कारगिल विजय दिवस पर छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने शहीदों को नमन किया

कारगिल विजय दिवस पर छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने शहीदों को नमन किया

कारगिल विजय दिवस पर छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने शहीदों को नमन किया



रायपुर, छत्तीसगढ़ – कारगिल विजय दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने उन वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का परिचय देकर पाकिस्तान की कायराना हरकतों को विफल किया और तिरंगे की शान को बनाए रखा।

श्री सिंघोत्रा ने कहा –
"कारगिल विजय दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हमारी आज़ादी और सीमाओं की सुरक्षा हमारे वीर सैनिकों की कुर्बानियों से संभव हुई है। हम सभी देशवासियों को उनके प्रति सदैव कृतज्ञ रहना चाहिए। आज का दिन केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने का नहीं, बल्कि देश की अखंडता और एकता को बनाए रखने का संकल्प लेने का भी दिन है।"

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय सेना के तीनों अंगों – थल सेना, वायु सेना और नौसेना – के पराक्रम ने यह सिद्ध किया कि भारत की सुरक्षा किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं पड़ सकती। उन्होंने समस्त देशवासियों से अपील की कि कारगिल विजय दिवस पर शहीदों के परिजनों का सम्मान करें और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुँचाएँ।

कारगिल विजय दिवस हर वर्ष 26 जुलाई को 1999 में हुए कारगिल युद्ध में भारतीय सेना की विजय के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस युद्ध में 500 से अधिक भारतीय सैनिकों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए।

छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ,मनमोहन सिंह सैलानी,परविंदर सिंह भाटिया, सुरजीत सिंह छाबड़ा, बलविंदर सिंह सैनी, मानवेंद्र सिंह डडियाला, स्वर्णपाल सिंह चावला, परमजीत सिंह सलूजा, मनजीत सिंह भाटिया, मनदीप सिंह सलूजा, हरविंदर सिंह खालसा, गुरदीप सिंह टुटेजा, हरदीप सिंह छाबड़ा, जिला अध्यक्ष बेमेतरा, गुरमीत सिंह अरोरा जिला अध्यक्ष बिलासपुर की ओर से सभी शहीदों और उनके परिवारों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए यह संकल्प लिया गया कि समाज राष्ट्रहित में सदैव अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा।