बढ़ती महंगाई में चैन से जीना हुआ दुश्वार और अघोषित बिजली कटाई में चैन से सोना हुआ मुश्किल - विकास उपाध्याय

बढ़ती महंगाई में चैन से जीना हुआ दुश्वार और अघोषित बिजली कटाई में चैन से सोना हुआ मुश्किल - विकास उपाध्याय

बढ़ती महंगाई में चैन से जीना हुआ दुश्वार और अघोषित बिजली कटाई में चैन से सोना हुआ मुश्किल - विकास उपाध्याय

रायपुर (छ.ग.) दिनांक 27.05.2026। पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद विकास उपाध्याय ने देश में बढ़ती महंगाई और विद्युत की समस्या पर करारा प्रहार करते हुये भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर आरोप लगाया है कि देश में जिस प्रकार महंगाई आसमान छू रही है और सरकार बिजली की समस्या पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही इससे साफ प्रतीत हो रहा है कि देश में अब भाजपा सरकार चलाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उपाध्याय ने कहा कि जब से पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि हुई है तब से देश में रसोई गैस, खाने के तेल, राशन सामग्री, ट्रांसपोर्टिंग दर में भी बेतहाशा वृद्धि हो गई है। आज देश के नागरिकों की महीने की कमाई से ज्यादा उनकी जरूरतों की सामग्री के मूल्य और सुविधाओं के मूल्यों में वृद्धि हो चुकी है यही कारण है कि देश में प्रधानमंत्री जी को सोने की खरीदी, पेट्रोल-डीजल के उपयोग और नागरिकों को घर  से कार्य करने की अपील करनी पड़ी। उपाध्याय ने बताया कि जब से देश के प्रधानमंत्री जी ने अपील की है तब से आज तक चार से पाँच बार पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि की गई और ऐसा करके बीजेपी सरकार समझ रही है कि जनता को पता नहीं चलेगा और सरकार पर कोई आँच तक नहीं आयेगी ये बीजेपी सरकार जनता को छलकर महंगाई के नाम पर उनकी जेब पर डाका डालने का काम कर रही है।

उपाध्याय ने कहा कि लगातार छत्तीसगढ़ प्रदेश सहित पूरे देश में बिजली को लेकर समस्याएं आ रही है और अधिकारियों का रवैया निरंकुश नजर आ रहा है। दिनभर थक हार के व्यक्ति अपने घर में जब रात में चैन से सोना चाहता है वह सुविधा भी इंसान से यह सरकार छीनने का का काम कर रही है,लगातार जनता शिकायतें कर रही हैं लेकिन अधिकारियों के तरफ से समय पर किसी भी प्रकार की पहल नहीं की जाती। उपाध्याय ने बताया कि पूरे देश में लगातार छात्र, व्यापारी, किसान तथा घर की महिलायें बिजली विभाग के इस रवैये से त्रस्त हो चुके हैं। गर्मी के समय में अधिकांश महिलायें एवं बच्चे घर में रहते हैं लेकिन बिजली कटौती से उनका जीना दुश्वार हो गया है। उसी प्रकार छात्रों को लाईट गोल होने के कारण अपनी पढ़ाई पूरी करने में दिक्कतें आ रही हैं, जो उद्योग और व्यापार बिजली से चलता है वो लोग भी त्रस्त हो चुके हैं। लेकिन शासन की तरफ से किसी भी प्रकार की ठोस पहल नहीं की जा रही है। स्मार्ट मीटर लगाकर महंगी बिजली दर करने का काम भाजपा की सरकार ने किया है जबकि छत्तीसगढ़ प्रदेश शुरूआत से ही सरप्लस बिजली वाला प्रदेश रहा है। बिजली बिल नहीं पटाने की स्थिति में दूसरे दिन ही बिजली काटने का काम पूरी मुश्तैदी से बिजली विभाग करता है लेकिन जहाँ सुविधा देने की बात आती है, विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों को सांप सूंघ जाता है। जब उपभोक्ताओं द्वारा शिकायत करने के लिये या अपना कंप्लेंट नोट कराने के लिये सीएसईबी के अधिकारी कर्मचारी से संपर्क किया जाता है तो न ही कोई फोन उठाते हैं और समस्या संबंधित न ही कोई जवाबदारी लेने को तैयार रहते हैं। उपाध्याय ने कहा कि देश की जनता सब समझ चुकी है और सब जान भी गई है कि कैसे भारतीय जनता पार्टी की सरकार देश में अव्यवस्था, अराजकता और महंगाई को बढ़ावा दे रही है।