श्रमिक संगठनों ने श्रम संहिताओं के लागू होने पर श्रम कार्यालयों के साथ किया ‘’श्रमेव-जयते’’ का उद्घोष    

श्रमिक संगठनों ने श्रम संहिताओं के लागू होने पर श्रम कार्यालयों के साथ किया ‘’श्रमेव-जयते’’ का उद्घोष    

श्रमिक संगठनों ने श्रम संहिताओं के लागू होने पर श्रम कार्यालयों के साथ किया ‘’श्रमेव-जयते’’ का उद्घोष    
 कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर में मंगलवार दिनांक 25.11.2025 को  अपराह्न 3.00 बजे श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से जुडे विभिन्न विभागों के  वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रमुख मजदूर सघों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया । बैठक का उद्देश्य आजादी के बाद श्रम कानूनो में किए जा रहे अब तक के सबसे बड़े सुधार के संबंध में कर्मचारी सघों/यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ सार्थक चर्चा करना तथा सभी हितधारकों के बीच इस हेतु समन्वय स्थापित करना था । 
भविष्य निधि क्षेत्रीय कार्यालय के सभागार में आयोजित इस बैठक में उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) कार्यालय से उप श्रमायुक्त  बिधान चंद्र नायक, कर्मचारी राज्य बीमा निगम से रत्नेश राजेन्य, उप  निदेशक,  रोहित गुप्ता, उप  निदेशक  एवं  भविष्य निधि संगठन क्षेत्रीय कार्यालय से कार्यालय प्रभारी एंव क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्‍त,  जयवदन इंगले, गौरव डोगरा, क्षेत्रीय भविष्‍य निधि आयुक्‍त-।। उपस्थित थे। बैठक के  दौरान  उपस्थित अधिकारियों ने एक संयुक्त रणनीति के अंतर्गत नई श्रम संहिताओं से संबंधित विभिन्न प्रावधानों और क्रियान्वयन की प्रक्रियाओं को कर्मचारियों, नियोक्ताओं और श्रमिक संगठनों, संघों तक  प्रभावी रूप  से पहुंचाने के संबंध में विस्तार से चर्चा की ।  जयवदन इंगले, क्षेत्रीय भ.नि. आयुक्त ने बताया कि भारत सरकार द्वारा लागू की गई चारों नई श्रम संहिताएं- वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थितियां संहिता 2020 श्रम क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है । दिनांक 21 नवंबर 2025 से इन संहिताओं के लागू होने से निश्चित ही हमारा देश, एक सरल-सहज, आधुनिक और वैश्विक मानकों पर अधारित श्रम कानून और श्रम सुधारों की ओर अग्रसर होगा। बैठक के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि नई श्रम संहिताएं न केवल कार्यस्थल पर श्रमिक हितों को मजबूत करेंगी बल्कि औद्योगिक ईकाइयों को भी एक सरल, पारदर्शी और व्यवसाय सुलभ वातावरण प्रदान करेंगी।
 श्री दिनेश पाण्‍डेय प्रदेश सचिव, भारतीय मजदूर संघ ने इस सुधार का सहर्ष स्‍वागत करते हुए इसे क्रांतिकारी कदम बताया तथा श्रम कानूनों के सुधार पश्‍चात् होने वोले समग्र आर्थिक विकास में पहला कदम बताया। 
 श्री ईश्‍वर चंदेल, अध्‍यक्ष एनएफआईटीयू, ने इसे रोजगार सृजन का न केवल माध्‍यम अपितु अंसगठित क्षेत्र के मजदूरों हेतु इतिहास परिवर्तन करने वाला कदम बताया एंव अपेक्षा की,  कि इस सुधार से उनके कार्यक्षेत्र एंव उससे जुड़े विषयों पर अब तक बनें नियमों में यह सर्वश्रेष्‍ठ होगा। 
 श्री एन.पी.मिश्रा, इनटक विद्युत विभाग, ने बताया कि श्रम कानूनों के एकीकरण से 29 कानूनों का 04 में आमेलन करने से श्रम कानूनों का न केवल सरलीकरण होगा अपितु सरकारी कार्यो में परदर्शिता आएगी। साथ ही इटीएफ को भी स्‍थायी रोजगार की दिशा में महती उपलब्धि बताते हुए सराहना की।
  
