गुजरात के सभी मंत्रियों ने दिया इस्तीफा : बड़ा राजनीतिक उलट फेर
गुजरात के सभी मंत्रियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा — सियासी बदलाव की नई योजना
गुजरात में एक बड़े राजनीतिक बदलाव का सिलसिला शुरू हो गया है — राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को छोड़ कर सभी 16 मंत्रियों ने गुरुवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
मुख्यमंत्री पद पर भूपेंद्र पटेल विराजमान हैं, लेकिन मंत्रिमंडल पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है और कल नए मंत्रियों की शपथ ग्रहण की संभावना है।
इस्तीफे के पीछे के कारण
कैबिनेट विस्तार की तैयारी है क्योंकि गुजरात में 27 मंत्री बनाए जा सकते थे परंतु वर्तमान में गुजरात में 16 मंत्री कार्यरत हैं
इसलिए मंत्रिमंडल विस्तार के पहले सभी मंत्रियों के स्तीफे लेकर कुछ नया करने की योजना नजर आ रही है अर्थात मंत्रिमंडल में अधिकांश नए चेहरे शामिल किया जा सकते हैं |
हो सकता है आगामी नगर निकाय चुनावों को देखते हुए भाजपा सरकार ने यह कदम उठाया है ताकि जनता के बीच नई ऊर्जा और भरोसा पैदा किया जा सके।
साथ ही “मोदी फॉर्मूला” का हवाला दिया जा रहा है — यानी सरकार समय-समय पर बदलाव करती है ताकि विरोधी दलों को चौंका सके।
नई सरकार में सामाजिक समूहों और भौगोलिक हिस्सों का संतुलन ध्यान में रखा जाना है। यह माना जा रहा है कि नए मंत्री नेतृत्व के अंतिम फैसलों के अनुरूप हिंदू सामाजिक समीकरणों, जातीय समीकरणों और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखेंगे।
पुराने मंत्रियों को हटाकर या कुछ को फिर से शामिल कर अन्य मामलों में जिम्मेदारियाँ देने की योजना हो सकती है, पुराने मंत्रियों को पार्टी संगठन, लोक प्रतिनिधित्व देकर नया समीकरण बनाया जा सकता है |
मंत्रिपटल से बाहर किये जाने वालों को पार्टी संगठन या अन्य पद दिए जाने की उम्मीद है।
उपमुख्यमंत्री पद की दौड़ भी तेज हुई है क्योंकि नए फार्मूले के अनुसार भाजपा द्वारा हर प्रदेश में दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा रहे हैं |
नए मंत्रियों की शपथ ग्रहण समारोह शुक्रवार को आयोजित होने की संभावना है।
चयनित मंत्रियों की घोषणा पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री की अंतिम स्वीकृति के बाद होगी।
लगातार बदलते राजनीतिक हालात में यह देखा जाना है कि किसे कितनी बड़ी जिम्मेदारी दी जाती है और कौन बाहर रह जाता है।
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