राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा बस्तर पण्डुम में हुईं शामिल विधायक सुश्री लता उसेंडी भी हुईं सम्मिलित
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा और बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी आज शाम कोंडागांव के स्थानीय ऑडिटोरियम में बस्तर पण्डुम के जिला स्तरीय समारोह में शामिल हुई। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। समारोह में डॉ. लकड़ा ने स्टालों का अवलोकन किया और बस्तर की जनजातीय संस्कृति से रूबरू हुए। साथ ही उन्होंने हाथ में गोदना भी गुदवाया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. आशा लकड़ा ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जनजातीय संस्कृति और परम्परा के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने जनजातीय आयोग के कार्यों के बारे में जानकारी देते हुए जनजातीय समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की बात कही।
विधायक सुश्री लता उसेंडी ने कहा कि आदिवासी संस्कृति पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है। इस समृद्ध संस्कृति को संरक्षित करने में और नए पीढ़ी को जानने और समझने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह शासन की महत्वपूर्ण पहल है।
‘‘बस्तर पण्डुम 2026’’ के जिला स्तरीय कार्यक्रम में दो दिवस में जनजातीय नृत्य, जनजातीय गीत, जनजातीय वाद्ययंत्र का प्रदर्शन, जनजातीय वेशभूषा का प्रदर्शन, जनजातीय आभूषण का प्रदर्शन और जनजातीय वन औषधि का प्रदर्शन किया गया। साथ ही जनजातीय नाट्य, जनजातीय चित्रकला, जनजातीय पेय पदार्थ का प्रदर्शन, जनजातीय व्यंजन का प्रदर्शन, जनजातीय शिल्पकला का प्रदर्शन और बस्तर आंचलिक साहित्य का प्रदर्शन किया गया। बस्तर की जनजातीय कला और संस्कृति पर आधारित कुल 12 विधाओं में कुल 536 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा, नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनीता कोर्राम, नन्दलाल राठौर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती यशोदा कश्यप जनपद उपाध्यक्ष टोमेंद्र ठाकुर और समाज प्रमुख सहित जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई और उपस्थित थीं।
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