चावल और दाल के दाम आसमान पर - कन्हैया

चावल और दाल के दाम आसमान पर - कन्हैया

चावल और दाल के दाम आसमान पर - कन्हैया
केंद्र और राज्य सरकार की प्रशासनिक अक्षमता से बिगड़ रहा रसोई का बजट: कन्हैया 
 बंपर स्टॉक के बावजूद 15 दिनों में चावल के दाम 20% तक बढ़े..
 भारत ब्रांड चावल, आटा, दाल और प्याज की बिक्री बंद कर सरकार जमाखोरों और सट्टेबाजों को पहुंचा रही फायदा: कन्हैया 
 गोदामों में अनाज सड़ रहा है और जनता महंगाई से त्रस्त है, यह विशुद्ध रूप से कुप्रबंधन का नतीजा....

रायपुर। देश में खाद्यान्न का बंपर स्टॉक होने के बावजूद पिछले 15 दिनों में चावल और दालों की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की प्रशासनिक और राजनीतिक अक्षमता के कारण आज देश और प्रदेश के हर घर का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है।
           *अनाज का रिकॉर्ड स्टॉक, फिर भी 20% तक बढ़े दाम"
कन्हैया अग्रवाल ने सरकार को घेरते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को 'धान का कटोरा' कहा जाता है और देश व राज्य के गोदामों में लाखों मीट्रिक टन चावल और धान भरा पड़ा है। इसके बावजूद पिछले दो हफ़्तों में खुदरा बाजार में चावल के दाम में 15 से 20 प्रतिशत और दालों के दामों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है । उन्होंने सवाल उठाया कि "जब गोदामों में अनाज भरा है, तो बाजार में कीमतें क्यों भाग रही हैं? यह सरकार की नीतियों की नाकामी और बाजार पर नियंत्रण खोने का प्रत्यक्ष प्रमाण है।"
भारत ब्रांड' की बिक्री बंद कर जमाखोरों को पहुंचाया जा रहा फायदा
प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने आरोप लगाया कि ऐसे संकट के समय जब आम जनता महंगाई से परेशान है, केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'भारत ब्रांड' (भारत चावल, भारत दाल, भारत आटा और प्याज) का रियायती वितरण NAFED और NCCF के आउटलेट्स पर अचानक बंद या ठप कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी बफर स्टॉक को बाजार में उतारने के बजाय सप्लाई रोककर सीधे तौर पर बड़े कारोबारियों और जमाखोरों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, ताकि वे कृत्रिम किल्लत पैदा कर मुनाफाखोरी कर सकें।
गोदामों में सड़ रहा अनाज, सट्टेबाजी पर नकेल कसने में नाकाम सरकार
कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि एक तरफ छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक लापरवाही और कस्टम मिलिंग की सुस्त प्रक्रिया के कारण हजारों टन धान और चावल खुले आसमान के नीचे सड़ जाता है, वहीं दूसरी तरफ आम उपभोक्ता को महंगे दामों पर राशन खरीदना पड़ रहा है। SEBI और वायदा कारोबार के नियमों के बावजूद सट्टेबाज और बड़े बिचौलिए बाजार को नियंत्रित कर रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी बैठी है।
     कन्हैया अग्रवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि महंगाई का सीधा असर हर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार की थाली पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार तत्काल प्रभाव से  बफर स्टॉक से चावल और दालों को खुले बाजार में उपलब्ध कराए, 'भारत ब्रांड' की रियायती बिक्री को तुरंत युद्धस्तर पर शुरू किया और जमाखोरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ।