आज गुरु घासीदास सांस्कृतिक भवन न्यू राजेन्द्र नगर #रायपुर में अनुकृति फाउंडेशन एवं सतनामी महिला समिति द्वारा आयोजित "महिला शिक्षक सम्मान समारोह" का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर छत्तीसगढ़ शासन के के युवा कौशल,तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार और अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी और श्रीमती सरला कोसरिया छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के सदस्य की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
गुरु घासीदास कालोनी के मुख्य द्वार से सांस्कृतिक भवन तक गुरु जी का स्वागत पुष्प वर्षा कर व सतनाम बाल अखाड़ा के द्वारा विभिन्न करतब के साथ जय सतनाम के नारे और गाजे बाजे के साथ किया गया।
गुरु खुशवंत साहेब व अन्य अतिथियों के द्वारा छत्तीसगढ़ के महान संत परमपूज्य गुरु घासीदास बाबा जी की तैल चित्र पर पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
तत्पश्चात समस्त अतिथियों का स्वागत किया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सतनामी समाज की सेवानिवृत्त महिला शिक्षकों का शाल श्रीफल, मोमेन्टो और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।
तत्पश्चात समस्त अतिथियों के द्वारा गुरु घासीदास बाबा पर रचित सूर्यबाला कहानियों की अभियुक्त नारी संवेदना और जीवन मूल्य सत साहित्य का विमोचन किया गया।
गुरु खुशवंत साहेब ने अपने उदबोधन में गुरु घासीदास की महिमा और समाज मे उनका योगदान व सतनामी समाज की एकता और अखंडता पर प्रकाश डाला।
साथ ही अनुसूचित जाति समाज के लिए छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी द्वारा किये जा रहे समाज की धरोहर,सांस्कृतिक विरासत के बारे में विस्तृत जानकारी दी साथ ही समाज युवा वर्ग के उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए दिए जा रहे आर्थिक सहयोग के बारे में बताया, गिरोधपुरी और भंडारपुरी धाम के विकास के लिए स्वीकृत राशि की जानकारी दी साथ ही साथ मिलकर समाज की विकास और उत्थान के लिए हर संभव मदद करने का आश्वाशन दिया ।
शिक्षिकाएं घर-परिवार की धुरी होने के साथ–साथ समाज निर्माण की सशक्त आधारशिला हैं। जिस प्रकार वे परिवार में संस्कार, स्नेह एवं जिम्मेदारी का निर्वहन करती हैं, उसी समर्पण और धैर्य के साथ वे विद्यालय में ज्ञान, अनुशासन एवं प्रेरणा का संचार करती हैं।
श्रीमती सरला कोसरिया ने अपने उदबोधन में बताया कि आज इस कार्यक्रम में गुरु घासीदास बाबा जी के वंशज गुरु खुशवंत साहेब जी का सानिंध्य हम सब के लिए गौरव का क्षण है। आज महिला हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है इन्हें जिस क्षेत्र में भेज दिया जाय उस क्षेत्र में परचम लहरा रही है। महिला शिक्षक घर परिवार की हर जिम्मेदारी को निभाने के बाद भी पूरी ईमानदारी और निष्ठा पूर्वक बाहर का काम भी करती है ।
आज की नारी शिक्षिका अगली पीढ़ी को न केवल शिक्षा देती हैं, बल्कि उनमें जीवन मूल्यों, आत्मविश्वास, बेहतर भविष्य का सपना भी रोपित करती हैं।
महिलाएं मायके और ससुराल दोनों ही कुल को संस्कार और कर्तव्य निष्ठा के उच्च सोपान को स्थापित कर दोनो ही कुल को गौरान्वित करती है।
श्रीमती सरला कोसरिया ने आगे कहा कि आज छत्तीसगढ़ शासन की विष्णुदेव साय और केंद्र की मोदी सरकार से कंधा से कंधा मिलाकर महिलाओं के विकास और उत्थान के लिए अनेक योजनाएं चला रही है, और महिलाओं को 33% आरक्षण दे कर उनकी प्रतिभा को तराशने का काम किया है।
इस कार्यक्रम में स्वागत उदबोधन सतनामी समाज की महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष श्रीमती डॉ. सुनीता सोनवानी दिया ,मंच संचालन सुश्री अंजली बरमार जी और आभार प्रदर्शन श्रीमती चंपा देवी गेंदले ने किया।
इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से(सबका प्रमुख नाम) उपस्थित थे।