  तिरूमलेश नायडू, बीआरएमएस, बीएमएस  ने 1 पंजीकरण, 1 लाईसेंस, 1 रिटर्न (विवरण) भरने वाले कदम को सभी कर्मचारियों के लिए हितकर बताया तथा इससे कहा कि ठेकेदारी प्रथा में मजदूरों के साथ होने वाला दोहन अब ना हो पायेगा। 
 क्षेत्रीय भ.नि.  आयुक्त-।।  गौरव डोगरा ने सभी विभागों के उपस्थित अधिकारियों एंव श्रमिक संघो के प्रतिनिधियों से इस दिशा में सक्रिय सहयोग/सुझाव/आपत्ति प्रदान करने का अनुरोध करते हुए कहा कि श्रम संहिताओं से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम और हितधारकों के साथ बैठकों को बढ़ाया जाएगा जिससे कि नियोक्ताओं तथा श्रमिकों को नए प्रावधानों से संबंधित जानकारियां स्पष्ट रूप से उपलब्ध हो सकें साथ ही बैठक पावर प्‍वाईंट प्रेजेंटेशन के माध्‍यम से इस विषय पर प्रकाश डाला गया तथा यह भी निर्णय लिया गया कि नियोक्ता संगठनों,कर्मचारी यूनियनों एवं अन्य हित धारकों के साथ समय-समय पर इस प्रकार की बैठकों का आयोजन करते हुए विस्तृत परामर्श सत्र आयोजन किया जाएगा एवं उनकी ओर से प्राप्‍त सुझाव/आपत्तियों/सलाह को सरकार तक सार्थक रूप से पंहुचाया जाएगा। 
इसके साथ ही उपस्थित अन्‍य संघ/ संगठन/ यूनियन प्रतिनिधियों ने सरकार के इस कदम की सराहना की एंव एक स्‍वर में इसे श्रम कानूनों के सुधार में मील का पत्‍थर बताया। जिससे कि सामाजिक सुरक्षा की सुनिश्‍चितता प्रत्‍येक कर्मचारी तक उपलब्‍ध करायी जाएगी एंव देश के श्रम कानूनों में सुदृढ़ता एंव एकात्‍मकता आएगी।    
  इस बैठक में कर्मचारी सघों प्रतिनिधि के रूप में मुख्‍य रूप से  दिनेश पाण्डेय, भिलाई इस्‍पात संयत्र एंव प्रदेश सचिव भारतीय मजदूर संघ,  ईश्‍वर चंदेल, अध्‍यक्ष एनएफआईटीयू,  रवि चौधरी, बीआईएमएस, ट्रेजरर,  एन.पी.मिश्रा, इनटक विद्युत विभाग,  अचिंत कुमार बरई, सीबीकेएस, महासंध, भारतीय मजदूर संघ,  आर.के.केशरवानी, इंटक, विद्युत विभाग,  कोमल सिंह साहू, बीएमएस,  अश्‍वनी चेलक, राज्‍य कर्मचारी संघ, बी. आर. रावत, राज्‍य कर्मचारी संघ,  पी.सोम. शेखर बीआरएमएस, रेल्‍वे डीआरएम कार्यालय,  तिरूमलेश नायडू, बीआरएमएस, भारतीय मजदूर संघ,  शिव कुमार साहू, भारतीय मजदूर संघ, रायपुर,  युवराज सिन्‍हा, विद्युत विभाग भारतीय मजदूर संघ उपस्थित थे ।