारोहण करना चाहिए। जो लोग ध्वजारोहण के खिलाफ है वो देशभक्त नहीं है बल्कि देशद्रोही है ऐसे लोगों को देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है उन्हें भारत छोड़कर चले जाना चाहिए जिन्हें तिरंगा फहराने से तकलीफ होती है।

भारत का मुसलमान वतन परस्त है और अपने देश से मोहब्बत करता है और देश के संविधान का हृदय से सम्मान करता है, लेकिन कुछ नामनिहाद मुसलमानो की वजह से बाकीयो को भी शक की निगाहों से देखा जाता है, हमें ऐसे नामनिहाद लोगों से बचना है और देश की आज़ादी के पर्व को एक साथ मिल-जुल के मनाकर देश की गंगा-जमुना तहज़ीब को कायम रखना है और देश के संविधान के प्रति सच्ची निष्ठा व आदर सदैव बनाये रखना है। 
जय हिन्द!