"पद्मश्री अनुज शर्मा के छत्तीसगढ़ी सुरों से सराबोर हुआ चांपा का भालेराव मैदान, रावण दहन के महापर्व में विधायक अनुज शर्मा ने बांधा समां"

"पद्मश्री अनुज शर्मा के छत्तीसगढ़ी सुरों से सराबोर हुआ चांपा का भालेराव मैदान, रावण दहन के महापर्व में विधायक अनुज शर्मा ने बांधा समां"

"पद्मश्री अनुज शर्मा के छत्तीसगढ़ी सुरों से सराबोर हुआ चांपा का भालेराव मैदान, रावण दहन के महापर्व में विधायक अनुज शर्मा ने बांधा समां"

"अहंकार चाहे कितना भी ऊंचा हो, जीत सत्य की ही होती है: - अनुज शर्मा"


चांपा/जांजगीर-नैला::
असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का महापर्व विजयादशमी पूरे जिले में अत्यंत उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर चांपा के ऐतिहासिक भालेराव मैदान में भव्य रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण छत्तीसगढ़ के सुपरस्टार और पद्मश्री अनुज शर्मा रहे, जिनके आगमन से संपूर्ण मैदान छत्तीसगढ़िया संस्कृति के रंग में सराबोर हो उठा।

अनुज शर्मा की सांस्कृतिक प्रस्तुति पर झूमा भालेराव मैदान
विजयादशमी की इस सांस्कृतिक संध्या में सुपरस्टार अनुज शर्मा ने अपनी जादुई आवाज और ऊर्जावान प्रस्तुति से उपस्थित दर्शकों का दिल जीत लिया। उन्होंने एक से बढ़कर एक सुपरहिट छत्तीसगढ़ी भजनों और लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुतियां दीं। पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट और माता रानी के जयकारों से गूंज उठा। दर्शकों ने झूमते हुए इस भव्य आयोजन का भरपूर आनंद लिया।

नैला में 35 फीट विशाल माँ दुर्गा के दर्शन और अलौकिक लेजर शो
सांस्कृतिक कार्यक्रम के उपरांत, पद्मश्री अनुज शर्मा ने नैला-जांजगीर स्थित सुप्रसिद्ध दुर्गा पंडाल पहुंचकर माँ दुर्गा की भव्य और दिव्य 35 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा के दर्शन किए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने पंडाल में आयोजित विशेष लेजर शो का भी अवलोकन किया। आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत इस लेजर शो में हिंदू पौराणिक कथाओं, देवी-देवताओं के प्रसंगों और विजयादशमी के ऐतिहासिक महत्व का सजीव चित्रण किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

अहंकार कितना भी ऊंचा हो, जीत सदा सत्य की होती है: अनुज शर्मा
विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए सुपरस्टार अनुज शर्मा ने कहा, "चांपा की इस पावन और ऊर्जावान भूमि पर आप सभी के बीच उपस्थित होकर मेरा हृदय गदगद है। यह रावण दहन केवल एक पुतले का दहन नहीं है, बल्कि इस बात का प्रतीक है कि अहंकार कितना भी ऊंचा क्यों न हो और असत्य कितना भी शक्तिशाली क्यों न दिखे, अंततः विजय सदा धर्म, सत्य और मर्यादा की ही होती है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने आदर्शों को कभी नहीं छोड़ना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "आज जब मैंने नैला में माँ दुर्गा के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए और लेजर शो के जरिए हमारी प्राचीन कथाओं को देखा, तो भारतीय संस्कृति की महानता का गौरव जाग उठा। हमारी यह संस्कृति और संस्कार ही हमारी असली ताकत हैं।"
इस भव्य आयोजन में भारी संख्या में क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिक, जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में आम जनमानस उपस्थित रहे।