कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के मांग पर राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की अनेक बड़ी घोषणाएं

कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के मांग पर राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की अनेक बड़ी घोषणाएं

ऐतिहासिक कवि सम्मेलन के साथ दो दिवसीय राजा मोरध्वज  महोत्सव का हुआ भव्य समापन 

कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के मांग पर राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की अनेक बड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री साय के उपस्थिति में ऐतिहासिक कवि सम्मेलन के साथ हुआ राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव – 2026 का समापन

आरंग :– त्याग, तपस्या और धर्मपरायणता के प्रतीक महान राजा मोरध्वज की स्मृति में आयोजित दो दिवसीय राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 का समापन शुक्रवार को श्रद्धा, संस्कृति और साहित्य के संगम के साथ गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।  राजा मोरध्वज केवल इतिहास के पात्र नहीं, बल्कि त्याग, सत्य और जनकल्याण की जीवंत परंपरा हैं। उनका जीवन आज के समय में भी सुशासन, सामाजिक समरसता और राष्ट्रप्रेम का मार्ग दिखाता है। महोत्सव स्थल में आने के पहले मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव,आयोजन के संयोजक कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद – बृजमोहन अग्रवाल, विजय बघेल, सतनामी समाज के धर्मगुरु बालदास साहेब, कैबिनेट मंत्री दर्जा ध्रुव कुमार मिर्धा, पीठाधीश राजीव लोचन महराज, विधायक – रोहित साहू,  मोतीलाल साहू, इंद्र कुमार साहू, आयोग की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, डॉ वर्णिका शर्मा,आरंग पालिका अध्यक्ष डॉ संदीप जैन, जनपद अध्यक्ष टाकेश्वरी मुरली साहू सहित तमाम राजनेताओं ने बाबा बागेश्वर मंदिर पहुंचकर बाबा बागेश्वर नाथ बाबा की पूजा अर्चना कर छतीसगढ़ के समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आरंग की यह पुण्यभूमि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम के चरण-स्पर्श से तथा द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से अनुप्राणित रही है।मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति देने वाली कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने समोदा उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने और वहाँ पूर्णकालिक तहसीलदार की पदस्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही मोरध्वज महोत्सव के लिए दिए जाने वाले शासकीय अनुदान को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में प्रस्तावित खेल परिसर सहित अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने का आश्वासन भी दिया। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि राज्य सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुरूप जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सैंड आर्टिस्ट  हेमचंद साहू को रेत से भगवान श्रीकृष्ण, भगवान श्रीराम एवं भगवान बागेश्वरनाथ की दिव्य आकृतियाँ उकेरने के लिए सम्मानित किया। 

आयोजन के संयोजक एवं कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए सम्बोधित करते हुए कहा कि महोत्सव के दूसरे और अंतिम दिन सुबह से देर रात तक चले आयोजनों ने नगर को उत्सव और गौरव से सराबोर कर दिया।इसी कड़ी में सुबह 9 बजे से 12 बजे तक माता गायत्री की विधिवत यज्ञ–हवन एवं पूजन संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और हवन की पवित्र अग्नि के बीच नगरवासियों ने सुख–समृद्धि और शांति की कामना की। धार्मिक अनुष्ठान ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक स्कूल एवं कॉलेज के छात्र–छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई।देशभक्ति,लोकसंस्कृति और सामाजिक संदेशों से ओत-प्रोत नृत्य, गीत और नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों की भरपूर तालियां बटोरी है। विद्यार्थियों की प्रतिभा और अनुशासन ने मंच को जीवंत बना दिया। शाम 5 से 6 बजे तक छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोकगाथा लोरीक–चंदा की मनमोहक प्रस्तुति देउर गांव साजा से पधारे कलाकारों द्वारा दी गई। लोककथा की जीवंत प्रस्तुति ने दर्शकों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा। इसके पश्चात शाम 6 से 7 बजे तक धमतरी से आई राजा मोरध्वज की भव्य झांकी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। झांकी में राजा मोरध्वज के त्याग, बलिदान और धर्मनिष्ठ जीवन की झलक ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि महोत्सव का सबसे प्रतीक्षित क्षण अब आ गया है जब देश के प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास के कवि सम्मेलन से इस आयोजन का भव्य समापन होगा।